आदरणीय साथिओ,
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आदरणीया राजेश कुमारी जी के कथन से पूरी तरह सहमत हूँ मै भी ..वैसे फोटो वगेहरा भी अब तो नेट पर या फोन पर ही देखे जाते हैं ..कथा का सहज प्रवाह अच्छा लगा ...हार्दिक बधाई प्रेषित है आदरणीय उस्मानी जी
आ० शेइक उस्मानी साहिब , मेरी मुबारकवाद कबूल करें . कथा केवल वार्तालाप पर निर्भर न करे , इस पर ध्यान देंगे तो और निखार आयेगा . सादर .
आ. उस्मानी जी. चूँकि अब लडकिया जागरुक हो चूकी है तो वो सब तो तरुण को मिलना मुश्किल है और वैसे भी सुपर वुमन की डिमांड एक तरफ़ा क्यो हो. आप पढी-लिखी , कामकाजी, सुंदर, स्मार्ट लडकी भी चाहते है और उसे खूटे से बांधना भी, उससे तो अच्छा है कि वो कुँवारा रहे और ये बात माँ या दादी ही कह दे तो ज्यादा अच्छा. बहस का मुद्दा उठती इस शानदार प्रस्तुति पर बधाई.
जागो ग्राहक जागो ..स्लोगन को सार्थक करती सुंदर लघु कथा सच में भोले भाले लोग तो ऐसे ही इन व्यापारियों की ठगी का शिकार बनते रहते हैं .बहुत अच्छी संदेशप्रद लघु कथा बहुत बहुत बधाई आपको आद० सतविन्द्र भैया |
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