For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Neelkamal Vaishnaw
  • 45, Male
  • Sarangarh, Chhattisgarh
  • India
Share on Facebook MySpace

Neelkamal Vaishnaw's Friends

  • ANJU MISHRA
  • शकील समर
  • Surendra Laharey
  • CHANDRA SHEKHAR PANDEY
  • जितेन्द्र पस्टारिया
  • SAURABH SRIVASTAVA
  • Dr. Swaran J. Omcawr
  • Kusum Thakur
  • Dr Ashutosh Mishra
  • डॉ नूतन डिमरी गैरोला
  • Tushar Raj Rastogi
  • ram shiromani pathak
  • Rahul Jagtap 'Dev'
  • भावना तिवारी
  • पीयूष द्विवेदी भारत
 

Neelkamal Vaishnaw's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
Sarangarh, Chhattisgarh
Native Place
Kosir
Profession
Mobile shop
About me
I m good friend

Neelkamal Vaishnaw's Photos

  • Add Photos
  • View All

Neelkamal Vaishnaw's Blog

मोहब्बत,,,

हमेशा हमेशा के लिए वो चली गई है दूर मुझसे

जाते जाते बोली मुझे मोहब्बत नहीं है तुझसे



लेकिन फिर भी अश्क थे उसकी नजरों में

वह कह तो गई नहीं है मोहब्बत मुझसे



आज भी सोचता हूँ मैं उसके कहे उस बात को

पागल…

Continue

Posted on November 25, 2012 at 8:00pm

सिर्फ उनकी यादें...

मेरे इस दिल का हर साज उनका है,
इस दिल में दबा हर राज उनका है,
चाहे दिन हो या रात उनका है,
सबसे जुदा, अलग अंदाज उनका है,
मैं आज जो भी और जैसा भी हूँ,
मेरी सफलता के पीछे हाथ उनका है,
भले ही आज नाखुश हूँ अपनेआप से पर,
याद कर खुश होता हूँ वो हर याद उनका है,
वो जहाँ भी रहे सदा खुश रहे दुआ है मेरी
मेरा दिल आज भी सिर्फ तलबगार उनका है,
मेरे इस दिल का हर साज उनका है ऐ 'अनिश',
इस दिल में दबा आज भी हर राज उनका है....!

Posted on September 2, 2012 at 10:30am — 3 Comments

मेरी चाहत

कब से थी दिल कि एक चाहत
ना जाने कब मिलेगी इसे राहत
हमेशा सोचा करते हैं कुछ बातें
सोचते सोचते गुजर जाती है रातें
पता नहीं किस हाल में होगी वह बेवफा
दुनियां से लड़ करता रहा उससे मैं वफ़ा
मुझे जिस पर नाज़ था कि सबसे ज्यादा
शतरंज कि बिसात पर बना दिया एक प्यादा
आज भी मैं यही सोचता हूँ कि आखिर क्या थी गलती
क्यों ज़माने में मोहब्बत के बदले मोहब्बत नहीं मिलती...?

नीलकमल वैष्णव"अनिश"
१९/०८/२०१२

Posted on August 19, 2012 at 6:00pm

Comment Wall (6 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:13am on May 11, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें !

At 1:00pm on June 4, 2014, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय नीलकमल जी ..ओपन बुक्स ऑनलाइन के माध्यम से रचना धर्मिता से जुड़े बिद्व्त जनो से मिलने का सौभाग्य मिला है आज इससे श्रंखला में आपके मित्रों की श्रेणी में जुड़कर मैं सुखद अनुभूति कर रहा हूँ सादर ..अब आपसे सतत मुलाकात का सिलसिला जारी रहेगा ..

At 11:25am on December 6, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

साथी बनाना स्वीकार करते हुए ख़ुशी हो रही है भाई नीलकंठ वैष्णव जी, स्वागत है आपका आशा है,आशा है हम मिलकर समाज और देश को प्रगति के सोपान सोंप पायेंगे 

At 10:59pm on August 17, 2012, Albela Khatri said…

At 9:29pm on August 17, 2012, Albela Khatri said…

aapka swagat hai  neelkamal ji

At 4:20pm on August 17, 2012, Raghuvinder Yadav said…

मित्रवर नीलकमल जी, आप मुझे फेसबुक पर फ्रेंड रेकुएस्ट भेजें तो बेहतर रहेगा, क्योंकि मैंने ओ बी ओ छोड़ दी है/ सादर// रघुविन्द्र यादव

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजलपर उपस्थिति और सप्रेमं मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। इसे बेहतर…"
56 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति व उत्ताहवर्धन के लिए हार्दिक आभार।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। क्रोध पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई। साथ ही भाई अशोक जी की बात…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"   आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी सादर, धर्म के नाम पर अपना उल्लू सीधा करती राजनीति में…"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"   हमारे बिना यह सियासत कहाँजवाबों में हम हैं सवालों में हम।३।... विडम्बना…"
7 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"   सूर्य के दस्तक लगानादेखना सोया हुआ है व्यक्त होने की जगह क्यों शब्द लुंठितजिस समय…"
7 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"      तरू तरु के पात-पात पर उमढ़-उमढ़ रहा उल्लास मेरा मन क्यूँ उन्मन क्यूँ इतना…"
7 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, क्रोध विषय चुनकर आपके सुन्दर दोहावली रची है. हार्दिक बधाई स्वीकारें.…"
7 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से शुक्रिया.…"
7 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"   आदरणीय भाई लक्षमण धामी जी सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
7 hours ago
Sushil Sarna commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"वाह बहुत सुंदर प्रस्तुति हुई है आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । हार्दिक बधाई "
8 hours ago
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"वाहहहहहह आदरणीय क्या ग़ज़ल हुई है हर शे'र पर वाह निकलती है । दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं…"
8 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service