For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

1-
नेता आपस में लड़ें, रोज जुबानी जंग।
मर्यादाएँ हो रहीं, इस चुनाव में भंग।।
इस चुनाव में भंग, सभी ने गरिमा खोई।
फैलाकर उन्माद, परस्पर नफरत बोई।।
जनता का इस बार, बनेगा वही चहेता।
जो कर सके विकास, चाहिए ऐसा नेता।।
2-
बातें बेसिरपैर कीं, नेता करते रोज।
मर्यादाएँ तोड़कर, दिखलाते हैं ओज।।
दिखलाते हैं ओज, मंच से देते गाली।
खुद की ठोकें पीठ,बजावें खुद ही ताली।।
संसद में जो लोग, चलाते मुक्के लातें।
गरिमा के विपरीत, वही करते हैं बातें।।
3-
नेता कुछ भी बोलकर, सिर्फ चाहते जीत।
वाणी से उगलें जहर, गरिमा के विपरीत।।
गरिमा के विपरीत, करें वे गड़बड़झाला।
फिर भी सीनातान, कहें खुद को रखवाला।।
मैं निर्धन मजदूर, नहीं कुछ लेता-देता।
पहन विदेशी सूट, शान से कहते नेता।।
(मौलिक व अप्रकाशित)
**हरिओम श्रीवास्तव**

Views: 94

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Hariom Shrivastava on April 28, 2019 at 9:51pm

आदरणीया Dr.Prachi Singh जी,आपकी उपस्थिति व प्रेरक प्रतिक्रिया हेतु हार्दिक आभार।

Comment by Hariom Shrivastava on April 28, 2019 at 9:49pm

आपकी उपस्थिति व उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार आदरणीय Samar Kabeer साहब।


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on April 25, 2019 at 9:10pm

तीनों कुण्डलिया बहुत अच्छी बनी हैं , कथ्य भी सामयिक और सधा  हुआ है 

हार्दिक बधाई 

Comment by Samar kabeer on April 23, 2019 at 3:09pm

जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,अच्छे कुण्डलिया छन्द हुए हैं,बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

JAWAHAR LAL SINGH left a comment for TEJ VEER SINGH
"हार्दिक आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी!"
11 minutes ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post कैसा घर-संसार?
"आदरणीय सुश्री उषा जी , आज के घोर सांसारिकता पूर्ण युग में एक अत्यंत संवेदन शील मानवीय विषय पर लिखी…"
6 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय प्रतिभा पांडे भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
7 hours ago
TEJ VEER SINGH left a comment for pratibha pande
"आदरणीय प्रतिभा पांडे भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
7 hours ago
TEJ VEER SINGH left a comment for योगराज प्रभाकर
"आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
8 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनांयें।"
8 hours ago
Usha posted a blog post

क्षणिकाएँ

दिन ढलते, शाम चढ़ते, उसका डर बढ़ने लगता है, क़िस्मत, दस्तक भी देगी और भीनी यादें तूफान भी उठायेंगी…See More
8 hours ago
vijay nikore posted blog posts
8 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय समर कबीर साहब, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। हृदय से आपका आभार। जी ज़रूर सर, 'मेरे और…"
9 hours ago
Usha commented on Usha's blog post कैसा घर-संसार?
"आदरणीय समर कबीर साहब, मेरी लघु कथा का प्रयास आपको पसंद आया, मेरे लिए हर्ष का विषय है। जी सर अवश्य…"
9 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय विजय शंकर सर, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। उनपर आपके द्वारा दी गयी टिप्पणी से हर्ष हुआ कि…"
9 hours ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय सुशील सरना साहब, मेरी क्षणिकाएँ आपको पसंद आयी। हृदय से आपका आभार। सादर।"
9 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service