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M Vijish kumar
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M Vijish kumar posted a blog post

गीत - ऐतबार

गीत - ऐतबारना करना तू ऐतबार प्यार मे, बस धोखे ही धोखे हैं इस प्यार मे, मैने दिया था तुमको ये दिल, करना चाहूँ तुम्हे हासिल, बदला तूने जो अपना इरादा, तोड़ा तूने क्यूँ अपना ये वादा.1} जबसे रूठ के मुझसे तुम गई, ज़िंदगी ऐसी वीरान हो गई, इस कदर तूने ठोकर है मारी, खुशियाँ कहीं मेरी खो गई. मैने दिया था तुमको ये दिल, करना चाहूँ तुम्हे हासिल, बदला तूने जो अपना इरादा, तोड़ा तूने क्यूँ अपना ये वादा.2}तुम ऐसे क्यू मुझको रुला गई, उन लम्हों को कैसे भुला गई, ना थी कोई खता इसमे मेरी, फिर भी गम के ये मंज़र दिखा…See More
Feb 21
M Vijish kumar commented on M Vijish kumar's blog post गीत - आरज़ू
" आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'  जी  आपका हृदय से धन्यवाद "
Feb 6
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on M Vijish kumar's blog post गीत - आरज़ू
"आद0 विजिश कुमार जी सादर अभिवादन।बढ़िया गीत लिखा आपने,  हमारी कोटिश बधाई आपको, इस प्रस्तुति पर।"
Jan 29
M Vijish kumar commented on M Vijish kumar's blog post गीत - आरज़ू
"आदरणीय Mohammed Arif जी  आपका हृदय से धन्यवाद "
Jan 28
Mohammed Arif commented on M Vijish kumar's blog post गीत - आरज़ू
"आदरणीय विजीश कुमार जी आदाब,                   बहुत ही अच्छा प्रेम गीत । बेहतरीन पंक्तियाँ । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Jan 28
M Vijish kumar posted a blog post

गीत - आरज़ू

गीत - आरज़ूअंजाने से सपने, अंजानी राह है,पाना है तुझको ही, यह मेरी चाह है,तेरे बिना ऐसे कैसे मैं जियुं,चाहता हूँ साथ तेरे मैं रहूँ,पूरी कर दे तू मेरी यह आरज़ू,पूरी कर दे तू मेरी यह आरज़ू.1} खोकर सब अपनो को, तेरे पीछे चला,गिरकर फिर उठने का. लाऊँ कैसे हौसला,ज़ख़्मो को आज मैं भर दूँ ,जो तू मुझसे कहे वो कर दूँ ,पूरी कर दे तू मेरी यह आरज़ू,पूरी कर दे तू मेरी यह आरज़ू.2} औरों से पूछा, तेरा पता है कहाँ,तरसूं अब मिलने को, तेरा ठिकाना है कहाँ,अब मेरा यकीन तू करले,बाहों मे तू मुझको भर ले ,पूरी कर दे तू…See More
Jan 27
M Vijish kumar commented on M Vijish kumar's blog post गीत - तुझे देखूँ यहाँ वहाँ
"आदरणीय KALPANA BHATT ('रौनक़') जी आपका ह्रदय  से धन्यवाद"
Oct 13, 2017
M Vijish kumar commented on M Vijish kumar's blog post गीत - तुझे देखूँ यहाँ वहाँ
"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'  जी आपका ह्रदय  से धन्यवाद"
Oct 13, 2017
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on M Vijish kumar's blog post गीत - तुझे देखूँ यहाँ वहाँ
"अच्छा प्रयास आद ० एम् विजेश जी | बधाई आपको "
Oct 11, 2017
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on M Vijish kumar's blog post गीत - तुझे देखूँ यहाँ वहाँ
"आद0 एम विजिश कुमार जी सादर अभिवादन, अच्छा गीत लिखा आपने, दिल खोल कर बधाई लीजिये। सादर"
Oct 9, 2017
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on M Vijish kumar's blog post गीत - तुझे देखूँ यहाँ वहाँ
"आद0 एम विजिश कुमार जी सादर अभिवादन, अच्छा गीत लिखा आपने, दिल खोल कर बधाई लीजिये। सादर"
Oct 9, 2017
M Vijish kumar commented on M Vijish kumar's blog post गीत - तुझे देखूँ यहाँ वहाँ
"आदरणीय  Samar kabeer जी आपका ह्रदय  से धन्यवाद"
Oct 8, 2017
Samar kabeer commented on M Vijish kumar's blog post गीत - तुझे देखूँ यहाँ वहाँ
"जनाब विजिश कुमार जी आदाब,गीत का अच्छा प्रयास है,मार्गदर्शन के लिए गुणीजनों की प्रतीक्षा करें,इस प्रस्तुति पर बधाई ।"
Oct 8, 2017
M Vijish kumar posted a blog post

