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Rash Bihari Ravi's Blog – July 2010 Archive (13)

कौन कहता हैं सी बी आई का दुरूपयोग होता हैं,

कौन कहता हैं सी बी आई का दुरूपयोग होता हैं,
1984 के दंगों के आरोपी को छोडती हैं ,
जनता के मांग पर फिर केस चलता हैं ,
उसके बाद दोबारा सज्जन कुमार अंदर जाता हैं ,
कौन कहता हैं सी बी आई का दुरूपयोग होता हैं,
टाइटलर हैं किस्मत वाले दोबारा क्लीन चिट मिली ,
अमित शाह को लेकर भाजपा ने जो बक्तब्य दिया ,
आम आदमी सोचने पर मजबूर हो जाता हैं ,
कौन कहता हैं सी बी आई का दुरूपयोग होता हैं,

Added by Rash Bihari Ravi on July 27, 2010 at 1:30pm — 4 Comments

कमर तोड़ दी ये बेदर्द महंगाई ,

कमर तोड़ दी ये बेदर्द महंगाई ,
जीने नहीं देती हैं बेशर्म महंगाई ,
गेहू जो आज कल राशन में आता हैं ,
तीन दिन तक भोजन चल पाता हैं ,
सत्ताईस की हर दम रहती है जोहाई,
कमर तोड़ दी ये बेदर्द महंगाई ,
चीनी के दाम बढे आलू रुलाता हैं ,
चावल लेने में आसू आ जाता हैं ,
नौकरी नहीं हैं करता खेती बारी ,
बारिश ना होती हैं जाती जान हमारी ,
बचालो जीवन मेरा सरकार दुहाई ,
कमर तोड़ दी ये बेदर्द महंगाई ,

Added by Rash Bihari Ravi on July 16, 2010 at 5:30pm — 1 Comment

किस पे करू भरोसा मन ये मेरा पूछे ,

किस पे करू भरोसा मन ये मेरा पूछे ,

जिसको भी दिल से चाह वो मुझसे रूठे ,

मैंने तो जिन्दगी में सबकुछ उनको माना ,

कब हुए पराये ये दिल जान ना पाया ,

जिनके लिए ये जीवन ओ बोलते हैं झूठे ,

किस पे करू भरोसा मन ये मेरा पूछे ,



उनको बसाया दिल में देवी बना के पूजा ,

केसे बताऊ क्या हुआ की उनके संग दूजा ,

हस हस के बात करे ओ जैसे ना देखे हो ,

जलता हुआ देख हसे औरो से पूछे ओ ,

हैं अभी ओ यहा या की दुनिया अब छूटे ,

किस पे करू भरोसा मन ये मेरा पूछे… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on July 15, 2010 at 6:13pm — 1 Comment

सत्य दिखता नही ,

सत्य दिखता नही ,

या सच्चाई से परहेज हैं ,

सच्चाई स्वीकारते नहीं ,

इसी बात का खेद हैं ,

सच्चाई न स्वीकारना ,

कितना महंगा पड़ता है ,

आप ही देखिये ,

महाभारत गवाह हैं ,

रामायण ही लीजिये ,

रावण की लंका जली ,

सत्य दिखा तुलसी को ,

तो तुलसी दास बने ,

सत्य दिखा बाल्मीकि को ,

तो उत्तम प्रकाश बने ,

सत्य दिखा अर्जुन को ,

कितनो का कल्याण किये ,

सत्य दिखा सिद्धार्थ को ,

तो गौतम महान बने ,

सत्य दिखा हरिश्चंद्र को… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on July 15, 2010 at 3:00pm — 1 Comment

सिंध में हिन्दुओ पर हो रहा है हमला ,

सिंध में हिन्दुओ पर हो रहा है हमला ,

पर हम क्यों बोले ये उनके घर का है मामला ,

मगर मानवता के नाते हमारी सरकार को ,

साथ में हिंद के नहीं बिस्व के मानवा अधिकार को ,

आना चाहिए था इनके तरफ से जुमला ,

सिंध में हिन्दुओ पर हो रहा है हमला ,

हमारे नेता कुछ नहीं बोलेंगे ,

उन्हें भोट का चिंता है ,

ये क्यों पूछे ओ मर गया या जिन्दा है ,

पानी पिने पर इतना बिबाद हो रहा है ,

लाखो लोग हिंद में आने के लिए रो रहा हैं ,

पर ये तो बन रहा है ,

बीजा और पासपोट… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on July 13, 2010 at 6:46pm — 1 Comment

मेरा क्या होगा ,

मेरा क्या होगा ,

कभी एक गब्बर हुआ करता था ,

अब गब्बर ही गब्बर हैं ,

कालिया तो एक बार सुना ,

तेरा क्या होगा ,

और हालात देख कर ,

मेरा दिल बार बार सोचता हैं ,

मेरा क्या होगा ,

हर गली में ,

मिल जाते हैं ,

डराने वाले ,

बीरू जय कम ,

ज्यादा समभा ,

कहलाने वाले ,

जिसे हम ठाकुर समझाते हैं ,

अक्सर ओ गब्बर का बाप होता हैं ,

जिस कुनबा को देखना हैं ,

उसी को लुटता हैं ,

बसंती को छोरिये ,

अब धन्नू का इज्जत… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on July 12, 2010 at 3:14pm — No Comments

