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एक अच्छी शुरुवात है

कुछ नई सी बात है

आज सुरमई  प्रभात है

उम्मीद नहीं विश्वास है

एक अच्छी शुरुवात है

एक पग आगे बढ़ा

कोटि पग भी बढ़ चले

हाथों से हाथ मिले

दिलों के तार जुड़ते चले

ये भी जज्बात है

एक अच्छी शुरुवात है……….

जैसे छिप गया हो तम

अँधेरे की बौछार से

नवल कोंपलें खिल उठीं

बसंत की पुकार से

 प्रकॄति की सौगात है

एक अच्छी शुरुवात है………….

हौसलों की उड़ान भर

उद्धमी मन थकता नहीं

असंभव को संभव करदे

जो वक्त से डरता नहीं

ये हौसलों की बात है

एक अच्छी शुरुवात है……….

*************

  महेश्वरी कनेरी

मौलिक/ अप्रकाशित

Views: 737

Comment

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on June 9, 2014 at 2:12pm

प्रस्तुति के लिए बधाई. इस मंच पर हैं तो इसका साहित्यिक लाभ लें, आदरणीया..

सादर

Comment by Dr Ashutosh Mishra on June 4, 2014 at 2:03pm

आदरणीया कनेरी जी ..जेहन में आशावादिता का संचार करती एक शानदार रचना ..आपके ब्लॉग पर आपकी रचनाओं को पढने का सौभाग्य मिला था ..आज इस मंच पर भी यह अवसर मिला ..हार्दिक बधाई के साथ सादर 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on June 4, 2014 at 10:44am

आदरणीया  महेश्वरी जी , सुन्दर गीत रचना हुई है , बधाइयाँ ॥

Comment by annapurna bajpai on June 4, 2014 at 7:31am

वाह !! आ0 माहेश्वरी कनेरी जी बहुत सुंदर रचना , बधाई आपको । 

Comment by Meena Pathak on June 3, 2014 at 10:53pm

बहोत बहोत सुन्दर ..... बधाई 

Comment by coontee mukerji on June 3, 2014 at 9:32pm

कुछ नई सी बात है

आज सुरमई  प्रभात है

उम्मीद नहीं विश्वास है

एक अच्छी शुरुवात है......बहुत सुंदर

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on June 3, 2014 at 1:19pm

सुंदर सकारात्मक भाव, बधाई स्वीकारें आदरणीया माहेश्वरी जी

Comment by RACHNA JAIN on June 3, 2014 at 11:13am

शानदार अभिव्यक्ति के लिए हार्दिक बधाई ... !!

Comment by Maheshwari Kaneri on June 2, 2014 at 7:26pm

 उत्साह वर्धन के लिए आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद ..आभार सहित..


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on June 2, 2014 at 4:22pm

आदरणीया महेश्वरी जी इस प्रस्तुति के लिये आपको सादर बधाई

कृपया ध्यान दे...

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