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एक अच्छा इन्सान बनो।

कुछ भी बनने से पहले
एक अच्छा इन्सान बनो।
कुछ भी करने से पहले,
दूसरों का सम्मान करो।
समझो दूसरों की भावनाएँ,
न उनका अपमान करो।
मत दो किसी को दुःख,
सबको प्रेम समान करो।
जो तोड़ दे किसी हृदय को,
ऐसी उपेक्षा,न अपमान करो।
यदि कोई गहराई से चाहे तुम्हें,
तो उस प्रेम का सदा मान रखो।
खेल कर किसी के भावों से,
उस प्रेम का न अपमान करो।
ठुकरा कर  प्रेम किसी का,
न आहत आत्मसम्मान करो।
तुम्हारी उपेक्षा,आत्मग्लानि में
न डुबाये,ऐसा न विधान करो।
तुम्हें प्रेम करके पछताये कोई,
दुखद है,इसका थोड़ा ध्यान धरो।
प्रेम के बदले कितनी पीड़ा दी,
तुम इसका तनिक अनुमान करो।
तुम्हारे कारण दुःखी हो कोई,
तो उस दुःख का तुम निदान करो।
तभी सफल है जीवन तुम्हारा,जब
तुम समस्या का समाधान करो।
 सभी को बाँटो स्नेह-प्रेम तुम
और बड़ों को तुम प्रणाम करो।
'सावित्री राठौर'
[मौलिक एवं अप्रकाशित]

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Comment

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Comment by Savitri Rathore on June 27, 2013 at 3:46pm

आदरणीय अरुण जी,सुमित जी,यतीन्द्र जी,प्रियंका जी,जवाहरलाल जी,डी पी माथुर जी,राजेश कुमारी जी,राजकुमार जी,रामशिरोमणि जी,जितेन्द्र जी,श्यामनारायण जी,आबिद अली जी, रोशनी जी,बृजेश जी एवं विजय जी, आप सभी को मेरा सादर नमस्कार !मेरी रचना की सराहना एवं उस पर अपनी अमूल्य प्रतिक्रिया हेतु मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ।

Comment by aman kumar on June 10, 2013 at 5:09pm

सुंदर रचना बधाई..........

Comment by Sumit Naithani on June 10, 2013 at 12:16pm

sunder rachna...............

Comment by yatindra pandey on June 9, 2013 at 11:54pm

HAILO MAM,

BAHUT SUNDAR AUR GAHRI RACHNA BAN PADI HAI

AABHAR SWEKAR KARE

YATINDRA

Comment by Priyanka singh on June 9, 2013 at 12:27am

खेल कर किसी के भावों से, 
उस प्रेम का न अपमान करो।

बहुत  खूब .....बधाई .....

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on June 8, 2013 at 9:39pm

बहुत ही सुन्दर भाव ! सावित्री जी बधाई!

Comment by D P Mathur on June 8, 2013 at 8:59pm

कुछ भी बनने से पहले, एक अच्छा इन्सान बनो ।
कुछ भी करने से पहले, दूसरों का सम्मान करो ।
नसीहत भरी रचना - डी पी माथुर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on June 8, 2013 at 8:50pm

आपके भाव लाजबाब हैं इस रचना में जो स्वागत योग्य हैं बहुत बहुत बधाई ब्रजेश जी की बातों का अनुमोदन करती हूँ 

Comment by ram shiromani pathak on June 8, 2013 at 2:31pm

सुन्दर रचना के लिए हार्दिक बधाई ///प्रयासरत रहिये शुभ शुभ//////////

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on June 8, 2013 at 2:17pm
आदरणीया..साविञी जी, अति सुंदर पंक्तियां "हार्दिक शुभकामनाऐं...

कृपया ध्यान दे...

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