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स्वतंत्रता दिवस पर कुछ दोहे :

15.8.20
स्वतंत्रता दिवस पर कुछ दोहे :

जाने कितने चढ़ गए, फाँसी माँ के लाल ।
मिट कर उन्नत कर गए, भारत माँ का भाल ।।

धधक रहा है आज भी ,जलियाँवाला बाग ।
जहां गूँजते आज भी, आजादी के राग ।।

चुपके -चुपके आज भी, हम पर होते वार ।.
नव भारत हर हाल में, रहता अब तैयार ।।

दुश्मन की हर चाल को, हम करते नाकाम ।
बदले भारत को सभी, करते आज सलाम ।।

आजादी की दे गए , मिट कर जो सौगात ।
रात गुलामी की गई, रोशन हुआ प्रभात ।।



सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Sushil Sarna on August 26, 2020 at 8:33pm

आदरणीय आशीष यादव जी सृजन पर आपकी हृदयग्राही प्रतिक्रिया का तहे दिल से शुक्रिया।

Comment by आशीष यादव on August 26, 2020 at 1:22am

बहुत अच्छे दोहे बने हैं। congratulations स्वीकार कीजिए।

Comment by Sushil Sarna on August 20, 2020 at 9:53pm

आदरणीय  Samar kabeer जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार। त्रुटि इंगित करने का दिल से आभार। 

Comment by Samar kabeer on August 19, 2020 at 8:13pm

जनाब सुशील सरना जी आदाब, अच्छे दोहे लिखे आपने, बधाई स्वीकार करें ।

'धधक रहा है आज भी ,जलियाँवाला बाग ।
जहां गूँजते आज भी, आजादी के राग'

इस दोहे में 'बाग़' और 'राग' की तुकांतता सहीह नहीं है,देखियेगा ।

कुछ उर्दू शब्दों में आपने नुक़्ते नहीं लगाए हैं,देखियेगा ।

Comment by Sushil Sarna on August 19, 2020 at 5:38pm

आदरणीय  बृजेश कुमार 'ब्रज' जी सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का आभारी है।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on August 19, 2020 at 5:27pm

वाह बहुत ही सुन्दर दोहे आदरणीय..

Comment by Sushil Sarna on August 19, 2020 at 5:25pm
आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'  जी सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का आभारी है।
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 18, 2020 at 8:21am

आ. भाई सुशील जी, उत्तम दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई ।

Comment by Sushil Sarna on August 17, 2020 at 9:40pm
आदरणीय जी सृजन पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से शुक्रिया ।
Comment by नाथ सोनांचली on August 17, 2020 at 4:41pm

आद0 सुशील सरना जी सादर अभिवादन। समयानुकूल बेहतरीन दोहे सृजित हुए हैं। बधाई स्वीकार कीजिये। सादर

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