For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मान और सम्मान की,नहीं कलम को भूख
महक  मिटे  ना पुष्प  की , चाहे जाये सूख |

 

खानपान  जीवित  रखे , अधर रचाये पान
जहाँ  डूब कान्हा मिले , ढूँढो वह रस खान |

 

दीपक पलभर जल बुझे, नित्य जले आदित्य
सकल जगत जगमग करे,कालजयी साहित्य |

 

अलंकार  रस  छंद  के , बिना  कहाँ रस-धार
बिन  प्रवाह  कविता  नहीं गीत  बिना  गुंजार |

 

अक्षर - अक्षर चुन सदा, शब्द गठरिया बाँध
राह दिखाये व्याकरण , भाव लकुठिया काँध |

 

अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर , दुर्ग (छत्तीसगढ़)
विजय नगर , जबलपुर (म.प्र.)

Views: 897

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by UMASHANKER MISHRA on September 13, 2012 at 9:33am

आदरणीय प्रिय अरुण जी 

खानपान जीवित रखे अधर रचाए पान ..यह सही है कि जीवित रहने के लिए भोजन जरुरी है 

परन्तु पान खाने से पेट नहीं भरता पान से अधर ही रचाए जा सकते है 

एक साहित्य प्रेमी की  क्या तृष्णा हो सकती है... मान और सम्मान की,नहीं कलम को भूख 

अलंकार  रस  छंद  के , बिना  कहाँ रस-धार
बिन  प्रवाह  कविता  नहीं गीत  बिना  गुंजार |

बहुत बढ़िया... क्या बात है... क्या बात है... 

हार्दिक बधाई 

Comment by dheerendra singh bhadauriya on September 12, 2012 at 10:39pm

दोहा बिन रस छंद के,खाते नहीं है मेल
दिया कभी जलता नही,बाती बिना न तेल,,,,

अरुणजी,,,भावपूर्ण दोहे लिखने में आपका जबाब नही,,,,बधाई

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on September 12, 2012 at 4:48pm

आदित्य नगर के अरुण कुमार निगम जी, सलाम | सचमुच कालजयी साहित्य 

सकल विश्व को जगमग कर सकता है | हमारी रामायण, भगवत गीता हो,साकेत 

हो,या यशोधरा या फिर कोई बरट्रेंड रसल,जॉन रस्किन का साहित्य | शानदार दोहों 

के लिए हार्दिक बधाई |

Comment by seema agrawal on September 12, 2012 at 10:28am

अलंकार  रस  छंद  के , बिना  कहाँ रस-धार
बिन  प्रवाह  कविता  नहीं गीत  बिना  गुंजार |
अक्षर - अक्षर चुन सदा, शब्द गठरिया बाँध

राह दिखाये व्याकरण , भाव लकुठिया काँध |..........क्या कहने अरुण जी काव्य में रूचि रखने वालों को बहुत सहज तरीके से काव्य ......................................................की मूलभूत ज़रूरतों से आगाह करा दिया आपने ....यही तो दोहों  की विशेषता है

सीधी बात नो बकवास 

Comment by Er. Ambarish Srivastava on September 12, 2012 at 9:56am

अति सुन्दर सब दोहरे, मुखरित है साहित्य.

मित्र बधाई आपको,  चमकें बन आदित्य..   सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 11, 2012 at 8:46pm

सभी उत्कृष्ट दोहे अरुण जी बहुत बहुत बधाई 

Comment by Ashok Kumar Raktale on September 11, 2012 at 8:28pm

आदरणीय निगम साहब,

                      सादर, बहुत सुन्दर दोहावली. हार्दिक बधाई स्वीकारें.

खान पान संगीत धुन, साहित्य कइ प्रकार,

गीत गजल छंद रस है, पर इनका आधार/

Comment by Rekha Joshi on September 11, 2012 at 6:31pm

दीपक पलभर जल बुझे, नित्य जले आदित्य
सकल जगत जगमग करे,कालजयी साहित्य |,एक से बढ़ कर एक दोहे रचे है आपने  ,हार्दिक बधाई 

Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on September 11, 2012 at 6:02pm

सुन्दर, भावपूर्ण एवं सरस दोहों पर हार्दिक बधाईस्वीकार करें आदरणीय! साभार,


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 11, 2012 at 4:27pm

//दीपक पलभर जल बुझे, नित्य जले आदित्य
सकल जगत जगमग करे,कालजयी साहित्य |//

वाह भाई अरुण जी , सभी दोहें एक पर एक हैं, बहुत ही खुबसूरत अभिव्यक्ति, बधाई स्वीकार करें |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"2122, 1122, 1122, 112/22 सर झुका देते हैं हम उसकी इबादत के लिए एक दिल चाहिए हमको तो मुहब्बत के…"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सादर अभिवादन।"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सर कोई जब न उठा सच की हिमायत के लिएकर्बला   साथ   चले   कौन …"
13 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
" स्वागतम "
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 190 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा नौजवान शायर…See More
Tuesday
आशीष यादव posted a blog post

मशीनी मनुष्य

आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत…See More
Monday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
Apr 19
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
Apr 19
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
Apr 19
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक धन्यवाद आभार आपका"
Apr 19
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।"
Apr 19
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर मेरी प्रस्तुति की सराहना के लिए आपका हार्दिक…"
Apr 19

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service