For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भाव निर्झरणी बहे /गीत

भाव निर्झरणी बहे बस है विनत यह कामना 
जब लिखे दिल से लिखे कवि,सत्य हो या कल्पना

परख सत्यासत्य की रख ,सृजन पथ गढ़ते रहें 
त्याग व्यष्टि समष्टि हित ,शब्द नद भरते रहें 
कर नवल,चिंतन,मनन शुभ ,गूंथ माला काव्य की
शारदे माँ की हृदय से कवि करो तुम अर्चना 

भाव निर्झरणी बहे बस है विनत यह कामना 
जब लिखे दिल से लिखे कवि,सत्य हो या कल्पना 

मनुजता हित नाद अनहद ,अटल दृढ विश्वास के 
स्नेह सिंचित सुर सजादो,दिव्यतम आभास के 
गरल विगलित बैर के हों ,प्रीत के मकरंद से 
मधुरतम शाश्वत तरंगित, कवि रचो सुख-व्यंजना 

भाव निर्झरणी बहे बस है विनत यह कामना 
जब लिखे दिल से लिखे कवि,सत्य हो या कल्पना

Views: 861

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on August 7, 2012 at 7:28pm

बहुत बधाई  सीमा अग्रवाल जी, आपके गीत से सुन्दर भावों की निर्झरनी बह रही है 

माँ शारदे की ह्रदय से अर्चना और लिखो दिल से यर्थात या फिर कल्पना,मिलेगी 
सफलता | पुनः बधाई  
Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on August 7, 2012 at 7:14pm

आदरणीया सीमा जी,

पथ से भटकते कवियों को सार्थक सन्देश देती सुन्दर शब्द संयोजन और उससे भी सुन्दर भाव से सजी यह कविता अत्यंत पसंद आई! सादर,

Comment by seema agrawal on August 7, 2012 at 3:00pm

धन्यवाद भ्रमर जी 

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on August 7, 2012 at 2:45pm

मनुजता हित नाद अनहद ,अटल दृढ विश्वास के 
स्नेह सिंचित सुर सजादो,दिव्यतम आभास के 
गरल विगलित बैर के हों ,प्रीत के मकरंद से 
मधुरतम शाश्वत तरंगित, कवि रचो सुख-व्यंजना 

आदरणीया सीमा जी बहुत ही सुन्दर शब्द बन्ध रचना के और मानवता को बढ़ावा देने के परिप्रेक्ष्य में लिखी गयी प्यारी रचना सच में कवी लेख मीडिया का एक बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है काश लोग स्वार्थ से ऊपर उठ सत्य को सहेजें 


भ्रमर ५ 

 

 

Comment by seema agrawal on August 7, 2012 at 2:03pm

धन्यवाद आदरणीय प्रदीपजी , आदरणीय योगराज जी एवं अम्बरीश जी 

Comment by Er. Ambarish Srivastava on August 7, 2012 at 11:59am

//

मनुजता हित नाद अनहद ,अटल दृढ विश्वास के 

स्नेह सिंचित सुर सजादो,दिव्यतम आभास के 

गरल विगलित बैर के हों ,प्रीत के मकरंद से 

मधुरतम शाश्वत तरंगित, कवि रचो सुख-व्यंजना 

भाव  निर्झरणी  बहे बस है विनत यह कामना 

जब लिखे दिल से लिखे कवि,सत्य हो या कल्पना//

आदरेया सीमा जी ! सर्वजन कल्याण की कामना के उद्देश्य से आप द्वारा रचित उपरोक्त गीत, भाव व शिल्प के स्तर पर अति समृद्ध है! जिसके लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें .... इस  सुंदर गीत को साझा करने के लिए आपके प्रति हार्दिक आभार ....सादर 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on August 7, 2012 at 11:30am

परख सत्यासत्य की रख ,सृजन पथ गढ़ते रहें 

त्याग व्यष्टि समष्टि हित ,शब्द नद भरते रहें 

कर नवल,चिंतन,मनन शुभ ,गूंथ माला काव्य की

शारदे  माँ की हृदय से कवि करो तुम अर्चना 

आदरणीय सीमा जी, सादर अभिवादन.

मनोकामना पूर्ण हो, बधाई.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जिस प्रकार हम लाइव तरही मुशायरा, चित्र से काव्य तक, obo लाइव महा उत्सव इत्यादि का आयोजन करते हैं…"
1 hour ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मैं लगभग 10 वर्ष पहले इस मंच से जुड़ा, बहुत कुछ सीखने को मिला। पारिवारिक व्यस्तता के कारण लगभग सोशल…"
2 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर हमारे समूह में कोई व्यवसायी हैं और उनके पास कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड्स हों तो वे इसके…"
4 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सदस्यों में रुचि के अभाव ने इसे बंद करने के विचार का सूत्रपात किया है। ऐसा लगने लगा था कि मंच को…"
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" एक दुखद स्थिति बन रही है. लेकिन यह नई नहीं है. जब आत्मीयजनों और ओबीओ के समृद्ध सदस्यों की…"
5 hours ago
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मै मंच के प्रारंभिक दिनों से ही जुड़ा हुआ हूं। इसका बंद होना बहुत दुखद होगा। मुझे लगता है कि कुछ…"
8 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय गणेश जी, जितना कष्ट आपको यह सूचना देते हुए हो रहा है, उतना ही कष्ट हम सब को यह सुनने में हो…"
9 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दु:खद "
9 hours ago
Admin posted a discussion

अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....

प्रिय सदस्य गण / प्रबंधन समिति के सदस्य गण / ओ बी ओ के सभी पाठक एवं शुभचिंतक गणसादर प्रणामआप सभी…See More
10 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)
"हाड़-मॉंस स्ट्रेट (लघुकथा) : "नेता जी ये क्या हमें बदबूदार सॅंकरी गलियों वाली बस्ती के दौरे…"
Thursday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)
"सादर नमस्कार आदरणीय मंच। इंतज़ार है साथियों की सार्थक रचनाओं का, सहभागिता का। हम भी हैं कोशिश में।"
Thursday
Admin posted a discussion

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)

आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत…See More
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service