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Hariom Shrivastava
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बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"वाह आदरणीय बहुत ही खूब कटाक्ष किया है बधाई"
Wednesday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Hariom Shrivastava's blog post समान सवैया या सवाई छंद
"वाह अति सुन्दर आदरणीय सरस रचना.."
Wednesday
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post समान सवैया या सवाई छंद
"आदरणीय समर कबीर साहब, आपकी उपस्थिति व उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया हेतु हार्दिक आभार।"
Monday
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"आदरणीय समर कबीर साहब,आपकी उपस्थिति व उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया हेतु हार्दिक आभार।"
Monday
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"आदरणीय सुशील सारना जी,आपकी उपस्थिति व उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया हेतु हार्दिक आभार।"
Monday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"आद0 हरिओम श्रीवास्तव जी सादर अभिवादन। बढिया विषय लेकर बेहतरीन कुण्डलिया लिखी आपने। बधाई स्वीकार कीजिये। अगर प्रेटी का कोई और विकल्प हो तो और बेहतर होंगा अन्यथा हिंदी का शब्द न होने से हिंदी शब्दकोश में लोग इसका अर्थ खोजते रह जाएंगे। सादर"
Sunday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"आद0 हरिओम श्रीवास्तव जी सादर अभिवादन। बढ़िया कुण्डलिया छंद लिखा आपने। बधाई स्वीकार कीजिये। हेटी का क्या अर्थ लिया आपने क्योकि यह शब्द मुझे नया मिला"
Sunday
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,चुनाव के माहौल पर अच्छे कुण्डलिया छन्द रचे हैं आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Mar 16
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post समान सवैया या सवाई छंद
"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,अच्छे छन्द लिखे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Mar 16
vijay nikore commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"सुन्दर रचना के लिए बधाई, आ० हरिओम श्रीवास्तव जी"
Mar 16
Sushil Sarna commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"वाह आदरणीय हरिओम श्रीवास्तव जी वाह .... वर्तमान परिस्थितियों को जीती आपकी इन कुंडलियों के दिल से बधाई। एक से बढ़कर एक प्रस्तुति है।"
Mar 15
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"आदरणीय सौरभ पाण्डे जी,आपकी उपस्थिति व समीक्षात्मक प्रतिक्रिया से प्रयास सफल जान पड़ा। मैं अँग्रेजी के शब्दों के प्रयोग से बचता ही हूँ आदरणीय, किंतु बेटी के तुक के सीमित विकल्प होने के कारण 'प्रेटी' शब्द प्रयुक्त करना पड़ा। उत्साहवर्धन हेतु…"
Mar 15
Hariom Shrivastava posted a blog post

कुण्डलिया छंद -

1- होते आम चुनाव से, नेता सत्तासीन। वोटों की खातिर सभी, खूब बजाते बीन।। खूब बजाते बीन, करें बढ़चढ़कर वादे।बन जाते हैं मूर्ख, लोग जो सीधे-सादे।।चुनकर स्वयं अयोग्य,बाद में खुद ही रोते।लोकतंत्र की रीढ़, यही मतदाता होते।।2-आए हैं अब देश में, फिर से आम चुनाव।इसीलिए गिरने लगे, नेताओं के भाव।।नेताओं के भाव, फिरें घर-घर रिरियाते।चुन जाने के बाद, न जो सुधि लेने आते।।करिए सही चुनाव, वोट यह व्यर्थ न जाए।पाँच वर्ष पश्चात्, चुनाव पुनः यह आए।।(मौलिक व अप्रकाशित)**हरिओम श्रीवास्तव**See More
Mar 15
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post सरसी छंद - "अरुणोदय"
"आदरणीय सौरभ पाण्डे जी,रचना पर आपकी उपस्थिति व सुंदर समीक्षात्मक प्रतिक्रिया पाकर मैं अभिभूत हूँ; सृजन सार्थक हुआ। तहेदिल से आपका शुक्रिया।"
Mar 15