गीत - तुझे देखूँ यहाँ वहाँ

संदेसा तेरे दिल का , धड़कने है लातीं,सवार तेरे धुन मे, खुद को कहाँ रोक पाते, बस मुस्कुरकर तू देख लेती ज़रा, दिल क्या, जान भी तेरे हो जाते, तुझे देखूँ यहाँ वहाँ, ढूँढूँ मैं सारा जहाँ,  बाहों से लगा लूँ तुझे, दिल मे बसा लूँ तुझे....(2)तेरे कदमों के निशान, हर जगह ढूंढा करता हूँ,मिल जाए वो धूल तो, उन्हे समेट लिया करता हूँ, भले ही भूल जाऊं खुदा को, पर तेरी बातें हर पल याद किया करता हूँ , तुझे देखूँ यहाँ वहाँ, ढूँढूँ मैं सारा जहाँ,  बाहों से लगा लूँ तुझे, दिल मे बसा लूँ तुझे....(2) फूलों का गुरूर,…See More
Oct 8, 2017
M Vijish kumar commented on M Vijish kumar's blog post कविता - " क्यूँ किया तूने "
"आदरणीय आरिफ़ जी , आपका हृदय से धन्यवाद . आपकी बातों का ज़रूर ध्यान रखूँगा "
Mar 9, 2017
Mohammed Arif commented on M Vijish kumar's blog post कविता - " क्यूँ किया तूने "
"आदरणीय विजिश कुमार जी आदाब,प्यार के ख़ूबसूरत अहसासों की सुंदर बगिया खिलाती इस रचना के लिए आपको हार्दिक बधाई देता हूँ स्वीकार करें । स्त्रीलिंग-पुल्लिंग का ध्यान रखें ।"
Mar 9, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhilai
Native Place
Kerala
Profession
ASI
About me
I am Just trying to write i am not professional but i Love wriiting.

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गीत - ऐतबार

गीत - ऐतबार

ना करना तू ऐतबार प्यार मे,

बस धोखे ही धोखे हैं इस प्यार मे,

मैने दिया था तुमको ये दिल, करना चाहूँ तुम्हे हासिल,

बदला तूने जो अपना इरादा, तोड़ा तूने क्यूँ अपना ये वादा.

1} जबसे रूठ के मुझसे तुम…

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Posted on February 18, 2018 at 2:00pm

गीत - आरज़ू

गीत - आरज़ू

अंजाने से सपने, अंजानी राह है,

पाना है तुझको ही, यह मेरी चाह है,

तेरे बिना ऐसे कैसे मैं जियुं,

चाहता हूँ साथ तेरे मैं रहूँ,

पूरी कर दे तू मेरी यह आरज़ू,

पूरी कर दे तू…

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Posted on January 27, 2018 at 8:18pm — 4 Comments

गीत - तुझे देखूँ यहाँ वहाँ

संदेसा तेरे दिल का , धड़कने है लातीं,

सवार तेरे धुन मे, खुद को कहाँ रोक पाते,

बस मुस्कुरकर तू देख लेती ज़रा,

दिल क्या, जान भी तेरे हो जाते,

तुझे देखूँ यहाँ वहाँ, ढूँढूँ मैं सारा जहाँ, 

बाहों से लगा लूँ तुझे, दिल मे बसा लूँ तुझे....(2)…

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Posted on October 7, 2017 at 7:30pm — 7 Comments

कविता - " क्यूँ किया तूने "

आशिक़ तू आशिक़ी से पहले, करना ज़रूर गौर,

इश्क़ की राह मे आया है नया दौर,

हाथो मे हाथ लिए निकले तो थे,

हमराह बनकर भी तू, चला गया कहीं और.

क्यूँ किया तूने, ये तू क्या कर गई,

बिना कुछ किए ही मेरी जान ले गई....

लफ़्ज़ों की एहमियत को, तू ना समझ पाया,

जाने के बाद मेरे, मैं तुझे याद आया,

की थी क्या ख़ाता मैने, जो तूने था मुंह मोड़ा,

काँच से भी बदतर, तूने दिल मेरा है तोड़ा.

क्यूँ किया तूने, ये तू क्या कर गई,

बिना कुछ किए ही मेरी जान ले…

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Posted on March 9, 2017 at 10:00am — 2 Comments

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At 8:56am on January 1, 2014,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
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नये साल की शुभ कामनाये , आपको और आपके पूरे परिवार को

 
 
 

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