For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ईसा का जन्मदिन है जहां भर को मुबारक
मग़रिब के बिरादर ये बड़ा दिन हो मुबारक

क्रिसमस के है जश्नों में बहुत शाद ज़माना
सड़कें हैं ढकी बर्फ़ से और गर्म मकां हैं
इशरत का है आराम का सामान मुहइया
चीजों से लबालब लदे बाज़ार-ओ-दुकां हैं

हासिद तो नहीं हैं तेरी ख़ुश-क़ीस्मती से हम
सोचा है कभी दौलतें आईं ये कहाँ से
तुम लूट के जो ले गए सोने की थी चिड़िया
तहज़ीब-ओ-अदब तुमने मिटा डाले जहाँ से

क़ाबिज़ थे हुक़ूमत थी जहाँ पर भी तुम्हारी
चांदी थी तो सोना था कहीं माल-ए-ग़नीमत
ताक़त में ज़हानत में न था तोड़ तुम्हारा
लुटते ही गए लोग छिनी उनकी विरासत

ये साईंस का जो इल्म दिया उसका शुक्रिया
खोई हुई तहज़ीब तो लौटा दो हमारी
रेलों की पटड़ियों का तो एहसान बहुत है
खुद्दारी-ओ-अज़मत भी तो लौटा दो हमारी

बांटा जो हमें दीन की मज़हब की बिना पर
खोया है अमन चैन हिक़ारत भी बड़ी है
दीवार ये नफ़रत की हुक़ूमत के वास्ते
की थी जो खड़ी अब भी वो वैसे ही खड़ी है

ईसा का तो पैग़ाम था शफ़क़त-ओ-मुआफ़ी
तुम दूर बहुत दूर निकल आए हो उस से
कुदरत के ज़खीरों को लुटाते हो कि जैसे
कुर्रा-ए-अर्ज़ माँग कई लाए हो उससे

बंदूकों बमों की है तिजारत में मुनाफ़ा
दहशत जो मगर इनसे बरसती है क़हर है
गो आपका इक़दाम-ए-मईशत है इन्हीं से
औरों पे जो दिन रात गुज़रती है हशर है


औरों को ग़रीबी में डुबो कर जो मिला है
बरकत वो ज़र-ओ-सीम कभी दे न सकेगा
ऐसी ख़ुशी जो दिल को सुकूं चैन दिला दे
लूटा हुआ सामां वो ख़ुशी दे न सकेगा

शहरों में उजालों की फ़िज़ा तुम को मुबारक
इशरत हो मुबारक ये तरक़्क़ी हो मुबारक
जंगल ये नदी कोह समर तुम को मुबारक
छीनी हुई ज़रख़ेज़ ज़मीं तुम को मुबारक
मग़रिब के बिरादर ये बड़ा दिन हो मुबारक
ईसा का जन्मदिन है जहां भर को मुबारक

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 808

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by रवि भसीन 'शाहिद' on August 15, 2020 at 4:48pm

आदरणीया Rachna Bhatia साहिबा, नज़्म में आपकी शिरकत और सुख़न-नवाज़ी के लिए तह-ए-दिल से आपका शुक्रगुज़ार हूँ।

Comment by Rachna Bhatia on August 15, 2020 at 3:15pm
आदरणीय रवि भसीन'शाहिद' जी बेहतरीन नज़्म लिखी।
बधाई स्वीकार करें।
Comment by रवि भसीन 'शाहिद' on January 10, 2020 at 10:48am

आदरणीय मुसाफ़िर भाई, आपकी हौसला-अफ़ज़ाई के लिए हार्दिक धन्यवाद।

Comment by रवि भसीन 'शाहिद' on January 10, 2020 at 10:47am

आदरणीय समर कबीर साहिब, आपकी बधाई का बहुत शुक्रिया। अगली रचनाओं में मैं आपकी बात का ध्यान रखूँगा। इस नज़्म के लिए जो बहर इस्तेमाल की थी यहाँ लिख रहा हूँ:

2 2 1 / 1 2 2 1 / 1 2 2 1 / 1 2 2

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 4, 2020 at 6:31am

आ. भाई रवि भसीन जी, सादर अभिवादन। सुंदर नज्म़ हुई है हार्दिक बधाई स्वीकारें ।

Comment by Samar kabeer on January 3, 2020 at 3:43pm

जनाब रवि भसीन "शाहिद" जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

कृपया रचना के साथ उसकी विधा भी लिख दिया करें,इससे सीखने वालों को कुछ कहने में आसानी होती है ।

Comment by रवि भसीन 'शाहिद' on January 1, 2020 at 11:55pm

आदरणीय सुरेंद्र नाथ साहब, आदाब। आपकी ज़र्रा-नवाज़ी का बहुत शुक्रिया।

Comment by नाथ सोनांचली on January 1, 2020 at 9:14pm

आद0 रवि भसीन शाहिद जी सादर अभिवादन। बेहतरीन रचना पर बधाई निवेदित है। सादर

Comment by रवि भसीन 'शाहिद' on January 1, 2020 at 6:41pm

आदरणीय डॉ छोटेलाल जी, नज़्म पढ़ने के लिए और हौसला बढ़ाने के लिए आपका बहुत शुक्रिया।

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on January 1, 2020 at 1:16pm

आदरणीय शाहिद जी बेहतरीन रचना के लिए बहुत बहुत बधाई

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
17 hours ago
amita tiwari posted a blog post

गर्भनाल कब कट पाती है किसी की

कहीं भी कोई भी माँ अमर तो नहीं होती एक दिन जाना होता ही है सब की माताओ को फिर भी जानते बूझते भी…See More
yesterday
vijay nikore commented on Sushil Sarna's blog post दोहा दशम. . . . . उम्र
"भाई सुशील जी, सारे दोहे जीवन के यथार्थ में डूबे हुए हैं.. हार्दिक बधाई।"
yesterday
vijay nikore posted a blog post

प्यार का पतझड़

एक दूसरे में आश्रय खोजतेभावनात्मक अवरोधों के दबाव मेंकभी ऐसा भी तो होता है ...समय समय से रूठ जाता…See More
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"प्रारम्भ (दोहे) अंत भला तो सब भला, कहते  सब ये बात। क्या आवश्यक है नहीं, इक अच्छी…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"आदरणीय  जयहिंद रायपुरी जी अच्छा हायकू लिखा है आपने. किन्तु हायकू छोटी रचना है तो एक से अधिक…"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"हाइकु प्रारंभ है तो अंत भी हुआ होगा मध्य में क्या था मौलिक एवं अप्रकाशित "
Saturday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"स्वागतम"
Friday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Apr 8
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं
"आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद ' जी सादर अभिवादन प्रथम तो मैं क्षमाप्रार्थी हूँ देरी से आने की…"
Apr 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा दशम. . . . . उम्र

दोहा दशम् . . . . उम्रठहरी- ठहरी उम्र अब, करती एक सवाल ।कहाँ गई जब जिंदगी, रहती थी खुशहाल ।।यादों…See More
Apr 6
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं
"आदरणीय Jaihind Raipuri साहिब, नमस्कार। बढ़िया ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें। /ये मेरा…"
Apr 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service