*जीवन
उलझन ।
* सूने
आँगन ।
* घर-घर
अनबन ।
* उजड़े
गुलशन ।
* खोया
बचपन ।
*भटका
यौवन ।
* झूठे
अनशन ।
* ख़ाली
बरतन ।
* सहमी
धड़कन ।
.
मौलिक और अप्रकाशित ।
Comment
वाह बहुत खूब आदरणीय , मोहम्मद आरिफ जी , ढेरों बधाइयाँ आपको इस उपलब्धि पर I आगे भी आप ऐसी कई बुलंदियाँ छूएँ, ईश्वर से कामना करती हूँ
आदरणीय आरिफ जी इस समाचार को सुनकर बेहद खुशी हुयी आपकी इस सफलता पर ढेरों बधाई सादर
भाई मो. आरिफ़ जी, यह अत्यंत ही प्रसन्नता का विषय है, कि ऐसा रचनात्मक कार्य न केवल सराहा गया, बल्कि स्वीकारा भी गया है. आपका सहयोगात्मक व्यवहार और आपकी प्रयास-प्रक्रिया इस अभिनव पटल पर अनवरत बनी रहे. ओबीओ के लिए यह सूचना वस्तुतः हर्षातिरेक के क्षण ले कर आयी है.
हार्दिक शुभकामनाएँ और अशेष बधाइयाँ ..
शुभ-शुभ
बहुत बहुत बधाई ..खूब ग़ज़ल हुई है
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