For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गमख्वार समझा था मक्कार निकला- बैजनाथ शर्मा 'मिंटू'

बैजनाथ शर्मा 'मिंट'

अरकान - 122  122  122  122

गमख्वार समझा था मक्कार निकला|

जो दिखता था सज्जन गुनहगार निकला|

 

जिसे नासमझ हम समझते थे यारों ,

वो मुझसे भी ज्यादा समझदार निकला|

 

खुशामद की जिसको है हासिल अदाएँ,

वही जग में यारों अदाकार निकला|

 

हँसी दे के जो ले ज़माने के आँसू,

वही यार सच्चा खरीदार निकला|

 

न जीते-जी पूछे गए जिसके नगमें,

वही बाद मरने के फनकार निकला|

मौलिक व अप्रकाशित 

 

 

Views: 1481

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by DR. BAIJNATH SHARMA'MINTU' on December 23, 2015 at 5:24pm

आदरणीय मिथलेश वामनकर साहेब...... मार्ग दर्शन के लिए .....आभारी हूँ | 

Comment by DR. BAIJNATH SHARMA'MINTU' on December 23, 2015 at 5:23pm

आदरणीय श्याम वर्मा जी,  आदरणीया कान्ता राय जी ............ शुक्रिया 

Comment by kanta roy on December 22, 2015 at 12:36pm

जिसे नासमझ हम समझते थे यारों ,
वो मुझसे भी ज्यादा समझदार निकला-----वाह !!!! क्या खूब समझदारी की बात हुई कही है। ग़ज़ल बड़ी ही शानदार हुई है आपकी आदरणीय बैजनाथ जी , बधाई कबूल फरमाइए।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on December 22, 2015 at 12:10am

आदरणीय बहुत बढ़िया ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई 

जिसे समझा गमख्वार, मक्कार निकला|........... मिसरा बेबह्र हो रहा था 

जो दिखता था सज्जन गुनहगार निकला|

 

जिसे नासमझ हम समझते थे यारो ,

वो हमसे भी ज्यादा समझदार निकला|.............. शुतुर्गुरबा के कारण 

 

खुशामद की जिसको है हासिल अदाएँ,

वही जग में यारो अदाकार निकला|................... यारो.... संबोधन के कारण 

 

सादर 

Comment by Shyam Narain Verma on December 21, 2015 at 3:00pm
बहुत खूब ॥ आपको हार्दिक बधाइयाँ ॥
Comment by DR. BAIJNATH SHARMA'MINTU' on December 18, 2015 at 11:04pm

आदरणीय कबीर साहेब ...............शुक्रिया |    मैं पुन: देख लेता हूं | 

Comment by DR. BAIJNATH SHARMA'MINTU' on December 18, 2015 at 11:02pm

आदरणीय सारथी साहेब .....शुक्रिया

Comment by Samar kabeer on December 18, 2015 at 10:50pm
जनाब 'मिंटू' जी आदाब,ग़ज़ल आपने अच्छी कही है लेकिन मतले का ऊला मिसरा मुझे लय में नहीं लग रहा है ,और आपकी ग़ज़ल के इस शैर में :–

"जिसे नासमझ हम समझते थे यारों ,
वो मुझसे भी ज्यादा समझदार निकला"

आपके इस शैर में 'शुतर गुर्बा' का दोष आ गया है,बाक़ी ग़ज़ल के अशआर पसंद आए,बधाई स्वीकार करें ।
Comment by Saarthi Baidyanath on December 18, 2015 at 4:28pm

वही बाद मरने के फनकार निकला|...क्या बात 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
12 hours ago
Admin posted discussions
13 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
13 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service