For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खबर:-तलवार दम्पति पर अपनी ही  बेटी के क़त्ल का मुकदमा चलेगा I
कुछ तो 
आरुषी जिगर का टुकड़ा थी 
फिर ऐसा क्यों कर डाला 

कुछ तो ऐसा हुआ होगा 

जो बेटी को मार डाला
उनके दर्द को देखों यारो 
जो रो भी नहीं सकते
ज़ख्म उनके भी ऐसे होंगे 
जो कभी नहीं भर सकते 
इलज़ाम लगाना आसाँ है 
पर हकीकत कड़वी होती है
ऐसे ही नहीं कोई माँ 
बेटी की कातिल होती है 
बेटी की कातिल हो----
दीपक कुल्लुवी 
२५/५/१२.
जहाँ मुझे नादान आरुषी की मौत का गम है वहीँ उसके माँ बाप  की मजबूरी का भी बेहद दुःख है I

Views: 745

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 31, 2012 at 10:02am

दोस्तों इस  रचना में मेरी दोनों तरफ से ही हार है.....लेकिन   जिंदगी रूकती नहीं निरंतर चलती रहती है ...........

बहुत कुछ DEKHA  बहुत कुछ DEKHNA , JHELNA BAQI है..........
'कुल्लुवी '
Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 31, 2012 at 10:02am

दोस्तों इस  रचना में मेरी दोनों तरफ से ही हार है.....लेकिन   जिंदगी रूकती नहीं निरंतर चलती रहती है ...........

बहुत कुछ DEKHA  बहुत कुछ DEKHNA , JHELNA BAQI है..........
'कुल्लुवी '
Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 31, 2012 at 9:50am

YOU ARE VERY RIGHT UMASHANKAR JI KHOON TO DONON TARAF HI HUA HAI ,,KAHIN ARMANON KA AUR KAHIN......

Comment by UMASHANKER MISHRA on May 30, 2012 at 10:53pm

आपने सही लिखा है यह प्रश्न हमारे जेहन में

सदैव घुमड़ता रहता है कि कुछ तो ऐसा कारण रहा होगा

जो माँ बाप को अपने जिगर के टुकड़े का खून करना पड़ा

कारण कुछ भी हो परन्तु उत्तर में मन से यही आवाज आई की

हो सकता है बेटी की करतूत से उनकी झूठी सामाजिक प्रतिष्ठा

को ठेस पहुंची होगी |परन्तु बेटी की  हत्या यह बर्दास्त नहीं |

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 28, 2012 at 10:59am

Dr.Prachi u r very right no one has a power to kill their daughter but sometime anger cross the limit due to circumstances .

Comment by Abhinav Arun on May 26, 2012 at 2:55pm

क्या कहूं ..सामयिक और सार्थक इन विषयों पर लिखना  धार पर चलने के सामान होता है aap  सफल रहे हार्दिक बधाई !!

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on May 25, 2012 at 11:47pm

उनके दर्द को देखों यारो 

जो रो भी नहीं सकते
ज़ख्म उनके भी ऐसे होंगे 
जो कभी नहीं भर सकते 
इलज़ाम लगाना आसाँ है 
पर हकीकत कड़वी होती है
हाँ  दीपक जी हकीकत बहुत कडवी होती ही है ,,,,काल न जाने कब काल का पहिया चला दे ..व्यथा  दिखाती रचना  ....भ्रमर ५ 
Comment by AVINASH S BAGDE on May 25, 2012 at 8:42pm

उनके दर्द को देखों यारो 

जो रो भी नहीं सकते
ज़ख्म उनके भी ऐसे होंगे 
जो कभी नहीं भर सकते ...sahi kaha Deepak bhai..

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 25, 2012 at 7:32pm
चाहे कोई भी वजह रही हो ....
पर बच्ची की जीवन छीन लेने का अधिकार क्या माँ बाप को किसी भी हाल में होना चाहिए? 
Comment by Rekha Joshi on May 25, 2012 at 6:55pm

जो रो भी नहीं सकते

ज़ख्म उनके भी ऐसे होंगे 
नही विशवास होता ,कोई अपनी बेटी का कातिल हो सकता है |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Tuesday
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service