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ग़ज़ल- बुढ़ापा आ गया लेकिन समझदारी नहीं आई

बह्र - मफाईलुन मफाईलुन मफाईलुन मफाईलुन

बुढ़ापा आ गया लेकिन समझदारी नहीं आई।
रहे बुद्धू के बुद्धू और हुशियारी नहीं आई।

किया ऐलान देने की मदद सरकार ने लेकिन
हमेशा की तरह इमदाद सरकारी नहीं आई।

पड़ोसी के जले घर खूब धू धू कर मगर
साहब,
खुदा का शुक्र मेरे घर मे चिंगारी नहीं आई।

ढिंढोरा देश भक्ति का भले ही हम नहीं पीटें,
मगर सच है लहू में अपने गद्दारी नहीं आई।

बहुत से लोग निन्दा रोग से बीमार हैं लेकिन
हमारे मन में ऐसी कोई बीमारी नहीं आई।

करोड़ों का घोटाला कर ये ताजिर भाग जाते हैं
मैं मुफलिस हूँ मग़र उन जैसी ऐयारी नहीं आई।

मौलिक एवं अप्रकाशित

 मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Tasdiq Ahmed Khan on March 3, 2018 at 9:33am

जनाब राम अवध साहिब ,अच्छी ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमायें।

  1. शेर2 उला मिसरा सही नहीं हो पाया ,आप चाहें तो यूँ कर सकते हैं "किया एलान ही सरकार ने इमदाद का लेकिन --"मदद हैरत है अब तक कोई सरकारी नहीं आई। 
  2. आखरी शेर का सानी मिसरा यूँ करसकते हैं "गरीबों में मगर उन जैसी अय्यारी नहीं आई।

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on March 2, 2018 at 8:35am

आ० लक्ष्मण धामी मुसाफिर साहब बहुत बहुत शुक्रिया

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 1, 2018 at 9:12pm

बहुत खूब..

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on March 1, 2018 at 2:13pm

आदर्णीय तेजवीर सिंह जी ग़ज़ल पसन्दगी और उत्साह वर्धन के लिये सादर आभार।

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on March 1, 2018 at 2:11pm

आदर्णीय समर कबीर साहब जी मार्गदर्शन के लिये सादर आभार। आपके द्वारा दिये गये बहुमूल्य सुझाव के अनुसार ग़ज़ल में सुधार अवश्य करूँगा। पुन: धन्यवाद।

Comment by TEJ VEER SINGH on March 1, 2018 at 12:42pm

हार्दिक बधाई आदरणीय राम अवध विश्वकर्मा जी।बेहतरीन गज़ल।

ढिंढोरा देश भक्ति का भले ही हम नहीं पीटें,
मगर सच है लहू में अपने गद्दारी नहीं आई।

Comment by Samar kabeer on February 28, 2018 at 10:11pm

जनाब राम अवध जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा हुआ है,बधाई स्वीकार करें ।

मतले के सानी मिसरे में 'और' शब्द की जगह "आप"  कर लें,मतले की सुंदरता बढ़ जायेगी ।

दूसरे शैर के ऊला मिसरे में शिल्प दोष है,इसे यूँ कर सकते हैं :-

'किये सरकार ने ऐलान तो इसके लिये लेकिन'

आख़री शैर के सानी मिसरे में 'मगर' की जगह "मुझे"करना उचित होगा ।

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