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गज़ल (धूप पर बादलो का पहरा लगा हुआ है)

धूप पर बादलो का पहरा लगा हुआ है

उदासी का सबब और भी गहरा हुआ है

 

तूफ़ा से कह दो थोडा संभल कर चले

वक्त आज यहाँ कुछ बदला हुआ है

 

दुनिया का कैसा ये बाजार सजा है

जहाँ देखो हर रिश्ता बिका हुआ है

 

रात भर लिखती रही दर्द की दास्ता

रात का साया और भी गहरा हुआ है

 

देश की हालात मत पूछो तो अच्छा है

यहाँ हर इंसान इंसान से डरा हुआ है

 

देख कर खुशनुमा ये मंज़र हैरान हूँ मैं

एक फूल से सारा चमन महका हुआ है

        *****************

           महेश्वरी कनेरी  

       मौलिक और अप्रकाशित

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Comment

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Comment by Saarthi Baidyanath on February 1, 2014 at 10:42am

बहुत बढ़िया प्रयास ! बधाई स्वीकार करें !

Comment by coontee mukerji on January 31, 2014 at 9:06pm

बहुत सुंदर.

Comment by बृजेश नीरज on January 30, 2014 at 8:02pm

आदरणीया बहुत अच्छा प्रयास है! आपको हार्दिक बधाई!

इस लिंक पर ग़ज़ल की बातें समूह में बहुत उपयोगी जानकारियां हैं. उनका लाभ उठाएँ!

http://www.openbooksonline.com/group/gazal_ki_bateyn

Comment by Shyam Narain Verma on January 30, 2014 at 11:30am
बहुत बढ़िया गजल बधाई आपको । 
Comment by vandana on January 30, 2014 at 7:15am

आदरणीया बहुत सुन्दर भाव हैं 

इसी पेज पर नीचे महत्वपूर्ण लिंक्स हैं ग़ज़ल की बारीकियां सीखने में बहुत मददगार साबित होंगी 

Comment by Maheshwari Kaneri on January 29, 2014 at 8:00pm

 में यह मेरा पहला प्रयास है इस्के नियमॊ के बारे में कुछ नही जानती..'.बह्र मात्राए' क्या  होती हैं मुझे मालूम नही...आप सभी का मार्ग दर्शन चाहती हूँ..आभार..आप सभी का

Comment by Dr Ashutosh Mishra on January 29, 2014 at 4:56pm

इस शानदार ग़ज़ल पर मेरी तरफ से तहे दिल बधाई स्वीकार करें ..सादर 

Comment by Saarthi Baidyanath on January 29, 2014 at 10:42am

बढ़िया ग़ज़ल कही है आदरणीया आपने ! ...कुछ गुरुजनों की बातों पर जरुर अमल करें, और बढ़िया ग़ज़ल होगी ! नमन सहित  

Comment by annapurna bajpai on January 28, 2014 at 11:56pm

बहुत बढ़िया गजल आपको बहुत बधाई । 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 28, 2014 at 6:45pm

आदरणीया , सुन्दर भावों और विचारों से सजी आपकी रचना के लिये आपको बधाइयाँ ॥ ग़ज़ल के लिहाज़ से बह्र मे कुछ कमियाँ हैं ॥ सुन्दर प्रयास के लिये आपको पुनः बधाई ॥

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