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सामायिक गीत !
==========
मन से मन की बात चलेगी
सहज भाव अपनापन होगा।
जुड़े नहीं जो तार ये मन के
सूखा और सूनापन होगा !

छद्म ,छल-कपट छलिया बन के
मेघदूत आये सावन के !
किसका ये सब रचा हुआ है /
मुद्दे का सत्यापन होगा !
मन से मन की बात चलेगी
सहज भाव अपनापन होगा   …।

हर मौसम को धरा सह गई
बिन बरसे बरसात बह गई
नीलगगन के सम्मुख भू का
इसी बात पर ज्ञापन होगा !
मन से मन की बात चलेगी
सहज भाव अपनापन होगा   …।

मन-भावन सावन पुरवाई
आँचल में भर कर ले आई !!
जलवायु के संग बदरिया !!!!!
कब तक ये विज्ञापन होगा ?
मन से मन की बात चलेगी
सहज भाव अपनापन होगा   …।
=====================
@ अविनाश बागड़े /मौलिक-अप्रकाशित 

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Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on July 23, 2014 at 10:38am

आ0 बंधु अविनाश जी , पावस ऋतु को संदर्भित करते हुए जो सम सामययिक गीत रचा है , उसे पढ़कर मन आल्हादित है । इस गीत के लिए कोटि कोटि बधाई ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 22, 2014 at 8:48pm

हर मौसम को धरा सह गई
बिन बरसे बरसात बह गई
नीलगगन के सम्मुख भू का
इसी बात पर ज्ञापन होगा !
मन से मन की बात चलेगी
सहज भाव अपनापन होगा   …  लाजवाब !! भाई अविनाश जी आपको बधाइयाँ ॥

Comment by AVINASH S BAGDE on July 22, 2014 at 7:00pm

आदरणीय सौरभ जी आपके इस सद्भाव का ह्रदय से आभार /रचना सार्थक हुई। @Saurabh Pandey ji


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 22, 2014 at 2:58pm

इस नये अंदाज़ और संप्रेषण समृद्ध गीत के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय अविनाभाईजी.

अंतिम दो बन्द के लिए विशेष बधाई दे रहा हूँ.

Comment by AVINASH S BAGDE on July 22, 2014 at 2:07pm

....साधुवाद !Dr. Vijai Shanker sir

Comment by Dr. Vijai Shanker on July 22, 2014 at 1:24pm
हर मौसम को धरा सह गई
बिन बरसे बरसात बह गई
नीलगगन के सम्मुख भू का
इसी बात पर ज्ञापन होगा !
मन से मन की बात चलेगी
सहज भाव अपनापन होगा …।
अच्छा है , बधाई।
Comment by AVINASH S BAGDE on July 20, 2014 at 11:58pm
Comment by AVINASH S BAGDE on July 20, 2014 at 11:58pm

mrs manjari pandey ????????????????????????????

Comment by AVINASH S BAGDE on July 20, 2014 at 11:57pm

वेदिका जी Meena Pathak जी ......साधुवाद !

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 20, 2014 at 9:26pm

निश्चय ही सामयिक i

अच्छी रचना के लिए बधाई i

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