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अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में

अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम
जीयल अब जाई ना बिन तोहरा सनम
अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम

जखम बा इतना गहरा दवा से ना भरी
याद आइबे करी टीस उथल करी
तड़प के आह भरी कैलू अइसन सितम
अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम

दर्द में दिल डूबा के तडपे के छोड़ देलू
भइल का हमसे खता मुह तू मोड़ लेलु
तहरा के आपण मानली रहे मन के भरम
अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम

का केहू प्यार करी केहू पर ऐतबार करी
धोखा खा गइल प्रीतम जेहद के पार करी
बदल जाला केहू खा के झूठा कसम
अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम

अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम
जीयल अब जाई ना बिन तोहरा सनम
अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम

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Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on September 6, 2010 at 8:50pm
का कहल जव आशीष भाई....अचानक से आज पुराना दिन याद आ गइल.....
खैर कौनो बात ना कब्बो कब्बो याद आवे के चाही केहू के बेवफाई....
Comment by आशीष यादव on September 6, 2010 at 7:36pm
Jhakhm fir taza ho gail ka preet bhaiya
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on September 6, 2010 at 7:12pm
माजरा बहुत बड़ा है रना भाई....अब तक तो आप समझ भी गए होंगे....जख्म इतना गहरा है की दवा से भी नहीं भर रहा है...

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Rana Pratap Singh on September 6, 2010 at 6:49pm
behatarin.......akhir ye mazara kya hai??????
Comment by Rash Bihari Ravi on March 31, 2010 at 1:23pm
preetam bhai i tis bada badhia ba
Comment by Raju on March 31, 2010 at 12:47pm
अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम
जीयल अब जाई ना बिन तोहरा सनम
अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम

Preetam bhaiya raura k ke gum de dihale ba jee...
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on March 31, 2010 at 11:33am
bahut bahut dhanyabaad admin jee.......
Comment by Admin on March 31, 2010 at 11:31am
वाह वाह प्रीतम जी आप तो बहुत ही बढ़िया गीत लिख डाला है, आप तो कमाल का लिखे है, और कहते है की लिखने नहीं आता है, इससे भी बढ़िया लिखेगा क्या कोई ? बहुत सुन्दर रचना है , लगे राहू मुन्ना भाई, बहुत आगे जाना है,
यह लाइन तो जबरदस्त है भाई.......
का केहू प्यार करी केहू पर ऐतबार करी
धोखा खा गइल प्रीतम जेहद के पार करी
बदल जाला केहू खा के झूठा कसम
अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम

बहुत बहुत धन्यवाद इतना सुन्दर रचना के लिये, अंत मे मै यही कहुगा की "जियो शेर"

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