हिंद के लिए

हिंद के लिए
भाई मेरे जो सोचते हो ,
खुद के लिए ,
उसका सौआ सोचो ,
हिंद के लिए ,
हिंद के तस्वीर बदल जायेगा ,
भाई मेरे जितना करते हो ,
खुद के लिए ,
उसका सौआ करो ,
हिंद के लिए ,
हिंद के तस्वीर बदल जायेगा ,

Added by Rash Bihari Ravi on July 12, 2010 at 3:02pm — No Comments

चालीसा मन्त्र इत्यादि

श्री सूर्य नमस्कार मन्त्र

~~

ॐ मित्राय नम:॥1॥

ॐ रवये नम:॥2॥

ॐ सूर्याय नम:॥3॥

ॐ भानवे नम:॥4॥

ॐ खगाय नम:॥5॥

ॐ पूष्णे नम:॥6॥

ॐ हिरण्यगर्भाय नम:॥7॥

ॐ मरीचये नम:॥8॥

ॐ आदित्याय नम:॥9॥

ॐ सवित्रे नम:॥10॥

ॐ अर्काय नम:॥11॥

ॐ भास्कराय नम:॥12॥



-:##############:-



श्री गायत्री मन्त्र

~~

ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यम्

भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on July 9, 2010 at 3:16pm — 9 Comments

श्री शनि चालीसा

~~~

॥ दोहा ॥



जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।

दीनन के दुःख दूर करि , कीजै नाथ निहाल ॥1॥

जय जय श्री शनिदेव प्रभु , सुनहु विनय महाराज ।

करहु कृपा हे रवि तनय , राखहु जन की लाज ॥2॥



जयति जयति शनिदेव दयाला । करत सदा भक्तन प्रतिपाला ॥

चारि भुजा, तनु श्याम विराजै । माथे रतन मुकुट छवि छाजै ॥

परम विशाल मनोहर भाला । टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला ॥

कुण्डल श्रवन चमाचम चमके । हिये माल मुक्तन मणि दमकै ॥

कर में गदा त्रिशूल कुठारा । पल बिच करैं… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on July 9, 2010 at 2:13pm — No Comments

आज फैशन का ज़माना हैं ,

आज फैसन का जमाना हैं ,

सारा जग माना हैं ,

हम सब अब ये भूल गए हैं ,

सच्चाई से दूर गए हैं ,

जिसको छुपाना हैं ,

उसकी नुमाइस होती हैं ,

जिसको दिखाना हैं ,

उसको छुपाई जाती हैं,

मैं नहीं ये तो ,

सारा जग माना हैं ,

आज फैसन का जमाना हैं ,

खाने में भी इसकी ,

अब होती नुमाइस हैं ,

भुट्टे को भूलने लगे ,

पापकोन की चोवाइस हैं ,

थोड़े में पेट भर जाये ,

खर्चा भी कम आये ,

मगर रोटी चावल नहीं ,

रेडी फॉर इट लाना हैं ,

आज… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on July 9, 2010 at 1:42pm — 1 Comment

बंद ,

बंद ,
कितना छोटा शब्द ,
कितना बड़ा असर ,
मगर ,
इसकी पुकार पर ही ,
कितनो की .
धड़कन बढ़ जाती हैं ,
कितनो की ,
सांसे रुक जाती हैं ,
कितने
ये सोच कर परेशान,
कहा से कल ,
रोटी आयेगे ,
बच्चे क्या खायेंगे ,
लेकिन ,
कुछ को मिलती हैं ,
छुट्टी का आनंद ,
तो कुछ को ,
मिलता हैं ,
तांडव करने में आनंद ,

Added by Rash Bihari Ravi on July 8, 2010 at 2:00pm — 1 Comment

क्या प्यार इसको कहते हैं ,

क्या प्यार इसको कहते हैं ,
पार्क में बेपरवाह बेसर्म सा ,
या बाइक पे भद्दा नुमाइस ,
या बुजुर्गो के सामने भी ,
बेसर्मो सा बेवहार करते हैं ,
क्या प्यार इसको कहते हैं ,
ना मैं तो इसे प्यार ना कहू ,
हमें तो लगता हैं ये हवास ,
यारो इस हवास को आप ,
प्यार का नाम मत दो ,
सोचो आपसे गुजारिस करते हैं ,
क्या प्यार इसको कहते हैं ?

Added by Rash Bihari Ravi on July 3, 2010 at 7:12pm — 1 Comment

प्यार तो मैं भी करता हूँ ,

प्यार तो मैं भी करता हूँ ,
पर कहने से डरता हूँ ,
कारण जग विदित हैं ,
उन्हें आरक्षण जो मिला हैं
इसी से डरता हूँ ,
शादी हम से करे ,
आरक्षण का फायदा ,
कही और उठायें ,
कारण यही हैं ,
कदम उठाने से डरता हूँ,
प्यार तो मैं भी करता हूँ ,

Added by Rash Bihari Ravi on July 3, 2010 at 3:30pm — 3 Comments

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