For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल - यूँ ही गाल बजाते रहिये

यूँ ही गाल बजाते रहिये।
भोंपू सा चिल्लाते रहिये।

अपना उल्लू सीधा करके,
दो का चार बनाते रहिये।

जिससे काम बने बस वो ही,
पट्टी रोज पढ़ाते रहिये।

सूरज उगने ही वाला है,
ये एहसास कराते रहिये।

हम प्रतिपालक हम हैं रक्षक,
चीख चीखकर गाते रहिये।

जीती बाजी हार न जायें,
दाँव पेंच दिखलाते रहिये।

जिनको राह के रोड़े समझें
उनको रोज हटाते रहिये।

मौलिक एवं अप्रकाशित रचना

Views: 1056

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on October 24, 2017 at 1:29pm
आदरणीय सलीम रज़ा साहब आपका बहुत बहुत शुक्रिया।
Comment by Ram Awadh VIshwakarma on October 24, 2017 at 1:27pm
आदरणीय जयनित कुमार मेहता जी ग़ज़ल सराहना के लिये सादर धन्यवाद।
Comment by Ram Awadh VIshwakarma on October 24, 2017 at 1:25pm
आदरणीया राजेश कुमारी जी सादर धन्यवाद
Comment by SALIM RAZA REWA on October 24, 2017 at 12:53pm
आ.
अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारक़बाद.
Comment by जयनित कुमार मेहता on October 24, 2017 at 12:37pm
उम्दा ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई आपको, आदरणीय राम अवध विश्वकर्मा जी।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on October 23, 2017 at 7:46pm

बहुत सुन्दर ग़ज़ल हुई है आद० राम अवध जी शेर दर शेर बधाई लीजिये \ आद० समर भाई जी का सुझाव स्वागतीय है 

Comment by Samar kabeer on October 23, 2017 at 7:23pm
'दाँव पेंच दिखलाते रहिये'
इस मिसरे को यूँ कर सकते हैं:-
'दाँव नये दिखलाते रहिये'
आपकी पूरी ग़ज़ल ही फेलुन फेलुन फेलुन फेलुन पर है ।
ग़ज़ल के साथ अरकान भी लिख दिया करें,ये इस मंच का नियम है ।
Comment by Ram Awadh VIshwakarma on October 23, 2017 at 6:41pm
आदरणीय कबीर साहब जी आपके इस्लाह के अनुसार मैं ग़ज़ल मेंसुधार कर लूँगा। आपका बहुत बहुत शुक्रिया।
"दाँव पेंच दिखलाते रहिये" क्या यह मिसरा फैलुन फैलुन वाली बह्र में है। यदि नहीं तो क्या सुधार करना आवश्यक है। क्योंकि यहाँ फायलात हो जाता है तख्ती करने पर।
Comment by Ram Awadh VIshwakarma on October 23, 2017 at 6:35pm
आदरणीय कुशक्षत्रप साहब ग़ज़ल की सराहना के लिये धन्यवाद . मैं लगभग दो साल बाद ओपेन बुक्स आन लाइन से पुन:जजुड़ा इसलिये बह्र लिखने का ध्यान नहीं रहा। भविष्य में अवश्य लिखूँगा।।
Comment by Samar kabeer on October 23, 2017 at 5:55pm
जनाब राम अवध जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें ।
'ये एहसास कराते रहिये'
इस मिसरे को यूँ करना उचित होगा:-
'ये एहसास दिलाते रहिये'

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"नीचे आए हुए संदेशों से यह स्पष्ट है कि अब भी कुछ लोग हैं जो जलते शहर को बचाने के लिए पानी आँख में…"
18 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय जी  ओबीओ को बन्द करने की सूचना बहुत दुखद है । बहुत लम्बे समय से इसके साथ जुड़ा हूँ कुछ…"
18 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओबीओ से पिछले बारह साल से जुड़ी हूँ। इसके बंद हो जाने की बात से मन भारी हो रहा है।मेरे कच्चे-पक्के…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर,           जब ऐसा लगता था धीरे-धीरे सभी नियमित सदस्यों के पास…"
yesterday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जिस प्रकार हम लाइव तरही मुशायरा, चित्र से काव्य तक, obo लाइव महा उत्सव इत्यादि का आयोजन करते हैं…"
Saturday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मैं लगभग 10 वर्ष पहले इस मंच से जुड़ा, बहुत कुछ सीखने को मिला। पारिवारिक व्यस्तता के कारण लगभग सोशल…"
Saturday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर हमारे समूह में कोई व्यवसायी हैं और उनके पास कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड्स हों तो वे इसके…"
Saturday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सदस्यों में रुचि के अभाव ने इसे बंद करने के विचार का सूत्रपात किया है। ऐसा लगने लगा था कि मंच को…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" एक दुखद स्थिति बन रही है. लेकिन यह नई नहीं है. जब आत्मीयजनों और ओबीओ के समृद्ध सदस्यों की…"
Saturday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मै मंच के प्रारंभिक दिनों से ही जुड़ा हुआ हूं। इसका बंद होना बहुत दुखद होगा। मुझे लगता है कि कुछ…"
Saturday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय गणेश जी, जितना कष्ट आपको यह सूचना देते हुए हो रहा है, उतना ही कष्ट हम सब को यह सुनने में हो…"
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दु:खद "
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service