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ग़ज़ल-प्रयास में असफल लोग नामुराद नहीं |-कालीपद 'प्रसाद'

काफिया : आद ,रदीफ़ : नहीं

बहर : १२१२  ११२२  १२१२  ११२ (२२)

अभी किसी को’ भी’ नेता पे’ एतिकाद नहीं

प्रयास में असफल लोग नामुराद नहीं |

किये तमाम मनोहर करार, सब गए भूल

चुनाव बाद, वचन रहनुमा को’ याद नहीं |

गरीब सब हुए’ मुहताज़, रहनुमा लखपति

कहा जनाब ने’ सिद्धांत अर्थवाद नहीं |

जिहाद हो या’ को’ई और, कत्ल धर्म के’ नाम

मतान्ध लोग समझते हैं’, उग्रवाद नहीं  |

कृषक सभी है’ दुखी दीन, गाँव में बसते

वो’ घोषणाएँ’ भलाई की’, ग्राम्यवाद नहीं |

हरेक धर्म में’ कुछ बात काबिले तारीफ़

को’ई भी’ धर्म कभी होता’ शुन्यवाद नहीं |

को’ई भी’ बात में’ विश्वास जो करे बिना’सोच

इसे कहे सभी’ धर्मान्ध, वुद्धिवाद नहीं  |

करे यकीन सभी वाद में, सही हैं’ सभी

विवेक पर करे’ विश्वास, भूतवाद नहीं|

सभी चुनाव सभा में बवाल हो जाते

कि धर्म जलसा’ में’ कुछ फ़ित्ना’-ओ-फसाद नहीं |

 शब्दार्थ अर्थवाद= पूंजीवाद    

 ग्राम्यवाद-गाँव/गाँववासी की बराबर उन्नति के कार्य   

शुन्यवाद=जिसमे ज्ञान और सत्य का कोई मूल और

वास्तविक आधार न हो |

भूतवाद=भौतिकवाद

मौलिक और अप्रकाशित 

 

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Comment by नाथ सोनांचली on December 11, 2017 at 4:56am

आद0 कालीपद प्रसाद मंडल जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल के बेहतरीनप्रस्तुति पर शैर दर शैर  मुबारकबाद कुबूल करें। सादर

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on December 9, 2017 at 5:32pm

आदर्णीय कालीपद प्रसाद जी खूबसूरत ग़ज़ल के लिये बधाई।

Comment by SALIM RAZA REWA on December 8, 2017 at 7:55am
आ. ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए बधाई,
Comment by Kalipad Prasad Mandal on December 6, 2017 at 7:36pm

आद समर कबीर साहिब ,आदाब , हौसला अफजाई के लिए तहे दिल से शुक्रिया |आपकी टिप्पणी से आत्म विश्वास बढ़ता है 

Comment by Kalipad Prasad Mandal on December 6, 2017 at 7:33pm

आ महम्मद आरिफ साहिब ,आदाब , हौसला अफजाई के लिए तहे दिल से शुक्रिया , 

Comment by Kalipad Prasad Mandal on December 6, 2017 at 7:30pm

हौसला अफजाई के लिए तहे दिल से शुक्रिया आ श्याम नारायण वर्मा जी \ सादर नमन 

Comment by Samar kabeer on December 6, 2017 at 6:45pm

जनाब कालीपद प्रसाद मण्डल जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Mohammed Arif on December 6, 2017 at 2:10pm

आदरणीय कालीपद प्रसाद जी आदाब,

                              खड़ी बोली हिन्दी की बेहतरीन ग़ज़ल । हर शे'र उम्दा । हार्दिक बधाई स्वीकार करें । गुणीजनों का इंतज़ार करें ।

Comment by Shyam Narain Verma on December 6, 2017 at 11:58am
बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति , बधाई आप को | सादर 

कृपया ध्यान दे...

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