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हँसिये मुस्कुराइये --- डॉo विजय शंकर

बीवी ने किचेन के सामान का पर्चा दिया
मात्रा गिनी उन्होंने और खारिज कर दिया ||

बोले बीवी से इसमें वज्न और बढ़ाइये
वो बोलीं पर्स देखिये सामान ले आइये ॥

आटा दाल चावल वजन के हिसाब से लाइए
मसाले हलके पैकेट स्वाद में तेज लाइए ||

बोले काफ़िया नहीं मिल रहा काफ़िया मिलाइये
वो बोलीं काफ़िया छोड़िये आप कॉफी ले आइये ||

मात्रा और काफिये से गृहस्थी नहीं चलती
नून औ तेल से चलती है, उसी से चलाइये ||

गृहस्थी किचेन के कुछ उसूल हुआ करते हैं
शायरी वहां नहीं , ड्राइंगरूम में चलाइये ||

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Dr. Vijai Shanker on September 23, 2015 at 8:18am
आदरणीय सुश्री कान्ता रॉय जी , आपको रचना अच्छी लगी , बहुत बहुत आभार , धन्यवाद , सादर।
Comment by kanta roy on September 22, 2015 at 10:23am
वाह !!!! बडी ही रोचकता भरी ये गजल हुई है । गृहस्थी की नून - तेल और काफिये का झोल - झाल को एक नये कलेवर में पेश कर पढते हुए मुस्कराहट दे जाती है । बहुत खूब आदरणीय डा. विजय शंकर जी , बधाई स्वीकार करें ।
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 21, 2015 at 10:55pm
रचना आपको अच्छी लगी , धन्यवाद , आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी , सादर।
Comment by Ashok Kumar Raktale on September 21, 2015 at 10:15pm

मात्रा और काफिये से गृहस्थी नहीं चलती
नून औ तेल से चलती है, उसी से चलाइये ||...........वाह ! 

बहुत सुंदर हास्य रचना.

Comment by Dr. Vijai Shanker on September 17, 2015 at 6:56am
धन्यवाद , आदरणीय सुश्री प्रतिभा पांडे जी , सादर।
Comment by pratibha pande on September 16, 2015 at 9:47pm

'मात्रा और काफिये से गृहस्थी नहीं चलती '  वाह    आदरणीय  ,बधाई आपको इस रचना के लिए सादर 

Comment by Dr. Vijai Shanker on September 16, 2015 at 7:26am
आदरणीय आमोद विनदौरी जी , रचना को स्वीकृति प्रदान करने हेतु आपका बहुत बहुत आभार एवं हार्दिक धन्यवाद , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 16, 2015 at 7:23am
आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी , रचना आपको पसंद आई , आपका बहुत बहुत आभार एवं हार्दिक धन्यवाद , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on September 16, 2015 at 7:20am
आदरणीय श्री सुनील जी , रचना आपको पसंद आई , आपका बहुत बहुत आभार , धन्यवाद , सादर।
Comment by amod shrivastav (bindouri) on September 15, 2015 at 5:54pm
क्या बात है सर
बेहद सुन्दर
बधाई

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