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राज लाली बटाला's Blog (4)

आप पर किस की मिह्ऱबानी है

फाइलातुन _मफाइलुन_फेलुन)



आप पर किस की मिह्ऱबानी है ,

हर ग़ज़ल में जो ये रवानी है !!

ये ग़ज़ल उसके नाम करता हूँ

शायरी जिसकी मेहरबानी है

शायरी में नहीं है कुछ मेरा

हर ग़ज़ल यार की निशानी है

आप को छोड़ कर कहाँ जाएँ ,

आप के साथ ज़िन्दगानी है !!

आप मक्ते में साथ होते हो ,

हर ग़ज़ल आप की निशानी है !!

प्यार के ही तो सारे किस्से हैं

प्यार की ही तो हर कहानी है

उसको भी…

Continue

Added by राज लाली बटाला on July 8, 2018 at 8:30am — 7 Comments

ग़ज़ल .... मयकशी मयकशी नहीं लगती !

ग़ज़ल

....

मयकशी मयकशी नहीं लगती !

रौशनी रौशनी नहीं लगती !!

.....

अब इबादत में दिल नहीं लगता !

बन्दगी बन्दगी नहीं लगती !!

......

हर तरफ भीड़ और मैं तनहा!

बेबसी बेबसी नहीं लगती !!

...

दिल में रखते हैं वोह तो दिल कितने !

आशिकी आशिकी नहीं लगती !!

...

गुफ़्तगू आप से करें कैसे !

आपको तो  कमी नहीं लगती

....

हैं खफा वोह अगर खफा हम है !

दोसती दोसती नहीं लगती !!

....

चाँद तारों के साथ चलता हूँ !…

Continue

Added by राज लाली बटाला on September 25, 2013 at 8:30pm — 26 Comments

"ग़ज़ल " राज 'लाली'

"ग़ज़ल "

--------------------------------------------------------

कलम का वार कैसा है कोई उनको बताये तो !

सियासत हाथ मलती है कोई दिल से चलाये तो !!

हमारे देश में अब राज चलता है लुटेरों का !

हमें भी साँस मिल जाये कोई इनको हटाये तो !!

किसी नादाँ के ऊपर देश का तुम भार मत ढालो !

बता दो देश से पहले वोह अपना घर चलाये तो !!

हमेशां जिंदगी से जूझता है आम हर बन्दा !

कभी वोह चैन से सोये , कभी इतना कमाये तो…

Continue

Added by राज लाली बटाला on May 15, 2013 at 10:30pm — 12 Comments

दो जन्म

( दो जन्म )

हाँ , आज  हुआ है मेरा 

जन्म , 
एक शानदार हस्पताल में ....
कमरे में टीवी है ...
बाथरूम है ...फ़ोन है ....
तीन वक्त का खाना 
आता है .....
जब मेरा जन्म हुआ 
तो मेरे पास ...
डाक्टरों और नर्सों 
का झुरमट ....
मेरी माँ मुझे देखकर 
अपनी पीड़ा को 
कम करने की कोशिश 
कर रही है .....
हर तरफ ख़ुशी…
Continue

Added by राज लाली बटाला on February 6, 2012 at 10:30pm — 21 Comments

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"आ. भाई अमित जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
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