For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नन्दकिशोर दुबे
Share

नन्दकिशोर दुबे's Friends

  • Ramkunwar Choudhary
  • Rohit Dubey "योद्धा "
 

नन्दकिशोर दुबे's Page

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीत : कुम्हलाईए मत खिल खिल रहिये
"बहुत खूब.."
Apr 9
Sheikh Shahzad Usmani commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीत : कुम्हलाईए मत खिल खिल रहिये
"निराशा के दौर में सकारात्मक भाव से परिपूर्ण नव जागरण कराते बढ़िया गीत के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब नंदकिशोर दुबे जी।"
Apr 8
Samar kabeer commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीत : कुम्हलाईए मत खिल खिल रहिये
"जनाब नन्दकिशोर दुबे जी आदाब,गीत का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । गीत आपने किस विधान पर लिखा है,बता देते तो कुछ कहने में आसानी होती,तुकन्नता पहले तो "मिल" "खिल" रही बाद में 'चुलबुल" " चंचल" हो गई इस पर…"
Apr 5
नन्दकिशोर दुबे posted a blog post

गीत : कुम्हलाईए मत खिल खिल रहिये

कुम्ह्लाइए मत खिल-खिल रहिये ! खुश-खुश रहिये , हिलमिल रहिये !बीत गया मनमोहक सपना  खो गया दिलबर आपका अपनाकतराइये मत, शामिल रहिये  हंसमुख रहिये, चुलबुल रहिये !मीत सुहाना, सरस सुरीला  छल गया स्वप्न दिखा रंगीलापछताईये मत , चंचल रहिये  घायल रहिये, सर्पिल रहिये !प्रीत-प्रणय का खैल अनोखा  मन लुभावना मीठा धोखापगलाइये मत, कातिल रहिये  सज-धज रहिये ,झिलमिल रहिये !ये जग झूठा, स्वप्न अनूठा  साँस थमी, सपना ये टूटाउकताईये मत, लहरिल रहिये  पल पल, कल कल,छल छल रहिये !!मौलिक/प्रतिलिप्याधिकारनन्दकिशोर दुबेSee More
Apr 5

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में
"बहुत सुन्दर गीत हुआ है आद० ननद किशोर दूबे जी हार्दिक बधाई आपको "
Mar 4
vijay nikore commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में
"सुन्दर रचना के लिए बधाई"
Mar 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में
"हार्दिक बधाई..बंधुवर"
Mar 3
Mohammed Arif commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में
"आदरणीय किशोर कुमार दुबे जी आदाब,                                  पीड़ा , शिकायत को बयाँ करता अच्छा गीत है । हार्दिक बधाई स्वीकार करें । आली जनाब मोहतरम समर कबीर…"
Mar 2
Samar kabeer commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में
"जनाब नन्द किशोर दुबे जी आदाब,बहुत उम्दा गीत लिखा है आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । क्या 'संयम' के साथ 'यम' की तुकान्तता सही है?"
Mar 1
narendrasinh chauhan commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में
"khub sundar rachna "
Mar 1
Shyam Narain Verma commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में
"बहूत ही उम्दा गीत, हार्दिक बधाई l सादर"
Feb 28
नन्दकिशोर दुबे posted a blog post

कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में

गीत कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में !प्राणों पर संकट है, काया के रथ में !क्षण-क्षण यह चिंतनजीवन बीहड़ वन !इस वन में एकाकीप्राणों का विचरण !पीड़ा ही पीड़ा है, जीवन के अथ में !प्राणों पर संकट है, काया के रथ में !पग-पग पर संयमअन्यथा समक्ष यम !द्वन्द्वात्मक नर्तन होआजीवन छम-छम !अमरता की मृत्यु है, साहस के श्लथ में !प्राणों पर संकट है, काया के रथ में !जन-जन में समताममता ही ममता !जनहित में अर्पित होपौरुष और क्षमता !जीवन की सार्थकता सफल मनोरथ में !प्राणों पर संकट है, काया के रथ में…See More
Feb 27
नन्दकिशोर दुबे and Ramkunwar Choudhary are now friends
Feb 24
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीतिका
"आ. भाई नन्द किशोर जी, सुंदर गीतिका हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Feb 20
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीतिका
"क्या कहने आदरणीय दुबे जी ..बहुत ही सुन्दर गीतिका कही.."
Feb 18
Mohammed Arif commented on नन्दकिशोर दुबे's blog post गीतिका
"आदरणीय नंदकीशोर दुबे जी आदाब,                            बहुत ही सुंदर भावोंं की वाटिका । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 18

