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ग़ज़ल (हमें गुज़रा ज़माना याद आया ) -----------------------------------------------


ग़ज़ल (हमें गुज़रा ज़माना याद आया )
-----------------------------------------------
मफाईलुन---मफाईलुन---- फऊलन

मुहब्बत का फसाना याद आया |
हमें गुज़रा ज़माना याद आया |

बनी है जान की दुश्मन शबे गम
कोई साथी पुराना याद आया |

शबे गम चैन भी आएगा कैसे
वो फिर ज़ालिम यगाना याद आया |

न जब इज़्ज़त मिली परदेस जा कर
वतन का आब दाना याद आया |

मिलीं जब ठोकरें हर एक दर से
मुझे उनका ठिकाना याद आया |

बड़ी मुश्किल से तन्हाई मिली है
उन्हें घर का बहाना याद आया |

यूँ ही तस्दीक़ मैं खोया नहीं हूँ
किसी का मुझको गाना याद आया |

(मौलिक व अप्रकाशित )

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Comment

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Comment by Tasdiq Ahmed Khan on December 17, 2016 at 8:21pm

जनाब आशुतोष साहिब ,  ग़ज़ल में शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया ---

Comment by Dr Ashutosh Mishra on December 16, 2016 at 11:19pm
आदरणीय तस्दीक़ जी इस उम्दा ग़ज़ल के लिये हार्दिक बधाई सादर
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on December 15, 2016 at 7:43pm

जनाब सुरेंद्र नाथ साहिब , ग़ज़ल में शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया --

Comment by नाथ सोनांचली on December 15, 2016 at 3:02am
आदरणीय तस्दीक जी सादर अभिवादन, बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने। हार्दिक बधाई।
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on December 14, 2016 at 8:18pm

मुहतरम जनाब  रवि   साहिब , ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ---

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on December 14, 2016 at 8:17pm

मुहतरम जनाब  महेंद्र कुमार  साहिब , ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ---

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on December 14, 2016 at 8:17pm

मुहतरम जनाब मिथिलेश साहिब , ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ---

Comment by Ravi Shukla on December 14, 2016 at 1:41pm

आदरणीय तस्दीक जी, बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने। हार्दिक बधाई।

Comment by Mahendra Kumar on December 14, 2016 at 9:52am
बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही आपने आदरणीय तस्दीक़ जी। मेरी तरफ से हार्दिक ढेर सारी बधाई। सादर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on December 14, 2016 at 12:51am

आदरणीय तस्दीक जी, बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने. दाद और मुबारकबाद कुबूल फरमाएं. सादर 

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