For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दिलों को लूटती मेरी ग़ज़ल (राज)

१२२२ १२२२ १२

जदल से ऊबती मेरी ग़ज़ल

मुहब्बत ढूँढती मेरी ग़ज़ल

 

कहाँ वो प्यार उल्फ़त का जहाँ 

कलम से पूछती मेरी ग़ज़ल

 

कदूरत के समंदर चार सू

किनारा ढूँढती मेरी ग़ज़ल

 

न खिड़की है न रोशनदान है

जिया बिन सूखती मेरी ग़ज़ल

 

सुलगते तल्खियों के अर्श पे

सितारे  गूँथती मेरी ग़ज़ल

 

लिखे हर बार लफड़े रोज के

कसम से टूटती मेरी ग़ज़ल

 

अमन का रंग गर मिलता यहाँ

दिलों को लूटती मेरी ग़ज़ल

 

ख़ुलूसे-उल्फतों का जाम पी

नशे में झूमती मेरी ग़ज़ल 

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Views: 745

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 6, 2016 at 10:16am

आ० सुशील सरना जी ,आपको ग़ज़ल पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ इस उत्साह वर्धन के लिए दिल से बहुत बहुत आभार |

Comment by Sushil Sarna on April 5, 2016 at 8:22pm

अमन का रंग गर मिलता यहाँ
दिलों को लूटती मेरी ग़ज़ल

ख़ुलूसे-उल्फतों का जाम पी
नशे में झूमती मेरी ग़ज़ल

वाह आदरणीया राजेश कुमारी जी बहुत खूब इस खूबसूरत महकती ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 5, 2016 at 11:45am

आ०  लक्ष्मण धामी भैय्या,इस उत्साह वर्धन करती  प्रतिक्रिया के लिए दिल से आभार  

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on April 5, 2016 at 11:02am

आ० राजेश दी इस बेहतरीन ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई l


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 5, 2016 at 10:43am

आ० निलेश जी ,ग़ज़ल पर शिरकत करने और दाद देने के लिए तहे दिल से शुक्रिया .


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 5, 2016 at 10:42am

मनोज कुमार एहसास जी दिल बहुत- बहुत शुक्रिया .


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 5, 2016 at 10:41am

आ० डॉ० गोपाल भाई जी अपने सुन्दर शेर से  मेरी ग़ज़ल की दाद के लिए तहे दिल से आभार स्वीकारें मेरा लिखना सार्थक हुआ सादर .

Comment by Nilesh Shevgaonkar on April 5, 2016 at 10:33am

वाह वाह ,,बहुत ख़ूब ...

Comment by मनोज अहसास on April 5, 2016 at 10:19am
बहुत बहुत शुभकामनायें
इस खूबसूरत ग़ज़ल के लिए आदरणीया
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on April 5, 2016 at 10:12am

नहीं आसान है तेरी गजल 

बहन वरदान है तेरी गजल -------- सादर . 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
6 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
7 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला गर किसी को भूल गया इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात…"
7 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक राज कपूर जी नमस्कार बहुत- बहुत धन्यवाद आपका आपने समय निकाला ग़ज़ल तक आए और ऐसी बेहतरीन…"
8 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता 'अजेय' जी नमस्कार बहुत धन्यवाद आपका आपने समय दिया आपने सहीह फ़रमाया गुणी…"
8 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक…"
8 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात ही को भूल गया "
8 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इस सुझाव को विशेष रूप से रूहानी नज़रिये से भी देखेंहुस्न मुझ पर सवार होने सेशेष सारी कमी को भूल…"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, अभिवादन व आभार।"
12 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"हार्दिक आभार आदरणीय "
13 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार  बहुत शुक्रिया आपका  सादर "
14 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक जी सादर अभिवादन  बहुत बहुत धन्यवाद आपका  बहुत अच्छे सुझाव हैं ग़ज़लमें निखार…"
14 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service