For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

munish tanha
Share

munish tanha's Groups

 

munish tanha's Page

Latest Activity

munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102
"दिल हमारा जब कभी गम का निशाना बन गया नाम तब रब का  पुकारा    वो सहारा बन गया प्यार करके भी अकेला   आज  दुनियां में फिरूं चाहता था क्या मैं   देखो क्या नज़ारा बन गया हादसे ने था किया…"
Dec 28, 2018
Samar kabeer commented on munish tanha's blog post इस तरह जिन्दगी तमाम करें
"जनाब मुनीश तन्हा जी आदाब,तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें । कुछ मिसरों में टंकण त्रुटियाँ देखें । '  आज तौफिक दे खुदा सबको' इस मिसरे में 'तौफिक' को "तौफ़ीक़" कर लें ।"
Dec 1, 2018
राज़ नवादवी commented on munish tanha's blog post इस तरह जिन्दगी तमाम करें
"आदरणीय मुनीश तनहा जी, आदाब. ग़ज़ल की पेशकश पर दाद के साथ मुबारकबाद. सादर. "
Dec 1, 2018
munish tanha posted a blog post

इस तरह जिन्दगी तमाम करें

इस तरह जिन्दगी तमाम करें लोग आ कर हमें सलाम करें झूठ का अब न एहतराम करें इस तरह का भी इंतिजाम करें तू वना खुद को इस तरह शीशा देख चेहरा सभी सलाम करें इस तरह वख्श बन्दगी दाता सुबह से शाम राम-राम करें आप के हाथ अब नहीं बाजी आप अब और कोई काम करें आज तौफिक दे खुदा सबको देश पर जां लुटा के नाम करें देख नफरत उदास है “तन्हा” आस्तां में कहीं कयाम करें मुनीश “तन्हा” मौलिक व् अप्रकाशितSee More
Nov 29, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"इस तरह वो सता गया है मुझे जख्म गहरा लगा गया है मुझे उम्र भर मैं अलग रहा उससे वो मगर फिर भी पा गया है मुझे साथ सच के कहीं न बढ़ जाऊं रास्ते से हटा गया है मुझे वन्दगी है तो जिन्दगी अच्छी वक्त ऐसा पढ़ा गया है मुझे जख्म खाने का फायदा ये हुआ सब्र करना तो आ…"
Oct 20, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"ले कर मता-ए-जां भी चलो दिल के साथ साथ ।सौदा ये वो नहीं है कि सस्ता कहें जिसे । बेग साहिब क्या बात है "
Sep 28, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"सारे जवान पेड़ लगे डर से काँपने,अब तो रहा न एक भी बूढ़ा कहें जिसे। वाह भाई अजय क्या रवानगी है "
Sep 28, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"दंगाइयों ने छीन लिया बचपना तमाम इस शह्र में कोई नहीं बच्चा कहें जिसे राजेश साहिबा बहुत अच्छा "
Sep 28, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"शोलों को दीजिए न हवा बल्कि मोह्तरमवो नूर लाइये कि उजाला कहें जिसे शिज्जु भाई जिंदाबाद "
Sep 28, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"है जिस्म की ही आरजु हर शख्स को यहां।है ही नहीं ये प्यार वो गहरा कहें जिसे। वाह अमित जी "
Sep 28, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"रिश्तों को भूल बच्चे हैं परदेस जा बसेबूढ़ों की लाठी कौन, सहारा कहें जिसे । बेहतरीन प्रयास "
Sep 28, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"जो चीखते हैं ज़ोर से अपनी सफाई में होता है उनकी दाल में काला कहें जिसे  नादिर भाई बहुत उम्दा "
Sep 28, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"नाज़िल हुई जो दिल पे फ़क़ीराना शख़्सियतहमको मिला न कोई पराया कहें जिसे कमाल है दिनेश जी "
Sep 28, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"इंसान का ही मिलना अज़ीज़ो मुहाल है,ऐसा यहाँ है कौन फ़रिश्ता कहें जिसे। रवि भाई कमाल है कमाल है "
Sep 28, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"उनकी मिसाल ढूंढने से भी न मिल सकीहै कौन इस ज़माने में उनसा कहें जिसे वाह अंजलि साहिबा बहुत अच्छा प्रयास "
Sep 28, 2018
munish tanha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99
"जुगनू की तर’ह रात का यूँ सामना करें सारे चिराग़ रात का जलना कहें जिसे निलेश भाई जिंदाबाद "
Sep 28, 2018

Profile Information

Gender
Male
City State
nadaun, himachal
Native Place
india
Profession
govt. service
About me
believes in god and writing is my passion
ग़ज़ल
जिन्दगी में न वन्दगी आई
देख सब से बड़ी ये रुसवाई
राम अल्लाह सच गुरु नानक
बात यीशू ने सच की बतलाई
आखरी वक्त काम आएँगे
सीख रिश्तों की थोड़ी तुरपाई
साथ माँ बाप के नहीं रहता
जिन्दगी कैसे मोड पर लाई
भेष में साधू के छुपा रावण
भेद सीता कहाँ समझ पाई
अब भरोसा करें बात किस पर
यार जिगरी हुआ है हरजाई
काश “तन्हा” मिले पता उसका
फिर बजेगी खुशी की शेहनाई

