For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Rohit Dubey "योद्धा "
  • Male
  • Indore
  • India
Share on Facebook MySpace

Rohit Dubey "योद्धा "'s Friends

  • नन्दकिशोर दुबे
  • seema agrawal
  • Albela Khatri
  • Rekha Joshi
  • Dr.Prachi Singh
  • arunendra mishra
  • Harish Bhatt
  • PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA
  • राकेश त्रिपाठी 'बस्तीवी'
  • MAHIMA SHREE
  • विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी
  • अरुण कुमार निगम
  • aashukavi neeraj awasthi
  • AVINASH S BAGDE
  • Dr Ajay Kumar Sharma

Rohit Dubey "योद्धा "'s Groups

 

Rohit Dubey "योद्धा "'s Page

Latest Activity

Rohit Dubey "योद्धा " posted a blog post

नानी की कमी जीवन पर्यन्त याद आएगी!

नानी की कमी जीवन पर्यन्त याद आएगी ,आंखें मेरी क्षण-क्षण अक्षुओं से भर आएंगीखाये जिनके बनाये गर्मियों में चांवल और दाल,छोड़ के हम नाती-पोतों को कब दूर चली जाएगीछत पर जिनकी तोड़ कर खता मिर्च नमक लगा कच्चा आम और जाम,उस वृक्ष की टहनी कब हम सब से इस तरह यूँ कट जाएगीसेव,मुरमुरे,प्याज,टमाटर काट के भेल खिलाती थी,एक पल को यूँ श्वास त्यागकर स्वर्गलोक सिधर जाएगीग्रीष्मकाल में विद्यालय के ९ मास जो कलम घीसी ,बचे मास खुशियों की स्याही जिसने भरी वह स्याही ढुल जाएगीछत-आंगन पर जिनके समकक्ष गोद में सोये गपशप…See More
Apr 20, 2021
Rohit Dubey "योद्धा " updated their profile
Apr 20, 2021

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore
Native Place
Indore
Profession
Software Engineer and Data Scientist
About me
मैं कवि तो नहीं मगर पिछले १० वर्षों से लिख रहा हूँ , अपनी मात्र भाषा से सदा जुड़ा रहना चाहता हूँ इसीलिए लिखता रहता हूँ

Rohit Dubey "योद्धा "'s Photos

  • Add Photos
  • View All

Rohit Dubey "योद्धा "'s Blog

नानी की कमी जीवन पर्यन्त याद आएगी!

नानी की कमी जीवन पर्यन्त याद आएगी ,

आंखें मेरी क्षण-क्षण अक्षुओं से भर आएंगी

खाये जिनके बनाये गर्मियों में चांवल और दाल,

छोड़ के हम नाती-पोतों को कब दूर चली जाएगी…

Continue

Posted on April 20, 2021 at 11:00am

मैं  इस देश का नेता हूँ

मैं  इस देश का नेता हूँ, आपसे कुछ ना लेता हूं।

ख्वाब चाँद के दिखलाता हूँ, विभु स्वप्न भेंट कर देता हूं

मैं इस देश का नेता हूँ, आपसे कुछ ना लेता हूं।

पंचवर्ष सेवा में रहकर, सौ वर्ष के ख्वाब दिखाता हूँ  

मैं इस देश का नेता हूँ, आपसे कुछ ना लेता हूं।…

Continue

Posted on June 5, 2018 at 11:00am — 4 Comments

माचिस की तीली की आत्मकथा ( लघुकथा )

सिरा है मेरा काला ,

तन है मेरा सफ़ेद |

मोल नहीं कुछ मेरा ,

करूँ अगर रंगों में मेरे भेद |

कोई ना जाने मोल मेरा,

गर रहूँ मैं डिब्बे में बंद |

बाहर निकल कर रगड़ जो खाऊं ,

तब बनु मैं ज्योत अखंड |

रहती हूँ अपनी सहेलियों के सांथ,

काम आती रहेंगी जो आपके ,

मेरे जाने के भी बाद |

लौ के रूप में उत्साह के सांथ हम बाँट लेती हैं एक दूजे का दर्द /``\ /``\

त्योहारों में दिया जलाकर खुशियां भी लाती हूँ |

बीड़ी-सिगरेट को जला कर धूम्रपान भी फैलाती…

Continue

Posted on June 27, 2015 at 7:59pm — 7 Comments

वो चार पहियां गाड़ी

वो चार पहियां गाड़ी कहाँ मिलेगी कोई हमें  बता दे,

एक हमसफ़र के  साथ चलायें जिसे , ऐसी कोई खता दे 



जिसमे न खिड़की हो,

जिसमे न दरवाज़ा ,

जो चले ज़रा धीरे-धीरे , 

बादलों को चीरे-चीरे |



वो चार पहियां गाड़ी  कहाँ मिलेगी कोई हमें  बता दे,

एक हमसफ़र के  साथ चलायें जिसे , ऐसी कोई खता दे 



पहियां बड़ा…

Continue

Posted on June 23, 2015 at 7:30pm — 5 Comments

Comment Wall (6 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 3:49pm on July 27, 2012, ganesh lohani said…

स्वागत है मित्र आपका |

At 3:54pm on March 9, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

स्नेही रोहित जी, शुभ होली. बढ़िया पर्व पर युवक द्वारा एक बुजुर्ग को साथी बनाया है. आभार 

At 8:25pm on February 22, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 10:19am on February 22, 2011, Admin said…
At 2:48pm on February 18, 2011, Ratnesh Raman Pathak said…
At 12:36pm on February 18, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
amita tiwari posted a blog post

गर्भनाल कब कट पाती है किसी की

कहीं भी कोई भी माँ अमर तो नहीं होती एक दिन जाना होता ही है सब की माताओ को फिर भी जानते बूझते भी…See More
yesterday
vijay nikore commented on Sushil Sarna's blog post दोहा दशम. . . . . उम्र
"भाई सुशील जी, सारे दोहे जीवन के यथार्थ में डूबे हुए हैं.. हार्दिक बधाई।"
yesterday
vijay nikore posted a blog post

प्यार का पतझड़

एक दूसरे में आश्रय खोजतेभावनात्मक अवरोधों के दबाव मेंकभी ऐसा भी तो होता है ...समय समय से रूठ जाता…See More
Tuesday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"प्रारम्भ (दोहे) अंत भला तो सब भला, कहते  सब ये बात। क्या आवश्यक है नहीं, इक अच्छी…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"आदरणीय  जयहिंद रायपुरी जी अच्छा हायकू लिखा है आपने. किन्तु हायकू छोटी रचना है तो एक से अधिक…"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"हाइकु प्रारंभ है तो अंत भी हुआ होगा मध्य में क्या था मौलिक एवं अप्रकाशित "
Saturday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"स्वागतम"
Friday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Apr 8
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं
"आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद ' जी सादर अभिवादन प्रथम तो मैं क्षमाप्रार्थी हूँ देरी से आने की…"
Apr 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा दशम. . . . . उम्र

दोहा दशम् . . . . उम्रठहरी- ठहरी उम्र अब, करती एक सवाल ।कहाँ गई जब जिंदगी, रहती थी खुशहाल ।।यादों…See More
Apr 6
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं
"आदरणीय Jaihind Raipuri साहिब, नमस्कार। बढ़िया ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें। /ये मेरा…"
Apr 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service