For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

व्यस्त फुटपाथ की तपती फर्श पर ,
तपती धूप की किरणों से ,
जलते शरीर से बेखबर,
मक्खियों की भीड़ से बेअसर ,
फटे-गंदे कपड़ो से लिपटे
भूखे पेट, एक माँ बच्ची के साथ
बेसुध सो रही ...
कही सामाजिक अव्यवस्था तो..
कही नियति ही सही,
पर मनुष्य के कष्ट सहने के शक्ति की
कोई सीमा भी तो नहीं !!! अन्वेषा

Views: 671

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Anwesha Anjushree on December 15, 2012 at 4:13pm

Seema Madam, Vinus kesari ji, Jawahar Lal ji, Arun ji, Ajay Ji ewam Rajesh madam....mujhe behad khushi hai aap logo ne mujhe sweekara hai....bahut pahle ak baar aaye thi yaha...phir ab laut aayi hu :) Asha hai meri kavitayen aapko pasand aayegi...Abhar

Seema Ji, Sourabh ji...mujhe aap ke sujhav pasand hai...par "jhund" ak samanya shabd hai..."bheed" shabd kasht ka anubhav deta hai.......esliye maine uska prayog kiya tha....


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 15, 2012 at 3:32pm

एक मार्मिक द्रश्य पर  संवेदनात्मक भावों  को शब्दबद्ध  करती क्षणिका सच में माँ की सहनशक्ति की कोई सीमा नहीं बधाई इस क्षणिका पर अन्वेषा जी 

Comment by Dr.Ajay Khare on December 15, 2012 at 1:59pm

Adarniya anwesha ji samjik bismtao ka aapne marmik chitran kiya he besak aap badhai ki hakdar he jo me aapko somp raha hu

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 15, 2012 at 11:21am

बेहद मार्मिक व संवेदनशील रचना मानों हर एक पंक्ति यूँ सामने खड़ी होकर सच बोल रही हों

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on December 15, 2012 at 7:27am

आदरणीय अन्वेषा जी, सादर अभिवादन!

निश्चित ही एक माँ के सहनशक्ति कोई सीमा नहीं! आपकी सम्वेदना को दर्शाती रचना! बधाई स्वीकारें!

Comment by वीनस केसरी on December 15, 2012 at 3:04am

जैसे रचना सचरित्र सजीव हो उठी हो .....
जैसे ठंढक़ वाली यह आधी रात मई की धूप भरी दोपहर बन गई हो
जैसे कोई औरत संवेदनहीन नज़रों से घूर रही हो
जैसे उसकी नज़र पूछती हो ....

मनुष्य के कष्ट सहने के शक्ति की कोई सीमा भी तो नहीं !!!

Comment by seema agrawal on December 15, 2012 at 12:25am

 एक शब्द चित्र जो कठोर यथार्थ से उपजा है ....आपकी संवेदनशीलता को भी दर्शाता है ....बहुत बहुत बधाई सफल अभिव्यक्ति के लिए अन्वेषा जी 
सौरभ जी की बात से मैं भी सहमत हूँ 

Comment by Anwesha Anjushree on December 14, 2012 at 8:21pm

Saurabh Pandey ji....Prachi Singh Ji..aap dono ka phir se shukriya..Saurabh ji...aapke sujhav sweekar....aur bhawisya me unki pratiksha bhi rahegi...

Chattani Ji...aap ka bhi bahut bahut abhar...


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 14, 2012 at 7:41pm

क्षणिका सदृश भाव उमगे और आपने शब्दबद्ध कर लिया. अच्छी अभिव्यक्त.

मक्खियों की भीड़  .. का कौतुक रोचक तो लगा किन्तु मक्खियों के झुंड ही उचित रहता. वैसे यह निजी विचार हैं. कोई दवाब नहीं, न कोई सुझाव.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on December 14, 2012 at 6:32pm

प्रिय अन्वेषा जी,

आपके संवेदी ह्रदय नें जिस कष्टकारी स्थिति से ग्रस्त एक माँ की सहनशक्ति को शब्द चित्र में उकेरा है, उस संवेदनशीलता के लिए आपको साधुवाद.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
1 hour ago
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Friday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Friday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Friday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
May 31
Manjeet kaur replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ मंच से बहुत कुछ सीखने को मिला इसके बंद होने की खबर दुखद और पीड़ादाई लगी। अजय गुप्ता जी की…"
May 30
Manjeet kaur commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"धर्मेंद्र कुमार जी आज के मुश्किल दौर में इतना जिगरा ! यथार्थ और सटीक वर्णन के लिए बहुत बहुत बधाई"
May 30
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .मंच

दोहा सप्तक. . . . . मंचअभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।यह जग…See More
May 30

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service