For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

शाम-ए-रंगीं  गुलबदन गुलफा़म है : सलीम रज़ा रीवा ग़ज़ल

2122 2122 212
..
शाम-ए-रंगीं  गुलबदन गुलफा़म है
मिल गए तुम जाम का क्या काम है
.. 
ये वज़ीफा़ मेरा सुब्ह-ओ-शाम है
मेरे लब पे सिर्फ तेरा नाम है
..
तू मिला मुझको सभी कुछ मिल गया
ये मुक़द्दर का बड़ा इनआम है

तुम हो सांसों में तुम्ही धड़कन में हो
ज़िन्दगी मेरी  तुम्हारे  नाम  है
..
हम किसी से दुश्मनी करते नहीं
दोस्ती तो प्यार  का  पैग़ाम है 
..
मेरा घर खुशिओं से है फूला फला 
मेरे रब का ये  बड़ा  इनआम है
..
दोस्ती उससे  मुनासिब  है  नहीं 
शह्र की गलिओं में जो बदनाम है
..
आ गए हैं प्यार के हम शह्र में
अब  यहाँ आराम ही आराम है
..
पा के सुर्खी़ आपके रुख़सार की
ख़ूबसूरत आज कितनी शाम है
..
लोग कहते हैं बुरा कहते रहें
साफ़ गोई में''रज़ा''बदनाम है
..
मौलिक व अप्रकाशित
सलीम रज़ा रीवा

Views: 937

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by SALIM RAZA REWA on October 11, 2017 at 10:25pm
आ. सुशील जी.
आपकी महब्बत के लिए शुक्रिया.
Comment by Sushil Sarna on October 11, 2017 at 7:57pm

पा के सुर्खी़ आपके रुख़सार की
ख़ूबसूरत आज कितनी शाम है
..
लोग कहते हैं बुरा कहते रहें
साफ़ गोई में''रज़ा''बदनाम है

बहुत खूब आदरणीय रज़ा साहिब .. बड़े ही खूबसूरत अहसास पिरोये हैं आपने अपनी इस बेहतरीन ग़ज़ल में। हार्दिक बधाई स्वीकारें सर।

Comment by SALIM RAZA REWA on October 11, 2017 at 6:59pm
आ. नीलेश जी,
आपकी नज़रे इनायत के लिए शुक्रिया.
Comment by Nilesh Shevgaonkar on October 11, 2017 at 1:43pm

आ. सलीम साहब ..
अच्छी ग़ज़ल हुई है .. शेर-दर-शेर बधाई स्वीकार करें 
सादर 

Comment by SALIM RAZA REWA on October 11, 2017 at 10:50am
आली जनाब समर साहब,
आपकी नज़रे इनायत के लिए शुक्रिया, आपकी इस नाचीज़ पर करम देखकर दिल बाग़ बाग़ हो गया, ख़ुदा आपको खुशहाल ज़िंदगी अता करे, और आपकी हम पर सरपरस्ती क़ायम रहे..
Comment by Samar kabeer on October 10, 2017 at 8:39pm
जनाब सलीम रज़ा साहिब आदाब,आपकी ग़ज़लें बहुत ख़ूबसूरत होती हैं,और उनमें रिवायत का रंग चार चाँद लगा देता है,बड़ी मिहनत से ग़ज़ल कहते हैं आप,और सबसे अच्छी बात ये कि अपनी ग़ज़लों में बहतर बदलाव के मुतलाशी भी रहते हैं ।
बहुत ख़ूब वाह, बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है,शैर दर शैर दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।
Comment by SALIM RAZA REWA on October 10, 2017 at 8:02am
आ. सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी,
आपकी नज़रे इनायत के लिए शुक्रिया, अपकी मुहब्बत सलामत रहे....
Comment by नाथ सोनांचली on October 10, 2017 at 4:26am
.हम किसी से दुश्मनी करते नहीं
दोस्ती तो प्यार का पैग़ाम है || वाह सलीम भाई वाह
मेरा घर खुशिओं से है फूला फला
मेरे रब का ये बड़ा इनआम है .. काबिलेतारीफ

दोस्ती उससे मुनासिब है नहीं
शह्र की गलिओं में जो बदनाम है
उम्दा ख़याल
आद0 सलीम साहब सादर अभिवादन, बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। शैर दर शैर दाद और मुबारकबाद पेश करता हूँ।
Comment by नाथ सोनांचली on October 10, 2017 at 4:26am
.हम किसी से दुश्मनी करते नहीं
दोस्ती तो प्यार का पैग़ाम है || वाह सलीम भाई वाह
मेरा घर खुशिओं से है फूला फला
मेरे रब का ये बड़ा इनआम है .. काबिलेतारीफ

दोस्ती उससे मुनासिब है नहीं
शह्र की गलिओं में जो बदनाम है
उम्दा ख़याल
आद0 सलीम साहब सादर अभिवादन, बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। शैर दर शैर दाद और मुबारकबाद पेश करता हूँ।
Comment by SALIM RAZA REWA on October 9, 2017 at 7:40pm
जनाब राज़ साहिब,
आपकी नज़रे इनायत के लिए शुक्रिया,

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"इल्म गिरवी है अभी अपनी जहालत के लिए ढूँढ लो क़ौम नयी अब तो बग़ावत के लिए अब अगर नाक कटानी ही है हज़रत…"
23 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"आ. रिचा जी, सादर अभिवादन। तरही मिसरे पर सुंदर गजल हुई है। गिरह भी खूब लगाई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"2122, 1122, 1122, 112/22 सर झुका देते हैं हम उसकी इबादत के लिए एक दिल चाहिए हमको तो मुहब्बत के…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सादर अभिवादन।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सर कोई जब न उठा सच की हिमायत के लिएकर्बला   साथ   चले   कौन …"
Saturday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
" स्वागतम "
Friday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 190 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा नौजवान शायर…See More
Apr 21
आशीष यादव posted a blog post

मशीनी मनुष्य

आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत…See More
Apr 20
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
Apr 19
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
Apr 19
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
Apr 19
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक धन्यवाद आभार आपका"
Apr 19

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service