For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ओबीओ लाइव आयोजनों में डेस्कटॉप और मोबाइल वर्जन से सहभागिता को कैसे सहज किया जा सकता है?

मंच पर आयोजित हो रहे लाइव आयोजनों में नए सदस्यों को पोस्ट एवं कमेंट्स करने में समस्या आ रहीं है, विशेष रूप से जो सदस्य मोबाइल का प्रयोग कर रहे है उन्हें विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.  ओपन बुक्स ऑनलाइन वेबसाईट के दो वर्जन उपलब्ध है- एक डेस्कटॉप वर्जन और दूसरा मोबाइल वर्जन. डेस्कटॉप वर्जन का वेब पता - http://www.openbooksonline.com/ तथा मोबाइल वर्जन का वेबपता- http://www.openbooksonline.com/m है. वेबसाईट के दोनों वर्जन्स को मोबाइल और डेस्कटॉप/लैपटॉप सभी पर खोला जा सकता है.

यदि आप डेस्कटॉप/लैपटॉप पर ओबीओ खोलते है तो सीधे उपरोक्त लिंक से दोनों वर्जन खोल सकते है. लेकिन आप मोबाइल पर ओबीओ एप्स का प्रयोग करते है तो डेस्कटॉप वर्जन खोलने के लिए चित्र अनुसार Desktop View पर क्लीक करना होगा.

चित्र-1

डेस्कटॉप View पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल पर इस प्रकार स्क्रीन आएगी.

चित्र-2

 

मोबाइल एप्स वर्जन पर ओबीओ लाइव आयोजनों में रचना के कमेंट्स पर चल रहे उत्तर प्रत्युत्तर देने में समस्या आ रही है क्योकि किसी रचना पर केवल एक बार कमेन्ट करने का आप्शन उपलब्ध है किन्तु उस कमेंट्स पर जवाब देने के लिए रिप्ले आप्शन नहीं है इसलिए जवाब अगले कमेन्ट के द्वारा दिया जाता है जो यथोचित स्थान पर प्रदर्शित नहीं होता.

अतः उपरोक्त प्रक्रिया अनुसार मोबाइल पर ओबीओ एप्स में डेस्कटॉप View पर क्लिक कर मोबाइल पर डेस्कटॉप वर्जन खोल सकते है जिससे ओबीओ लाइव आयोजनों में रचना के कमेंट्स पर चल रहे उत्तर प्रत्युत्तर देने में सहजता होगी. जिसके लिए रचना या कमेंट्स के नीचे दिखाई दे रहे Reply लिंक पर क्लिक करना है टेक्स्ट बॉक्स खुल जाएगा जिसमें कमेंट्स टाइप /पेस्ट कर Add Reply पर क्लिक करते ही कमेन्ट पोस्ट हो जायेगा.  यथा- किसी रचनाकार A द्वारा आयोजन में रचना प्रस्तुत की गई जिस पर B द्वारा Reply लिंक पर क्लिक कर टिप्पणी की गई जिसका प्रत्युत्तर Reply लिंक पर क्लिक कर A द्वारा दिया गया तथा A के प्रत्युत्तर पर Reply लिंक पर क्लिक कर C द्वारा चर्चा आगे बधाई गई.

चित्र-3

स्पष्ट है कि आप जिस तथ्य पर रिप्लाई करना चाहते है उसके नीचे Reply लिंक मौजूद है यदि इसका प्रयोग करेंगे तो चर्चा विंदुवार होगी अन्यथा ग़लतफ़हमी की स्थिति भी बन सकती है. यानि आप किसी प्रत्युत्तर पर टीप देना चाह रहे थे और वो किसी दूसरे ही कमेन्ट के नीचे चली गई और आपकी टीप का मतलब ही बदल गया.

इस लेख का उद्देश्य मोबाइल की टचस्क्रीन पर डेस्कटॉप वर्जन का सहजता से प्रयोग और रिप्लाई लिंक का प्रयोग कर आयोजनों में सदस्यों की सहभागिता और सक्रियता को सहज बनाना है. इस विषय पर मंच के आदरणीय सदस्यों के पास जानकारी या सुझाव हो तो जरुर साझा करें.  

Views: 1969

Reply to This

Replies to This Discussion

सटीक ढंग से तथ्य को प्रस्तुत करने और सहज ढंग से समझाने के लिए हार्दिक धन्यवाद आदरणीय मिथिलेश भाई.

आदरणीय सौरभ सर,

लाइव आयोजनों में नए सदस्यों को थोड़ी कठिनाई महसूस हो रही थी जो उनके द्वारा आयोजन के दौरान व्यक्त भी की गई किन्तु लाइव आयोजन में प्राथमिकता प्रस्तुत रचनाओं पर चर्चा की होती है अतः वहां इस बिन्दुओं पर उत्तर नहीं दे सका था इसलिए यह चर्चा  आरम्भ की. चर्चा के माध्यम से मेरे इस प्रयास का अनुमोदन करने के लिए हार्दिक आभार.

मोबाईल उपयोगकर्ता हेतु ये उपयोगी जानकारी है

आदरणीय शिज्जु भाई जी अनुमोदन हेतु आभार 

चर्चा में कई विन्दु है जो सम्मिलित नहीं हो पाए है या मेरी जानकारी में नहीं है 

ऐसे बिन्दुओं पर ध्यान अवश्य दिलाईयेगा. आभार 

बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय। पिछले कुछ दिनों तो ये डेस्कटॉप वर्जन दिखने वाला टैब ही नहीं दिख पा रहा था पर अब ठीक है।

आदरणीय भुवन सर अनुमोदन के लिए आभार 

बहुत ही सुंदर और उपयोगी पोस्ट किये है आपने आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी । इस समस्या से नये सदस्य दो चार हो ही रहे है । स्क्रीन शाॅट्स लेकर उन्हे भेज कर समझाती हूँ बिलकुल इसी प्रकार से कई लोगों को । बहुत ही सार्थक प्रयास हुआ है यह आपका । आभार

आदरणीया कांता जी प्रयास के अनुमोदन के लिए हार्दिक आभार.

बहुत ही उपयोगी जानकारी दी है आपने , आदरणीय मिथिलेश भाई , आभार और धन्यवाद  ।

आदरणीय गिरिराज सर, प्रयास के अनुमोदन के लिए हार्दिक आभार.

आदरणीय मिथिलेश जी बहुत बहुत आभार।

आदरणीय राहुल भाई जी, प्रयास के अनुमोदन के लिए हार्दिक धन्यवाद.

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service