For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"ओ बी ओ चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता समाचार पत्रों में

Views: 371

Reply to This

Replies to This Discussion

आदरणीय उमाशंकर जी, ओबीओ पर पिछले चित्र से काव्य तक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने की सूचना को स्थानीय अखबारों जिस उत्साह से स्थान दिया है यह आपकी अहम् मौजुदगी को आदर है. यह हम सभी के लिये गर्व का विषय है...

आदरणीय शुभ्रांशु जी हार्दिक आभार 

देशबंधु छत्तीसगढ़ ,  दैनिक- भास्कर  झूमि
नांदगाँव टाइम्स  अरु  ,  नवभारत  हरिभूमि
नवभारत   हरिभूमि  , बधाई  देत  उमा  को
छत्तिसगढ़ का लाल ,आज भाया दुनिया को
धन्य “उमा” “ओबिओ”,गर्व होता है पढ़ पढ़
हुआ  सार्थक  नाम , “ देशबंधु - छत्तीसगढ़ ” ||

 आदरणीय अरुण जी हार्दिक आभार आपका ये प्रेम ही तो है जो हमें उत्प्रेरित करता रहा है 

खूब-खूब बधाई, भाई उमाशंकरजी.. .   अखबारों के जरिये आज आपके एक नये सकारात्मक रूप से हम परिचित हुए हैं. आपकी सार्थक संवेदना से पीड़ित मानव-समाज लाभान्वित होता रहा है, इस हेतु हम आपके प्रति कृतज्ञ हैं.

सादर

  आदरणीय  सौरभ जी 

आप मेरे लिए अति विशिष्ट है आपकी अभिव्यक्ति बहुमूल्य है 

ईश्वर के द्वारा प्रदान  किया गया  ये जीवन यदि किसी के काम आजाये इससे बढ़ कर कुछ भी नहीं है 

मुझे इस मंच में मेरे जैसे अपने लोग मिले है जिनकी सोच जिनके उद्देश्य भी किसी से कम नहीं है 

सादर आभार 

आदरणीय अग्रज उमाशंकर मिश्र जी, इस समाचार को अखबारों में देकर आपने अत्यन्त सराहनीय कार्य किया है  जिस हेतु हार्दिक आभार व इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने हेतु . पुनः  हार्दिक बधाई !

 प्रिय अनुज सच कहूँ मुझे ख्याति  का मोह नहीं था मै छत्तीसगढ़ के साहित्य प्रेमियों तक ओ..बी.ओ. की जानकारी पहुँचना चाहता था

जिसमे मै सफल रहा  

इस मंच में मुझसे गुणवान लोग उपस्थित है मै उनके सामने कुछ भी नहीं हूँ 

आपका ह्रदय से आभार 

उमाशंकर मिश्र जी को हार्दिक बधाई 

  आदरणीय आपका ह्रदय से आभार 

आदरणीय नीरज जी मै आपका शुक्रगुजार हूँ 

यह सब मंच की कृपा है 

शुभकामनाये बंधुवर ||
बहुत बहुत बधाई ||

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post एक ग़ज़ल इस्लाह के लिए
"भाई मनोज जी, सबसे पहले तो अच्छी ग़ज़ल और अलग अंदाज़ अशार के लिए बधाई. अब आपकी ग़ज़ल पर आते है. ///वेदना…"
2 hours ago
Muzammil shah is now a member of Open Books Online
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post कुंठा - लघुकथा -
"आ. भाई तेजवीर जी, बेहतरीन कथा हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post कुंठा - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय राज नवादवी जी।"
4 hours ago
PHOOL SINGH posted a blog post

जीवन संगिनी

हार हार का टूट चुका जबतुमसे ही आश बाँधी हैमैं नहीं तो तुम सहीसमर्थ जीवन की ठानी है|| मजबूर नहीं…See More
4 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post "बहुत दिनों से है बाक़ी ये काम करता चलूँ"
"जनाब सुरेन्द्र इंसान जी आदाब,ग़ज़ल में शिर्कत और सुख़न नवाज़ी के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ।"
5 hours ago
PHOOL SINGH updated their profile
5 hours ago
surender insan commented on Samar kabeer's blog post "बहुत दिनों से है बाक़ी ये काम करता चलूँ"
"मोहतरम समर साहब आदाब।वाह जी वाह बेहतरीन ग़ज़ल जी। मतले से मकते तक हर शेर लाजवाब।बहुत बहुत दिली…"
7 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

रंगहीन ख़ुतूत ...

रंगहीन ख़ुतूत ...तन्हाई रात की दहलीज़ पर देर तक रुकी रही चाँद दस्तक देता रहा मन उलझा रहा किसका दामन…See More
7 hours ago
राज़ नवादवी commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post अख़बारों की बातें छोड़ो कोई ग़ज़ल कहो (ग़ज़ल)
"आदरणीय धर्मेंद्र कुमार जी, आदाब, सुंदर गजल हुयी है, हार्दिक बधाई. सादर. "
8 hours ago
राज़ नवादवी commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी. सुन्दर गज़ल. सादर. "
8 hours ago
राज़ नवादवी commented on TEJ VEER SINGH's blog post कुंठा - लघुकथा -
"आदरणीय तेज वीर सिंह साहब, बड़े घटनाक्रम वाली एक लघु कथा. बाल एवं अपराध मनोविज्ञान को सफलता पूर्वक…"
8 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service