For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मेरे ही प्यार में पगी आई. - ग़ज़ल

फ़ाइलातुन मुफ़ाइलुन फ़ेलुन

2122 1212 22 

मेरे ही प्यार में पगी आई. 

पास जब मेरी ज़िन्दगी आई. 

 

उनके हिस्से में कुछ नहीं आया,

जिनको करना न बंदगी आई. 

 

न किसी से लगा सके दिल को,

दिल से करना न दिल्लगी आई.

 

मेरी आँखों में देखकर आँसू,

उनके चेहरे पे ताज़गी आई.

 

प्यास सबकी बुझाई दरिया ने,

मेरे हिस्से में तिश्नगी आई.

 

दिल में जो था वो कह दिया मैंने, 

पर न मुझको अदायगी आई.

"मौलिक एवं अप्रकाशित"

Views: 664

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बसंत कुमार शर्मा on August 12, 2020 at 6:21pm

आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सादर नमस्कार 

दिल से शुक्रिया आपकी हौसलाफजाई के लिए 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on August 12, 2020 at 6:21pm

आदरणीय सालिक गणवीर जी सादर नमस्कार 

दिल से शुक्रिया आपकी हौसलाफजाई के लिए 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on August 12, 2020 at 6:21pm

आदरणीय Madhu Passi 'महक'  जी सादर नमस्कार 

दिल से शुक्रिया आपकी हौसलाफजाई के लिए 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on August 12, 2020 at 6:20pm

आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' जी आदाब , आपकीहै निरंतर हौसलाफजाई के लिए दिल से शुक्रिया 

जिंदगी को प्रेमिका के प्रतीक रूप में लिया है 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 12, 2020 at 6:36am

आ. भाई बसंतकुमार जी, सादर अभिवादन । सुन्दर गजल हुई है । हार्दिक बधाई । 

Comment by सालिक गणवीर on August 11, 2020 at 3:22pm

भाई बसंत कुमार शर्मा जी

सादर अभिवादन

उम्दा ग़ज़ल कही है आपने जनाब,दाद और मुबारकबाद स्वीकार करें.

Comment by Madhu Passi 'महक' on August 11, 2020 at 12:21pm
आदरणीय बसंत कुमार शर्मा जी सादर नमस्कार! ग़ज़ल बहुत ही अच्छी हुई, इसके लिए बधाई स्वीकार करें।
Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी on August 10, 2020 at 10:45pm

जनाब बसंत कुमार शर्मा जी आदाब, मतला समझने में क़ासिर हूँ, इस के इलावा ग़ज़ल के सभी अशआ़र लाजवाब हुए हैं, दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ।  सादर।

Comment by बसंत कुमार शर्मा on August 10, 2020 at 8:29pm

आदरणीय  आशीष यादव जी सादर नमस्कार 

आपकी हौसलाफजाई का दिल से शुक्रिया 

Comment by आशीष यादव on August 10, 2020 at 7:27pm

बहुत सुंदर। बड़े ही सहज ढँग से आपने बातों को कह दिया। बहुत बहुत बधाई हो।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"पत्थर पर उगती दूब ============ब्रह्मदत्तजी स्नान-ध्यान-पूजा आदि से निवृत हो कर अभी मुख्य कमरे में…"
6 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला गर किसी को भूल गया इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक राज कपूर जी नमस्कार बहुत- बहुत धन्यवाद आपका आपने समय निकाला ग़ज़ल तक आए और ऐसी बेहतरीन…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता 'अजेय' जी नमस्कार बहुत धन्यवाद आपका आपने समय दिया आपने सहीह फ़रमाया गुणी…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात ही को भूल गया "
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इस सुझाव को विशेष रूप से रूहानी नज़रिये से भी देखेंहुस्न मुझ पर सवार होने सेशेष सारी कमी को भूल…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, अभिवादन व आभार।"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"हार्दिक आभार आदरणीय "
yesterday
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार  बहुत शुक्रिया आपका  सादर "
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service