For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल (वो लगता है आफ़ात करने चले हैं )

(फ़ऊलन--फ़ऊलन--फ़ऊलन--फ़ऊलन)

शुरूए इनायात करने चले हैं |
वो लगता है आफ़ात करने चले हैं |

ख़ुदा ख़ैर पाबंदियाँ हैं नज़र पर
मगर वो मुलाक़ात करने चले हैं |

यक़ीं ही नहीं उम्र ढलने का उनको
जो तब्दील मिर आत करने चले हैं |

खिलाना है फ़िरक़ा परस्तों को मुंह की
वो लोगों फ़सादात करने चले हैं |

मुहब्बत के अंजाम से हैं वो ग़ाफ़िल
जो इसकी शुरुआत करने चले हैं |

भला किस तरह कर दें उसको नुमायाँ
सनम से जो हम बात करने चले हैं |

नज़र में अज़ीज़ों को तस्दीक़ रखना
वो फिर बे जा हरकात करने चले हैं |

आफ़ात --मुसीबत , मिर आत --आइना

( मौलिक व् अप्रकाशित )

Views: 277

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on March 12, 2018 at 8:27pm

मुहतरम जनाब विजय साहिब ,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

Comment by vijay nikore on March 12, 2018 at 2:04pm

अच्छी गज़ल के लिए दिल से बधाई

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on March 11, 2018 at 8:35am

मुहतरम जनाब बासुदेव साहिब ,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

आपने शेर पर शायद ग़ौर नहीं किया ,लोगों का मतलब जनता से  है ।

शब्द शुरूआत ही है टाइप में  शुरुआत हो गया है।

Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on March 11, 2018 at 7:41am

आ0 तस्दीक़ साहिब अच्छी ग़ज़ल हुई है बहुत बधाई।

वो लोगों फ़सादात करने चले हैं | व्याकरण की दृष्टि से  वो लोग उचित प्रतीत होता है। वो लोगों का प्रयोग कहाँ तक ठीक है गुणीजन बताएं।

शुरुआत में बह्र टूट रही है हाँ शुरूआत करने से बह्र ठीक हो जाती है। देखें। सादर।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on March 9, 2018 at 8:02pm

जनाब श्याम नारायण साहिब ,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Shyam Narain Verma on March 9, 2018 at 4:38pm
बहुत खूब ! इस सुंदर गजल हेतु बधाई स्वीकारें ।
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on March 9, 2018 at 2:57pm

मुहतरम जनाब तेजवीर साहिब, ग़ज़ल पर आपकी सुन्दर प्रतिक्रिया और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

Comment by TEJ VEER SINGH on March 9, 2018 at 12:38pm

हार्दिक बधाई आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब जी। बेहतरीन गज़ल।

खिलाना है फ़िरक़ा परस्तों को मुंह की
वो लोगों फ़सादात करने चले हैं |

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on March 9, 2018 at 7:30am

मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब आदाब ,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

Comment by Samar kabeer on March 9, 2018 at 12:03am

जनाब तस्दीक़ अहमद साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

JAWAHAR LAL SINGH left a comment for TEJ VEER SINGH
"हार्दिक आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी!"
15 minutes ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post कैसा घर-संसार?
"आदरणीय सुश्री उषा जी , आज के घोर सांसारिकता पूर्ण युग में एक अत्यंत संवेदन शील मानवीय विषय पर लिखी…"
6 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय प्रतिभा पांडे भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
8 hours ago
TEJ VEER SINGH left a comment for pratibha pande
"आदरणीय प्रतिभा पांडे भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
8 hours ago
TEJ VEER SINGH left a comment for योगराज प्रभाकर
"आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
8 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
8 hours ago
Usha posted a blog post

क्षणिकाएँ

दिन ढलते, शाम चढ़ते, उसका डर बढ़ने लगता है, क़िस्मत, दस्तक भी देगी और भीनी यादें तूफान भी उठायेंगी…See More
8 hours ago
vijay nikore posted blog posts
8 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय समर कबीर साहब, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। हृदय से आपका आभार। जी ज़रूर सर, 'मेरे और…"
9 hours ago
Usha commented on Usha's blog post कैसा घर-संसार?
"आदरणीय समर कबीर साहब, मेरी लघु कथा का प्रयास आपको पसंद आया, मेरे लिए हर्ष का विषय है। जी सर अवश्य…"
9 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय विजय शंकर सर, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। उनपर आपके द्वारा दी गयी टिप्पणी से हर्ष हुआ कि…"
9 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय सुशील सरना साहब, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। हृदय से आपका आभार। सादर।"
9 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service