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नेताजी (कुण्डलिया-2) 

 

बीवी टॉपर ही मिले, नेताजी की चाह,
खुद थे इंटर पास वो, पीजी से गय ब्याह,
पीजी से गय ब्याह, किया था फर्जीवाड़ा,
ज्ञानी साथी पाय विरोधी खूब पछाड़ा,
नेतानी जी सभ्य, चतुर और बुद्धिजीवी,
घर हु पढाए पाठ, मिली थी ऐसी बीवी.

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Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on August 7, 2012 at 4:01pm

आदरणीया डॉ  प्राची  जी काश ऐसे   ही कुछ और नेताओं   को बीबी   मिलें   कुछ तो घर और बाहर  सुधारें ...चाहे प्यार से चाहे कान ....

भ्रमर ५ 
Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on August 7, 2012 at 11:32am

आदरणीया प्राची जी, सादर अभिवादन.

भाग्य की बात है. बधाई.

Comment by Er. Ambarish Srivastava on August 7, 2012 at 11:24am

धन्यवाद डॉ० प्राची जी,

आपने अपेक्षित सुधार के बारे में जानना चाहा है ...तो मेरे विचार में ....

टौपर के बजाय 'टॉपर' अधिक उपयुक्त लग रहा है 

'नेतानी जी सभ्य, चतुर और बुद्धिजीवी,'  ........ यहाँ पर प्रवाह बाधित हो रहा हैं..   


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on August 7, 2012 at 10:35am

आदरणीय अम्बरीश श्रीवास्तव जी, हार्दिक आभार इस कुण्डलिया को सराहने हेतु. यदि कोई सुधार अपेक्षित हो, तो अवश्य बताएं. सादर.

Comment by Er. Ambarish Srivastava on August 7, 2012 at 10:21am

वाह वाह डॉ० प्राची जी वाह ..........क्या कहने ....नेता जी की तो किस्मत ही खुल गयी....... सुंदर कुंडलिया के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें! सादर

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