Profile Information

Gender
Male
City State
इंदौर
Native Place
इंदौर
Profession
एडवोकेट
About me
एक प्रसिद्ध कवि व लेखक

नन्दकिशोर दुबे's Blog

गीत : कुम्हलाईए मत खिल खिल रहिये

कुम्ह्लाइए मत खिल-खिल रहिये !

खुश-खुश रहिये , हिलमिल रहिये !

बीत गया मनमोहक सपना 

खो गया दिलबर आपका अपना

कतराइये मत, शामिल रहिये 

हंसमुख रहिये, चुलबुल रहिये !…

Continue

Posted on April 4, 2018 at 5:00pm — 3 Comments

कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में

गीत 

कंटक ही कंटक हैं, जीवन के पथ में !

प्राणों पर संकट है, काया के रथ में !

क्षण-क्षण यह चिंतन

जीवन बीहड़ वन !

इस वन में एकाकी

प्राणों का विचरण…

Continue

Posted on February 27, 2018 at 11:30am — 7 Comments

गीतिका

रात गहरी, घोर तम छाया हुआ !

हार कर बैठा हूँ --- पथराया हुआ !

यूँ पड़ा हूँ, लोकपथ के तीर पर 

जैसे प्रस्तर-खण्ड ठुकराया हुआ !

दूर जुगनूँ एक दिपता आस का 

शेष सब  सुनसान,   थर्राया हुआ !…

Continue

Posted on February 17, 2018 at 5:08pm — 4 Comments

वासन्ती-गीत

वासन्ती-गीत

        

सुरीले दिन वसन्त के

मनहर,सरसाते दिन आये रसवन्त के

सुरीले दिन वसन्त के.....!

  

बहुरंगी बोछारे धरती पर बरसाते

ऋतुओ का राजा फिर आया हँसते गाते

 

 पोर पोर पुलकित दिक् के दिगन्त के 

सुरीले दिन वसन्त के......!

 

मस्ताना मौसम जनजीवन में थिरकन हैं

कान्हा की भक्ति  मे खोया हर तन मन हैं

 

चित्त चपल, ध्यान मग्न, योगी और संत के

सूरीले दिन वसन्त…

Continue

Posted on January 28, 2018 at 7:30pm — 2 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:46am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"अब तो हर क़ातिल मसीहा बन गया है दोस्तोंख़त्म कर दे जो भरोसा उसका मत सम्मान कर l.........बहुत सही…"
5 minutes ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"पाकर झूठा सम्मानकद बढ़ता ही गयामगर अपनी हीनज़रों में गिरता गया ।  ........आदरणीय मोहम्मद…"
11 minutes ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी,  प्रोत्साहन हेतु बहुत धन्यवाद एवं आभार।"
14 minutes ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी, प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
15 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"हौसला अफजाई का शुक्रिया आदरणीय अशोक कुमार साहब ....."
29 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"सार्थक रचना हेतु बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी साहब ......"
32 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी आदाब,                    …"
33 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"आदरणीय नादिर खान साहब सादर, प्रदत्त विषय पर दोनों ही क्षणिकाएँ सुंदर रची हैं आपने. हार्दिक बधाई…"
35 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"द्वितीय पेशकश भी बहुत ही उम्दा । हार्दिक बधाई आदरणीय नादिर ख़ान साहब ।"
37 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"समय का सम्मान कीजै वरना पछतायेंगे आप, बीते पल को कभी वापस नहीं ला पायेंगे आप, .......वाह…"
37 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"बहुत ही लाजवाब मुक्तक । हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय दयाराम मेथानी जी ।"
39 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-98
"आदरणीय नादिर खान साहब आपको प्रस्तुत रचना सुन्दर लगी मेरा सृजन कार्य सफल हुआ. आपका अतिशय आभार. सादर."
41 minutes ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service