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April 2023 Blog Posts

ग़ज़ल( यहाँ की बात वहाँ ला के जोड़ देते हैं)

1212 1122 1212 22

ये न्यूज़ वाले कहानी को मोड़ देते हैं

यहाँ की बात वहाँ ला के जोड़ देते हैं

ख़राब आज को करते नहीं हैं उसके लिए

जो कल की बात है कल पे ही छोड़ देते हैं

बड़े ही प्यार से माँ बाप पालते जिनको

उमीद उनकी वो  बच्चे  ही  तोड़ देते हैं

दिखाते फिरते नहीं ज़ख़्म अपने दुनिया को

हम  अपना  दर्द  ग़ज़ल  में  निचोड़  देते  हैं

जो आइना तुझे घूरे अधिक समय तक तो

उस आइने की  भी आँखों को फोड़ देते हैं

उठा के …

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Added by नाथ सोनांचली on April 4, 2023 at 1:56pm — 4 Comments

अहसास की ग़ज़ल:मनोज अहसास :इस्लाह के लिए

2122   2122   2122  212

तुम हमारे दौर के इक रहनुमा हो तो हँसों।

नाच कठपुतली का जग में हो रहा देखो हँसों।1

इश्क़ वालों ने किसी भी दौर में पाया न चैन,

सूखी आँखों से सभी की दास्तां लिक्खो, हँसों।2

मुझको दिल से है ज़रूरत अपने घर की छांव की,

मेरे पथ में बिछ चुके हर खार को देखो,हँसों।3

घर किसी का तोड़ने फिर आ गई है वो मशीन,

खूब दिल से ये तमाशा देखने वालों हँसों ।4

चूर हो जाओगे तुम टकरा के इन…

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Added by मनोज अहसास on April 1, 2023 at 12:04am — 2 Comments

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