For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दीवानगी एक रोग (लघुकथा)/सतविंदर कुमार

मित्र के घर कि ओर जाना हुआ।घर के दरवाज़े पर दस्तक दी।दरवाज़ा खुला।पर दरवाज़ा खोलने वाले के चेहरे पर अज़ीब सा रूखापन।बहुत ही संक्षिप्त सा अभिवादन।चेहरा ही बहुत कुछ बोल रहा था।मित्र के बेटे का ,जिसने दरवाज़ा खोला ।घर से दूर हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता है।ऐसा रूखापन उसके चेहरे पर पहले कभी नहीं देखा।वह बहुत हंसमुख और जिंदादिल लड़का है।आज उसकी भावभँगिमा शिकायत सी करती प्रतीत हो रही थी।
उसकी शिक्षा से सम्बन्धी बात हुई।फिर हाल चाल पूछा और अपने मित्र के बारे में पूछा।लड़के ने आश्चचर्य से देखा।उसका ऎसे देखना अचंभित कर गया।
मित्र कागजों और फाइलों को मेज पर फैलाए घर के एक कोने को ऑफिस बनाए काम में मग्न।पर उसकी हरकतें सामान्य नहीं थी।उसे टोका तो भी सही उत्तर न मिला।मन खिन्न हुआ।लड़के से पूछा,"अरे भई! इतना भी क्या काम कि छुट्टी के दिन भी ये हाल?न अपनी फ़िक्र न ही अपने किसी अज़ीज़ की?"
"ये ऑफिस नहीं जाते।"
लड़के ने रुंधे कण्ठ से कहा।
"मतलब? फिर ये काम क्यों?"
हैरत से पूछा।
"दीवानगी है।"
"ऐसा क्यों?"
"काम से प्यार,ईमानदारी और सहकर्मी दोस्तों द्वारा असीम सहयोग...?"
वह बोलते-बोलते फफक पड़ा।
मन दुःखी था और मस्तिष्क उसकी बात के मायने जानने की कोशिश कर रहा था।

मौलिक एवम् अप्रकाशित

Views: 568

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on February 22, 2016 at 3:16pm
बहुत बहुत हार्दिक आभार आदरणीया राहिला जी, स्नेहिल प्रोत्साहन के लिए।।
Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on February 15, 2016 at 7:16am
बहुत बहुत हार्दिक आभार आदरणीय शेख शहज़ाद जी।नमन
Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on February 15, 2016 at 7:15am
स्नेहिल प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार आदरणीय तेजवीर जी।नमन
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on February 14, 2016 at 8:18pm
बेहद भावपूर्ण विचारणीय संदेश वाहक प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत हार्दिक बधाई आपको आदरणीय सतविंदर कुमार जी।
Comment by TEJ VEER SINGH on February 14, 2016 at 5:37pm

हार्दिक बधाई आदरणीय सतविंदर जी!बेहतरीन प्रस्तुति!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Saturday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Saturday
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service