For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कुम्हलाते मस्तिष्क (कुछ हाइकू )

 

१.
धूमिल ओज .
मासूम बचपन .
बस्तों का बोझ .
२.
कड़ी तपस्या .
विद्रूप बाल्य शिक्षा .
बड़ी समस्या .
३.
जीवन बूँद .
उन्मुक्त बचपन .
घिरती धुंध .
४.
रटंत शिक्षा .
कुम्हलाते मस्तिष्क .
व्यर्थ की दीक्षा .
५.
ढूँढे किरण .
बाल्यांकुर खिलते .
नेह सिंचन .
६.
वीडिओ गेम्स .
नशे में बचपन .
फँसते ब्रेन्स .

Views: 681

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी on August 31, 2012 at 6:31pm
आदरणीया डॉ. प्राची दी!
समसामयिक विषय पर अच्छी भाव प्रवणित रचना जिसके लिये आप बधाई की पात्रा है।किन्तु दीदी मेरी मान्यता के अनुसार इस विधा में काव्य के भाव पूर्णत: निखर कर नहीं आयें,इन्हें और अवकाश चाहिए था।क्या इसी विषय पर किसी अन्य विधा में कलम नहीं आजमाना चाहिए? सोचिएगा।
सादर।

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on August 28, 2012 at 2:52pm

आपको ये हाइकू प्रभावित कर सके इस हेतु आपका आभार राकेश झा जी


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on August 28, 2012 at 2:51pm

इन हाइकुओं को सराह, लेखनी को मान देने हेतु आभार आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी

Comment by Ashok Kumar Raktale on August 27, 2012 at 8:37am

डॉ. प्राची जी

             सादर,

वीडिओ गेम्स .
नशे में बचपन .
फँसते ब्रेन्स .
बच्चों को ले कर चिंता झलकाते सुन्दर हाइकू. बधाई.
Comment by राजेश 'मृदु' on August 25, 2012 at 2:56pm

हाइकु की कथावस्‍तु के मर्म को पूरी तरह से उद्घाटित करती, सुंदर प्रस्‍तुति


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on August 25, 2012 at 9:30am
आपको यह हाइकू पसंद आये इस हेतु आभार आ. रेखा जी

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on August 25, 2012 at 9:29am
आदरणीया सीमा जी आपने इन हाइकू को सराह कर, मेरे विचारों को मान दिया है, इस हेतु आपका हार्दिक आभार. 
Comment by Rekha Joshi on August 24, 2012 at 10:37pm

रटंत शिक्षा .

कुम्हलाते मस्तिष्क .
व्यर्थ की दीक्षा .,अति सुंदर हाइकु आदरणीया डा प्राची जी ,हार्दिक बधाई 
Comment by seema agrawal on August 24, 2012 at 8:02pm

एक संवेदनशील विषय पर बहुत सम्यक  विचार प्रस्तुत किए हैं आपने ....बधाई प्राची जी 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
18 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
19 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला गर किसी को भूल गया इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात…"
19 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक राज कपूर जी नमस्कार बहुत- बहुत धन्यवाद आपका आपने समय निकाला ग़ज़ल तक आए और ऐसी बेहतरीन…"
19 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता 'अजेय' जी नमस्कार बहुत धन्यवाद आपका आपने समय दिया आपने सहीह फ़रमाया गुणी…"
19 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक…"
19 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात ही को भूल गया "
19 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इस सुझाव को विशेष रूप से रूहानी नज़रिये से भी देखेंहुस्न मुझ पर सवार होने सेशेष सारी कमी को भूल…"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, अभिवादन व आभार।"
23 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"हार्दिक आभार आदरणीय "
yesterday
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार  बहुत शुक्रिया आपका  सादर "
yesterday
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक जी सादर अभिवादन  बहुत बहुत धन्यवाद आपका  बहुत अच्छे सुझाव हैं ग़ज़लमें निखार…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service