For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कहो, तुम पुरुष कौन?

काव्य-रुपी शब्दों का विनम्र समर्पण कविवर सुमित्रानंदन प॔त जी की कविता "कहो, तुम रूपसी कौन?" से प्रेरित हो मेरे द्वारा उनके सम्मान में किया गया एक प्रयास।

कहो, तुम पुरुष कौन?

निशक्त बतलाओ तो, क्या नाम दूँ तुम्हें ?
जान लो, पहचान लो, स्मरण कर लो,
प्रभावशाली, विराट, अखंडित,
अजेय एवं समृद्ध तुम।
हर क्षण रहे सुदृढ़, मजबूत और कर्मठ,
कुछ नहीं नामुमकिन, कठिन, दुष्कर।
प्रत्येक क्षण, रहे करनी सुदृढ़ व मजबूत,
कुछ नहीं नामुमकिन, कठिन, दुष्कर सा।
नारी से हो पल्लवित, बने उसी का लौह-कवच,
तुम बलवान, साहसी, संयमी एवं पालनहार।
समय परिवर्तन-चक्र में पड़, कदापि भ्रमित न हो,
नहीं तुम निर्बल, निशक्त, विचल व शक्तिहीन,
कर बैठो खुद को विमुख, अपने पौरष से ।
प्रतिभू, निश्चितता से प्रयास कर, जुट जाओ पुनः।
सॄजन करो नवीन, ऐसा मनमोहक, दिव्य संसार,
नारी की प्रबलता, बने तुम्हारा हथियार।
साथ चलो, कि पुकारता अब युग ये नवीन है,
रूपसी और पौरुष का संगम अद्धभुत, सृजित हो।

मौलिक व् अप्रकाशित।

Views: 647

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Usha on November 4, 2019 at 9:32pm
आदरणीय समर कबीर साहब, आदाब। बड़ी मसर्रत हासिल हुई ये जानकार कि आपको कविता पसंद आयी। सादर।
Comment by Usha on November 4, 2019 at 9:22pm
आदरणीय डॉ आर सी सिंह जी, मेरे प्रयास को इस प्रकार सराहने के लिए हृदय से आपका धन्यवाद। सादर।
Comment by Usha on November 4, 2019 at 9:11pm
आदरणीय डॉ विजय शंकर सर, मेरी रचना पर सकारात्मक टिप्पणी के लिये हृदय से आभार। सादर।
Comment by Usha on November 4, 2019 at 9:09pm
आदरणीय डॉ गीता चौधरी जी, सकारात्मक टिप्पणी के लिये हृदय से आभार। सादर।
Comment by Dr. Geeta Chaudhary on November 4, 2019 at 8:53pm

आदरणीय डा० उषा जी सुंदर रचना क लिए हार्दिक बधाई!

Comment by Samar kabeer on November 4, 2019 at 2:46pm

मुहतरमा ऊषा जी आदाब,अच्छी रचना हुई,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Dr. Vijai Shanker on November 4, 2019 at 5:41am

आदरणीय सुश्री उषा जी , उत्कृष्ट , बधाई , सादर।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
yesterday
Sushil posted blog posts
yesterday
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
yesterday
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service