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Deepak Sharma Kuluvi's Blog – April 2012 Archive (7)

बाद मेरे

बाद मेरे तेरी तकदीर बदल जाएगी
है यकीं मुझको मेरी याद भी न आएगी
बाद मेरे तेरी तकदीर बदल--------
छोडो मुझको मेरी यादों को कुछ नहीं इनमें 
ज़िन्दगी यूँ ही बाकी भी गुज़र…
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Added by Deepak Sharma Kuluvi on April 27, 2012 at 5:30pm — 10 Comments

कैसी तकदीर

कैसी तकदीर ले के दुनियां में हम आए हैं
ज़ख्म-ए-दिल पे ही तो  इल्ज़ाम  उनके खाए हैं
कैसी तकदीर ले के दुनियां -------------…
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Added by Deepak Sharma Kuluvi on April 27, 2012 at 5:30pm — 2 Comments

दुखी आत्मा (लघुकथा)

एक भजन लेखक,शायर का देहांत हो गया इसलिए दाहसंस्कार के लिए कुछ एक जानने पहचानने वाले  लोग दोस्त मित्र,रिश्तेदार उनके घर पर एकत्रित हो गए I सब लोग अपने अपने ढँग से उनकी विधवा  पत्नी से संवेदनाएँ व्यक्त कर रहे थे उनकी लेखनी की तारीफ कर रहे थे.... उन्हें  कुछ अवार्ड भी मिले थे उसकी चर्चा भी हो रही थी Iकुछ देर बाद एक मित्र नें उनकी विधवा पत्नी से  कहा .....भाभी जी दाहसंस्कार के लिए लकड़ी व अन्य सामग्री की ज़रुरत पडेगी इसलिए लगभग दस हज़ार रुपये दे दीजिए ....दस…
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Added by Deepak Sharma Kuluvi on April 27, 2012 at 5:00pm — 12 Comments

हो न सका

हो न सका


ऐसे बिछुड़े दीदार हो न सका
बेवफाओं से प्यार हो न सका 
ऐसे बिछुड़े -------------
तुझको भूले न भूलना आया-२
हमको खोकर तुमने क्या पाया-२…
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Added by Deepak Sharma Kuluvi on April 13, 2012 at 12:25pm — 12 Comments

हक़ीकत

 हक़ीकत


आज नहीं तो कल सबके ही दिन आएँगे

सुंदर दिखते चेहरे इक दिन बदसूरत हो जाएँगे
फिर न दिखेगी चमक…
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Added by Deepak Sharma Kuluvi on April 12, 2012 at 12:48pm — No Comments

हक़ीकत

हक़ीकत


आज नहीं तो कल सबके ही दिन आएँगे

सुंदर दिखते चेहरे इक दिन बदसूरत हो जाएँगे
फिर न दिखेगी चमक दमक सब फीका हो जाएगा…
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Added by Deepak Sharma Kuluvi on April 12, 2012 at 10:33am — 2 Comments

अपना बना लेंगे

अपना बना लेंगे 


यकीं हमको नहीं होता 
कि वोह हैं बेवफ़ा यारो
चलो वोह बेवफ़ा ही सही
मुहब्बत हम सिखा देंगे
दिलों से नफरत मिटाने का
जनूं हम भी तो रखते हैं
देखना एक दिन उनको भी …
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Added by Deepak Sharma Kuluvi on April 11, 2012 at 5:27pm — 2 Comments

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