Comment
सुधीजनों की सलाहों और उनके विधानजन्य मंतव्यों पर अवश्य ध्यान दें, भाईजी.
आप छंदों पर काम कररहे हैं यह कम श्लाघनीय नहीं है.
शुभेच्छाएँ.
aadarneey ramesh jee ..mujhe shilp kee jaankaaree nahee hai ..bhav paksh mujhe bahut bhaya ...saadar badhaaayee ke sath
आदरणीय रमेश भाई , बहुत सुन्दर भाव , लिये कुंडलिया के प्रयास के लिये आपको बधाई !!!!
आदरणीय रमेश जी आपकी कुण्डलिया ने निराश किया भाई जी आपने पहले भी कुण्डलिया छंद लिखा है और इससे कहीं बेहतर लिखा है इतनी जल्दबाजी क्यूँ भाई इतने सुन्दर भाव हैं किन्तु शिल्पगत त्त्रुटियों ने भाव को खा लिया. कृपया ओबीबो में समूह का अनुसरण करें.
पंख लगे जब भाव को, छंद ज्ञान हो माथ
ओबीओ में सीख ले, मिलता सबका साथ |----
भाई शुशील जोशी जी की सलाह पर गौर करे | रचना के भाव के लिए बधाई
भाव बहुत खूबसूरत हैं आदरणीय रमेश जी... लेकिन शिल्प में अनेक त्रुटियाँ हैं.... इसकी प्रथम दोनों पंक्तियों यानि दोहे के विषम चरणों के अंत में दो गुरु ठीक प्रतीत नहीं होते.... इसी प्रकार से इसके रोला भाग में भी दोष हैं... आप कुण्डलिया छंद की जानकारी इसी फोरम के समूह शीर्षक में ले सकते हैं.... बधाई इस रचना के लिए....
अच्छी रचना सन्देश परक आपकी कलम को नमन है साधुवाद !!
आवश्यक सूचना:-
1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे
2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |
3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |
4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)
5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |
© 2024 Created by Admin. Powered by
महत्वपूर्ण लिंक्स :- ग़ज़ल की कक्षा ग़ज़ल की बातें ग़ज़ल से सम्बंधित शब्द और उनके अर्थ रदीफ़ काफ़िया बहर परिचय और मात्रा गणना बहर के भेद व तकतीअ
ओपन बुक्स ऑनलाइन डाट कॉम साहित्यकारों व पाठकों का एक साझा मंच है, इस मंच पर प्रकाशित सभी लेख, रचनाएँ और विचार उनकी निजी सम्पत्ति हैं जिससे सहमत होना ओबीओ प्रबन्धन के लिये आवश्यक नहीं है | लेखक या प्रबन्धन की अनुमति के बिना ओबीओ पर प्रकाशित सामग्रियों का किसी भी रूप में प्रयोग करना वर्जित है |
You need to be a member of Open Books Online to add comments!
Join Open Books Online