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आर नही अबकी, पार हमे हो जाने दो

शंखनाद हो रण का, अब जंग आखिरी हो जाने दो ।
आर नही अबकी, पार हमे हो जाने दो ।

हमने जिसको अपना समझा, पीठ मे खंजर उसने घोपा है।
आज बता दो उनको की, अब ये आखिरी धोखा है।
अब फूल नही हाथो मे तलवार हमे उठाने दो । आर नही अबकी, पार हमे हो जाने दो ।

कभी सुर से कभी ताल से, रिश्ते बेहतर हमने निभाये है ।
उन ने छेडा राग घृणा का, हमने गीत प्यार के गाये है
बहुत गा चुके राग अमन का, अब रणभेरी हमे बजाने दो । आर नही अबकी, पार हमे हो जाने दो ।

टूट गया है सब्र बाँध का, अब सहन नही कर पायेंगे ।
दो शीश कटे है हमारे, वहाँ से नरमुंड हार पहन के आयेंगे ।
त्रिशक्ति को अब जालिम पे, कोहराम तो बरपाने दो । आर नही अबकी, पार हमे हो जाने दो ।

भुल गया है वो शायद इतिहास अपनी हार का ।
कैसे मुँह तोड दिया था, जबाब तेरे हर वार का ।
पहले हमने छोड दिया था, अबकी तिरंगा वहाँ लहराने दो । आर नही अबकी, पार हमे हो जाने दो ।

जंग न लगने पाये हमारे, फौलादी जज्जबातो को ।
हुंकार भरो और जगा दो, देश के हुक्ममरानो को ।
बातो का अब काम नही, सीमा पे फैसले होने दो । आर नही अबकी, पार हमे हो जाने दो ।

शंखनाद हो रण का, अब जंग आखिरी हो जाने दो ।
आर नही अबकी, पार हमे हो जाने दो ।

"मौलिक व अप्रकाशित"

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Comment by बसंत नेमा on January 22, 2013 at 10:44am

आ. प्राची जी आ. राजेश कुमारी जी .. आप के सहयोग और आशिर्वाद के लिये धन्यवाद ... ये प्रशंसा हमे आंगे बढने के लिये प्रेरणा देगा 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 21, 2013 at 6:32pm

सुन्दर सामयिक सशक्त गीत के लिए बधाई बसंत जी 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on January 21, 2013 at 5:07pm

बेहतरीन भाव वीर रस से ओतप्रोत प्रस्तुति हेतु बधाई 

Comment by बसंत नेमा on January 20, 2013 at 1:21pm

श्री गणेश जी,श्री अरुन जी , श्री राम शिरोमणी जी आप का बहुत बहुत साधुवाद ...... आप की बधाई शिरोधार ....धन्यवाद

Comment by अरुन 'अनन्त' on January 20, 2013 at 11:03am

वीर रस से ओतप्रोत बेहद शानदार प्रस्तुति हार्दिक बधाई स्वीकारें


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 19, 2013 at 3:03pm

वीर रस से पगी एक अच्छी रचना, बधाई स्वीकार करें आदरणीय नेमा जी ।

Comment by ram shiromani pathak on January 18, 2013 at 7:26pm

उत्तम अति उत्तम महोदय ,कुछ ऐसा ही करने की आवस्यकता है !

कृपया ध्यान दे...

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