 मौलिक व अप्रकाशित 

Munish tanha's Blog

इस तरह जिन्दगी तमाम करें

इस तरह जिन्दगी तमाम करें
लोग आ कर हमें सलाम करें
झूठ का अब न एहतराम करें
इस तरह का भी इंतिजाम करें
तू वना खुद को इस तरह शीशा
देख चेहरा सभी सलाम करें
इस तरह वख्श बन्दगी दाता
सुबह से शाम राम-राम करें
आप के हाथ अब नहीं बाजी
आप अब और कोई काम करें
आज तौफिक दे खुदा सबको
देश पर जां लुटा के नाम करें
देख नफरत उदास है “तन्हा”
आस्तां में कहीं कयाम करें
मुनीश “तन्हा”
मौलिक व् अप्रकाशित

Posted on November 29, 2018 at 9:30pm — 2 Comments

ग़ज़ल: जिन्दगी में न वन्दगी आई

जिन्दगी में न वन्दगी आई
देख सब से बड़ी ये रुसवाई
राम अल्लाह सच गुरु नानक
बात यीशू ने सच की बतलाई
आखरी वक्त काम आएँगे
सीख रिश्तों की थोड़ी तुरपाई
साथ माँ बाप…
Continue

Posted on October 16, 2017 at 9:30am — 4 Comments

इस प्यार को सदा ही निभाते रहेंगे हम

२२१ – २१२२ -१२२१ -२१२

इस प्यार को सदा ही निभाते रहेंगे हम

दुश्वार रास्ता हो भले पर चलेंगे हम

सच बोलने के साथ में हिम्मत अगर रही

फिर फूल की तरह ही सदा वस खिलेंगे हम

जब सांस थी तो कर्म न अच्छा कभी किया

इक आग जुर्म की है जिसे अब सहेंगे हम

तरकीब जिन्दगी में अगर काम आ गई

मुंह आईने में देख के परदे सिलेंगे हम

है चैन जिन्दगी में कहाँ ढूँढ़ते फिरें

दिन रात के हिसाब में उलझे मिलेंगे हम

मैली करो न सोच खुदा से जरा डरो

टेढ़ी नजर हुई तो…

Continue

Posted on August 31, 2017 at 3:30pm — 6 Comments

जनाब का हुक्म मानकर.... ग़ज़ल

1222-1222-1222-1222



जहां में आप सा हमको कोई कामिल नहीं मिलता

मिले हमको कई अच्छे मगर आकिल नहीं मिलता 



जिन्हें तूफ़ान से लड़ना उन्हें फिर कौन रोकेगा

वही पाते हैं मंजिल को जिन्हें साहिल नहीं मिलता



तुम्हें मालूम है लेकिन बता सकते नहीं किस्सा

अजब घटना घटी देखो हमें फाजिल नहीं मिलता



खुदा मालिक है दुनिया का उसे सबसे मुहब्बत है

सहारा वो नहीं देता कभी साहिल नहीं मिलता



गगन मिट्टी हवा पानी हमें जीने को देता है

बसा…

Continue

Posted on January 26, 2017 at 10:00pm — 5 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 5:29pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय मुनीश तन्हा जी
बहुत बहुत शुक्रिया
At 7:54pm on April 20, 2016,
प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर
said…

ओबीओ परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है मोहतरम मुनीष तन्हा जी.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"ठीक है,जनाब ।"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय गिरिताज भाई जी, आपकी उपस्थिति मात्र से मेरा आयोजन सफल हो गया. आपकी परेशानी मैं समझता…"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"एक हफ़्ते बाद ही बातें कर पाऊँगा. अभी व्यस्त हूँ"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"ऐसा नहीं होगा,मुतमइन रहें ।"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सत्यनारायण जी, आपकी सहभागिता के लिए हार्दिक धन्यवाद ..  आपकी प्रस्तुति के सभी दोहे…"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह वाह !  आपकी प्रस्तुति के लिए सादर धन्यवाद आदरणीय. सभी दोहे सार्थक और चित्रानुरूप हुए…"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"अवश्य,मुहतरम ,चर्चा तो ज़रूरी है,लेकिन सार्थक चर्चा,जिसका कुछ नतीजा भी निकले,होता ये है कि चर्चा…"
2 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"आप एक संवेदनशील रचनाकार और वरिष्ठ साहित्यकार हैं, आदरणीय समर साहब. आपकी संवेदनशीलता इतनी…"
2 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"क्या कहने !! सभी दोहे शानदार हुए हैं, अंतिम दोहा की अंतिम पंक्ति  ......बहकों को बहका…"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"अभी समय कम है हुज़ूर-ए-वाला,आपको ये जानकारी अवश्य उपलब्ध कराई जाएगी,और देना ज़रूरी भी है,लेकिन कुछ…"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"इसका कोई दूसरा मक़सद हो तो आप बताएं? //  किन्तु हमें संतुलन तो बना कर रखना ही होगा न कि भ्रम की…"
2 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय हरिहर झा जी, आपके द्वारा सृजित सभी दोहे शानदार लगें, बहुत बहुत बधाई इस प्रस्तुति हेतु। "
2 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service