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राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ८७

2212 1212 2212 12

आती नहीं है नींद क्यों आँखों को रात भर
हमने तो उनसे की थी बस दो टूक बात भर //१

दिल में न और ज़िंदगी की ख्व़ाहिशात भर
हस्ती है सबकी नफ़सियाती पुलसिरात भर //२

पढ़ ले तू मेरी आँख में जो है लिखा हुआ
गरचे किताबे दिल नहीं है काग़ज़ात भर //३

हर आदमी में मौत की ज़िंदा है एक लौ
तारीकियों की बज़्म ये रौशन है रात भर //४

दुनिया के एहतिशाम का नश्शा उतर गया
कासा-ए-दिल में ज़िंदगी आबे हयात भर //५

ग़ालिब की तर्ज़ पर तुझे लिखनी है ग़र ग़ज़ल
ख़ूने जिगर से राज़ तू अपनी दवात भर //६

~ राज़ नवादवी

"मौलिक एवं अप्रकाशित"

नफ़सियाती- मनोविज्ञान से संबंधित; पुलसिरात- नरक का पुल जिसे पार कर स्वर्ग मिलता है; एहतिशाम- वैभव, शानो-शौक़त; क़ासा ए दिल- ह्रदय का भिक्षा पात्र; आबे हयात - अमृत;

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Comment by राज़ नवादवी on December 26, 2018 at 3:13pm

आदरणीय मुहम्मद अनिस शेख़ साहब, ग़ज़ल में आपकी शिरकत और ज़र्रानवाज़ी का दिल से शुक्रिया. आपकी मुहब्बत का ममनून हूँ. 

Comment by Samar kabeer on December 26, 2018 at 2:34pm

जनाब राज़ नवादवी साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि:-

हस्ती है सबकी नफ़सियाती पुलसिरात भर'

इस मिसरे में 'पुलसिरात' क़ाफ़िया 'त' का नहीं "तोय" का है ।

Comment by Md. Anis arman on December 26, 2018 at 11:58am

ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत मुबारकबाद राज साहब, आपको पढ़ने मे मज़ा आता है। बाकी कुछ कमी होगी तो समर सर  बता पाएंगे  

Comment by राज़ नवादवी on December 25, 2018 at 4:48pm

आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत साहब, आदाब. ग़ज़ल में शिरकत और हौसला अफज़ाई का तहे दिल से शुक्रिया. जनाब, मुझे बह्र की कुछ ख़ास जानकारी नहीं है, बस लिख भर देता हूँ. फिर ही ढूँढने की कोशिश करके बताता हूँ. मैं मुहम्मद मुस्तफ़ा खां मद्दाह और सज्जाद उस्मानी साहब के लुगात का इस्तेमाल करता हूँ, इसके अलावा और भी दीगर लुगात हैं, ऑनलाइन लुगात की भी मदद लेता हूँ. सादर. 

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on December 25, 2018 at 2:32pm

लाजवाब , #राज नवादवी साहेब इस बह्र के बारे में जानकारी दीजिये, क्या नाम है ,मैंने पहली बार देखा इस बह्र पर लिखा हुआ /इस पर कोई गीत है तो  उसके बारे में भी बताएं | आप कौन  सी लुग़त इस्तेमाल करते हैं शब्दों का अर्थ देखने के लिए ? 

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