For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे पूछताछ

"OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे यदि किसी तरह की जानकारी चाहिए तो आप यहाँ पूछताछ कर सकते है !

Views: 13210

Reply to This

Replies to This Discussion

तरही मुशायरे में शामिल होने के लिए इस्लाह करके ग़ज़ल पोस्ट करने को कहा जाता है क्या obo पर यह किसी तरह संभव है यदि हाँ तो कैसे ?

इस्लाह कराना एक व्यक्तिगत पक्ष है, ओ बी ओ पर जो सदस्य नियमित रहते हैं उनका मित्रवत सम्बन्ध अन्य सदस्यों से हो जाता है, उनमे से जिन्हें वो इस्लाह के योग्य समझते हैं उनसे पारस्परिक समझ के अनुसार इस्लाह कराते हैं, इसमें ओ बी ओ का कोई हस्तक्षेप नहीं होता ।  

बहुत बहुत धन्यवाद इस जानकारी के लिए 

पोस्ट कैसे व कहां करे?
— दयाराम मेठानी

मुख्य पृष्ठ पर बायीं तरफ ऊपर कोने में आयोजनों का मासिक कैलेण्डर व लिंक दिया होता है, वहां से लिंक क्लिक कर सकते हैं ।  

मिसरा-ए-तरह को हुस्ने मतला में प्रयोग किया जा सकता है या नही???

हुस्नेमतला भी क्या मतला नहीं होता ?

:-))))

शुभ-शुभ

चूंकि तरही मुशायरे में हम दूसरे शायरों की कही हुई ग़ज़ल से मिसरा चुनते हैं इसलिए मिसरा -ए-तरह को मतले में इस्तमाल करने से मना किया गया है जिसके पीछे की वजह यह है की शायर अपनी ग़ज़ल दूसरे मंचों पर भी पढ़ सके|

इस लिहाज़ से तरही मिसरे की गिरह हुस्ने मतला में बाँधनेपर कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी|

आप बेझिझक हुस्ने मतला में गिरह लगा सकते है|

एक विशेष बात और जो मैं मुशायरे की पोस्ट में लिखना भूल गया था और बाद में जोड़ सका|

दी गई बह्र के पहले रुक्न २१२२ को ११२२ और अंतिम रुक्न ११२ को २२ करने की छूट है|

आज की अपनी पोस्ट *बात बनाए ना बने* कैसे ढूंढूं. नहीं मिल पा रही है -

Ajeet Sharma Aakash

आदरणीय अजीतआकाश जी, आपने अपनी ग़ज़ल को मुशायरे में ही पोस्ट की है न.. ?  तो उसको मुशायरे के आखिरी पन्नो में देखना मुनासिब होगा.
 

dhanyvaad bhaai !!!

आदरणीय , लाइव तरही मुशायरे के लिये गज़ल कहाँ पोस्ट करनी है , वहीं जहाँ बाक़ी रोज़ ब्लोग पोस्ट करते हैं या कोई दूसरी जगह , या मेल करना पडता है ?  कृपा कर बात साफ कीजिये !!

                                                     सादर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
3 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
4 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"सादर अभिवादन।"
15 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"स्वागतम"
20 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
yesterday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service