For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भोजपुरी साहित्य Discussions (248)

← Back to भोजपुरी साहित्य
Discussions Replies Latest Activity

हाय रे राजनीती ,

हाय रे राजनीती , तू केतना निचे जाइब , महंगाई तहरा ना लाउकी , केतना के मुआईबा , हाय रे राजनीती ,तू केतना निचे जाइब , आटा चाउर के भाव के छोड…

Started by Rash Bihari Ravi

0 Aug 27, 2011

एकदिन अइसन आई (भोजपुरी कहानी )

एकदिन अइसन आई                             ------बृज भूषण चौबे                    रामजस के आज एगो मन के मुराद पूरा हो गइल रहे | सुबेरे -सुबे…

Started by Brij bhushan choubey

4 Aug 19, 2011
Reply by Dr.Brijesh Kumar Tripathi

कईसन आजादी इ , हमके ना बुझाइल ,

कईसन आजादी इ , हमके ना बुझाइल , बानी आजाद हमार , आखँ भर आइल , पईसा बा लगे बाबु , बोल तोहार बोलेला , पईसा नइखे लगे , टांग ले खिचाइल , बापू…

Started by Rash Bihari Ravi

1 Aug 16, 2011
Reply by satish mapatpuri

अइसन कब होई , "भोजपुरी धारावाहिक कहानी" "तिसरका कड़ी"

  "दुसरकी कड़ी" इहवाँ क्लिक करीं तिसरकी कड़ी . बियाह अबहीं ना करब बोल के विजय घर के भितरी चलि गइलन. तब रघुनाथबाबू कहलन,  "नया खून बा, चिंता…

Started by Rash Bihari Ravi

4 Aug 14, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

अइसन कब होई , "भोजपुरी धारावाहिक कहानी" "दुसरका कड़ी"

(पहिलका कड़ी) iha dekhi   रघुनाथ सिंह अपना दुआर पर चार पाँच आदमी के संगे बाईठल रहूआन चौकी पर एगो प्लेट में बिस्कुट आउर चनाचूर रखल रहुये सब…

Started by Rash Bihari Ravi

6 Aug 12, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

अइसन कब होई , "भोजपुरी धारावाहिक कहानी" "पहिलका कड़ी"

भोजपुरी धारावाहिक कहानी अइसन कब होई (पहिलका कड़ी)   बाबू देवव्रत सिंह आपन जनेऊ के माँजत (घुमाइ-घुमाइ पानी निकालत) मंदिर के सीढ़ी से उतरत र…

Started by Rash Bihari Ravi

4 Aug 12, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

भोजपुरी साहित्य में माई के गीत के साथ 'अतेन्द्र' क आगाज़ .......

टन-टन टन-टन घंटा बाजे           मईया तोरे दुआरे आस लगाके खड़ा बा निर्धन              कब से तेरे सहारे ओ मईया दे दे तू दर्सन्वा रे------ओ  …

Started by Atendra Kumar Singh "Ravi"

8 Aug 6, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

खेतवा में लिखल बाटे जेकर हो करमवा

खेतवा में लिखल बाटे जेकर हो करमवा  हथवा में हल लेईके चलेले हो किसनवा l    नाहीं कौनों फईसन बाटे अपने  त देहियाँ   बचल खुचल उमड़ेले बचवन पे…

Started by Atendra Kumar Singh "Ravi"

1 Aug 5, 2011
Reply by आशीष यादव

भोजपुरी गजल लिखे के कोशिश

भोजपुरी गजल लिखे के कोशिश  तहरा इयाद के सहारे जीवन बिता देम ,तू चाह त गोरी तोहके आपन बना लेम ,  मन में बसल बारू तू मेहमान बन के , चाह्बू…

Started by Rash Bihari Ravi

3 Aug 3, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

देखि केतना परेशान हम बानी

एगो लड़की के बाप हम बानी , देखि केतना परेशान हम बानी     सगरी धन पढ़ाई में ओराइल , बेटी पढ़ल बड़ा खुश हम बानी     बचपन से पढ़वनी मर मर के ,…

Started by Rash Bihari Ravi

3 Aug 2, 2011
Reply by आशीष यादव

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
1 hour ago
Admin posted discussions
16 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 175

 आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
16 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey posted a blog post

नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ

   जिस-जिस की सामर्थ्य रही है धौंस उसी की एक सदा से  एक कहावत रही चलन में भैंस उसीकी जिसकी लाठी…See More
17 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आपने कहे को सस्वर किया इस हेतु धन्यवाद, आदरणीय  //*फिर को क्यों करने से "क्यों "…"
17 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना को आपने अनुमोदित कर मेरा उत्साहवर्धन किया, आदरणीय विजत निकोर जी हार्दिक आभार .. "
17 hours ago
Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"आदरणीय जी सादर प्रणाम -  अद्भुत सृजन - हृदय तटों को छूती गहन भावों की अभिव्यक्ति ने अहसासों की…"
yesterday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"प्रिय अशोक कुमार जी,रचना को मान देने के लिए हार्दिक आभार। -- विजय"
Monday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सौरभ जी। आपने सही कहा.. मेरा यहाँ आना कठिन हो गया था।       …"
Monday
vijay nikore commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"प्रिय सौरभ भाई, नमस्ते।आपका यह नवगीत अनोल्हा है। कई बार पढ़ा, निहित भावना को मन में गहरे उतारा।…"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार।…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service