For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

इस जग में जो सबसे सुन्दर वो मेरी भाषा हिंदी है

हिंदी दिवस की शुभकामनाओं सहित ये रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ


ये गंगा सी निर्मल पावन ये स्वर रुपी कालिंदी है
इस जग में जो सबसे सुन्दर वो मेरी भाषा हिंदी है

ये सुन्दर सरल सजीली है,
भाषा ये बहुत सुरीली है
ये नव रस और छंदों से युक्त
मन भावन मधुर पतीली है

ये भारत माँ के माथें में सूरज सी दमके बिंदी है
इस जग में जो सबसे सुन्दर वो मेरी भाषा हिंदी है

ये प्रेम की मीठी भाषा है
भारत की प्राण पिपासा है
ये संस्कार मर्यादा की
जीवंत रूप परिभाषा है

ये ग्रंथों का मेधा प्रवाह, वेदों मन्त्रों की कुंजी है
इस जग में जो सबसे सुन्दर वो मेरी भाषा हिंदी है

हिंदी पर सर्व समर्पण है
नित इसका पूजा अर्चन है
भारत की आत्मा है हिंदी
हिंदी संस्कृति का दर्पण है

इस अंग्रेजी के दौर में पर जाने क्यूँ चिंदी चिंदी है
इस जग में जो सबसे सुन्दर वो मेरी भाषा हिंदी है


संदीप पटेल "दीप"
सादर आभार सहित

Views: 552

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on September 15, 2012 at 8:18pm

एक रचना पृष्ठ पर एक रचना टिप्पणी कॉलम में, कुछ समझ में नहीं आया, संदीपजी.

वैसे टिप्पणी कॉलम वाली रचना अधिक संयत बन पड़ी है.  बधाई

परन्तु,  हिंदी ही सत्य की भाषा है बाकी तो केवल झांसा है   इस पंक्ति पर मेरी सहमति नहीं है.

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on September 15, 2012 at 2:06pm

आप सभी का ह्रदय की गहराई से धन्यवाद सहित सादर आभार
स्नेह आशीष और सहयोग यूँ ही बनाये रखिये
सादर

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on September 15, 2012 at 2:06pm

आप सभी का ह्रदय की गहराई से धन्यवाद सहित सादर आभार
स्नेह आशीष और सहयोग यूँ ही बनाये रखिये
सादर


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 14, 2012 at 9:10pm

बहुत ही सुन्दर रचना संदीप पटेल जी, हिंदी दिवस की बधाई स्वीकार करें |

Comment by Rekha Joshi on September 14, 2012 at 5:32pm

हिंदी पर सर्व समर्पण है
नित इसका पूजा अर्चन है
भारत की आत्मा है हिंदी
हिंदी संस्कृति का दर्पण है,अति सुंदर भाव संदीप जी ,हिंदी दिवस पर हार्दिक बधाई 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on September 14, 2012 at 5:17pm

अंग्रेजों के भक्तों सुन्लों हिंदी नहीं तमाशा है 

इस जग में जो सबसे सुन्दर वो मेरी भाषा है 
बहुत खूब बहुत अच्छे भाई संदीप कुमार पटेल जी 
हार्दिक बधाई 
Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on September 14, 2012 at 3:16pm

सौन्दर्य की भाषा हिंदी है
ये अलोकिक इक बिंदी है
इसका कलरव है कोयल सा
ये गंगा स्वर कालिंदी है

सरपट प्रवाह ले सहज सरल ये हिन्दुस्तान की भाषा है
अंग्रेजी के भक्तो सुन लो हिंदी ये नहीं तमाशा है

जब ये संतान बड़ी होकर
तुमको ही आँख दिखाएगी
अंग्रेजी में खिटपिट करते
जब इसको लाज न आएगी

तब जाकर तुम ये जानोगे मर्यादा की परिभाषा है
अंग्रेजी के भक्तो सुन लो हिंदी ये नहीं तमाशा है

जब होंगी ज्ञान की बातें तब
हिंदी ये रंग दिखलाएगी
और नयी तुम्हारी अंग्रेजी
बस खड़ी खड़ी पछताएगी

विज्ञान समझने हेतु भी हिंदी ही मात्र इक आशा है
अंग्रेजी के भक्तो सुन लो हिंदी ये नहीं तमाशा है

जब गीत भजन ग़ज़लें सुनकर
मतलब सब गलत निकालेंगे
तब अर्थ अनर्थ हो जाएगा
भजनों में वासना पालेंगे

फिर शान्ति कहाँ ढूंढोगे जाकर जो खुद बड़ी पिपासा है
अंग्रेजी के भक्तो सुन लो हिंदी ये नहीं तमाशा है

दिल से दिल को जो जोड़ेंगे
भावों के स्वर हैं हिंदी में
संस्कार और मर्यादा का
बहता निर्झर है हिंदी में

हिंदी ही सत्य की भाषा है बाकी तो केवल झांसा है
अंग्रेजी के भक्तो सुन लो हिंदी ये नहीं तमाशा है


संदीप पटेल "दीप"

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Monday
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Monday
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Monday
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Jul 24
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
Jul 21

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
Jul 20
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 18
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Jul 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service