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Hariom Shrivastava's blog post सरसी छंद - "अरुणोदय"
"आदरणीय हरिओम जी, आपकी सरसी छंद में निबद्ध रचनाएँ मनभावन बन पडी हैं. अरुणॊदय की वेला का मनहारी वर्णन हुआ है.  हार्दिक बधाइयाँ "
Mar 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"आदरणीय हरिओम श्रीवास्तव जी, आपकी कुण्डलिया गंभीर विषय पर सहज प्रवाह में सीख देती बढ़ती जाती है. प्रेटी का जैसा उपयोग आपने किया है वह चुटीला तो है ही बोलचाल की भाषा की स्वीकार्यता को बढ़ाता हुआ है. हालाँकि, अंघ्रेज़ी के शब्दों के प्रयोग को लेकर कई…"
Mar 14

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal, M.P.
Native Place
Datia, M.P.
Profession
Former Commercial Tax Officer

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At 12:29pm on April 16, 2018, Dr.Rama Dwivedi said…

ओ बी ओ  परिवार में जोड़ने हेतु  समस्त पदाधिकारियों का हार्दिक आभार एवं सादर नमन !

At 12:25pm on April 16, 2018, Dr.Rama Dwivedi said…

ओ बी ओ  परिवार में जोड़ने हेतु बहुत -बहुत आभार आदरणीय Hariom Shrivastava ji 

At 4:56pm on April 20, 2017, Hariom Shrivastava said…
सादर आभार आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी।
At 9:53pm on April 1, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

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Hariom Shrivastava's Blog

कुण्डलिया छंद -

1-

होते आम चुनाव से, नेता सत्तासीन।

वोटों की खातिर सभी, खूब बजाते बीन।।

खूब बजाते बीन, करें बढ़चढ़कर वादे।

बन जाते हैं मूर्ख, लोग जो सीधे-सादे।।

चुनकर स्वयं अयोग्य,बाद में खुद ही रोते।

लोकतंत्र की रीढ़, यही मतदाता होते।।

2-

आए हैं अब देश में, फिर से आम चुनाव।

इसीलिए गिरने लगे, नेताओं के भाव।।

नेताओं के भाव, फिरें घर-घर रिरियाते।

चुन जाने के बाद, न जो सुधि लेने आते।।

करिए सही चुनाव, वोट यह व्यर्थ न जाए।

पाँच वर्ष पश्चात्, चुनाव…

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Posted on March 15, 2019 at 9:32am — 5 Comments

समान सवैया या सवाई छंद

इसमें 32 मात्राऐं व 16'16 पर यति तथा अंत में भगण अर्थात् (211) अनिवार्य है।

【इस छंद में नया प्रयोग करने का प्रयास। अंत में भगण की अनिवार्यता के कारण ‘दीर्घ’ मात्रा प्रयुक्त, अन्यथा सम्पूर्ण छंद में लघु वर्ण】

----------------------------------------

झटपट सजधजकर लचक-धचक, डगमग चलकर पथ महकाकर।

तन झटक-मटक नटखट कर-कर, नयनन सयनन मन बहकाकर।।

फिर घट कर गहकर सरपट चल, पनघट पर झट अलि सँग जाकर।

जल भरकर सर पर घट रखकर, पग-पग चलकर खुश घर आकर।।

(मौलिक व…

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Posted on March 13, 2019 at 7:31pm — 5 Comments

कुण्डलिया छंद-

बेटा-बेटी  में  किया, जिसने   कोई  भेद।
उसने मानो कर लिया, स्वयं नाव में छेद।।
स्वयं नाव में छेद, भेद  की  खोदी  खाई।
बहिना से ही दूर, कर दिया उसका भाई।।
कोई  श्रेष्ठ न तुच्छ, लगें  दोनों  ही  प्रेटी।
ईश्वर  का   वरदान,  मानिये   बेटा-बेटी।।
(मौलिक व अप्रकाशित)
**हरिओम श्रीवास्तव**

Posted on March 11, 2019 at 10:30am — 7 Comments

कुण्डलिया छंद -

बेटा-बेटी    में    करें, भेदभाव    क्यों    लोग।
सबका अपना भाग्य हैं, जब हो जिसका योग।।
जब हो जिसका योग, और प्रभु की जो मर्जी।
कौन  श्रेष्ठ  या  हेय,  धारणा  ही   ये    फर्जी।।
पुत्री  हो   या   पुत्र, नहीं   इसमें   कुछ   हेटी।
दोनों    एक    समान, आज   हैं    बेटा-बेटी।।
(मौलिक व अप्रकाशित)
**हरिओम श्रीवास्तव**

Posted on March 10, 2019 at 10:30am — 7 Comments

 
 
 

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