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क्रांतिकारियों ने क्या-क्या सहा होगा,
देशभक्ति का मजा जाने कैसा रहा होगा,
मेरे वीरों का जब लहू बहा होगा,
पवित्र खून से चाबुक धन्य हुआ होगा,
फिरंगियों को भगत ने
दौड़ा-दोड़ा कर कूटा होगा,
बिस्मिल ने भी खजाना
मजे से लूटा होगा,
तो आजाद ने भी जंगल में,
योजना बनाई होगी,
और आजादी पाने वीरों ने,
खूनी होली मनाई होगी,
हथियार लूटने का मजा भी,
अलग रहा होगा,
गरमदल को देख,
ब्रिटिश का पसीना बहा होगा,
गांधी के भी अपने,
ठाठ रहे होंगे,
सत्याग्रह, अनशन की,
गोली दाग रहे होंगे,
उन बेटों ने भी जरूर,
महापुण्य किया होगा,
जिन्होंने इस काल की,
माॅं की कोख से
जन्म लिया होगा,
इस काल ने पत्नियों को भी,
महान बना दिया,
जिन्होंने पतियों को क्रांतिकारी,
का खान बना दिया,
तो इस काल के
बच्चों और बूढ़ों ने भी,
कोड़ों का मजा लिया होगा,
पीड़ा से कराहते हुए,
इस मिट्टी का,
वंदन किया होगा,
वे भी क्या दृश्य रहे होंगे,
जब वीरों के खून,
अपनी मिट्टी के लिए बहे होंगे,
मुझे गर्व है कि वह मिट्टी,
मेरी ही सरजमी थी,
मैं क्रांतिकारी हो न पाया,
शायद मेरे पुण्य में कमी थी।

मौलिक व अप्रकाशित

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Comment

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Comment by Manoj kumar shrivastava on December 24, 2017 at 3:48pm

आदरणीय दादा समर कबीर जी, सादर प्रणाम। हृदयतल से आभार प्रेषित करता हूँ, कृपया स्वीकार करेंगे।

Comment by Manoj kumar shrivastava on December 24, 2017 at 3:46pm

आदरणीय मुसाफिर जी, सादर नमस्कार। कोटिशः आभार स्वीकार करें।

Comment by Manoj kumar shrivastava on December 24, 2017 at 3:45pm

सादर नमस्कार आदरणीय उस्मानी जी। मैं छंद के क्षेत्र से बाहर हूँ इसलिए छंद में लिख पाना मेरे लिए असम्भव होगा किन्तु बेहतर का प्रयास करूंगा। कोटिशः आभार स्वीकार करें।

Comment by Manoj kumar shrivastava on December 24, 2017 at 3:43pm

आदरणीय आरिफ जी सादर नमस्कार। आपकी बधाई हेतु अनन्त आभार प्रेषित करता हूँ। आपके मार्गदर्शन निश्चय ही अमल करूँगा। आगे भी मार्गदर्शन की अपेक्षा करता हूँ।

Comment by Samar kabeer on December 24, 2017 at 3:16pm

जनाब मनोज कुमार जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on December 24, 2017 at 1:36pm

अच्छा भावपक्ष प्रस्तुत किया है । बधाई । शेष गुणी जनों की सलाह पर अवष्य ध्यान दें ।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on December 24, 2017 at 9:31am

बहुत बढ़िया रचना को छंदबद्ध कर देने से प्रभाव बहुत बढ़ जायेगा। हार्दिक बधाई आदरणीय मनोज कुमार श्रीवास्तव जी।

Comment by Mohammed Arif on December 24, 2017 at 7:51am

आदरणीय मनोज श्रीवास्तव जी आदाब,

                               देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत बहुत ही जज़्बाती कविता के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए । स्वतंत्रता आंदोलन में सभी संप्रदायों , वर्गों और धर्मों के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था । कुछ वर्तनीगत अशुद्धियाँ साफ़-साफ़ देखी जा सकती है ।

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