For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

तरही ग़ज़ल- आयेंगे कब अच्छे दिन तू ही बता !

ग़ज़ल –
फाइलातुन फाइलातुन फाइलुन
२१२२ २१२२ २१२

एक रत्ती कम न ज़्यादा चाहिए |
मांगते हैं हक़ हमारा चाहिए |


कौन कहता है कि राजा चाहिए |
इस सियासत को पियादा चाहिए |


आयेंगे कब अच्छे दिन तू ही बता ,
कब तलक रखना भरोसा चाहिए |


वो मदारी हम जमूरे हैं फकत ,
हम मरें उनको ये वादा चाहिए |


वायदों के गीत गाये पांच साल ,
खेलने को वो खिलौना चाहिए |


उनकी आँखों ने मुझे बतला दिया,
डूबने वालों को दरया चाहिए |


बूँद में मोती की ताक़त है मियां ,
हर किसी को एक मौक़ा चाहिए |


बेटियाँ अफ़सोस अब भी बोझ हैं ,
हो नाकारा फिर भी बेटा चाहिए |


आश्वासन का ही दे दो झुनझुना ,
झूठ का ही हो सहारा चाहिए |

* सर्वथा मौलिक एवं अप्रकाशित .

- (C)अभिनव अरुण

Views: 890

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by विजय मिश्र on June 23, 2014 at 3:34pm
"
बूँद में मोती की ताक़त है मियां ,
हर किसी को एक मौक़ा चाहिए |
बेटियाँ अफ़सोस अब भी बोझ हैं ,
हो नाकारा फिर भी बेटा चाहिए |"
---- एहसासों ने कुढ़कर ही सही क्या बेहतरीन रंग लिया है |पूरी गजल पढ़ने पर तो दुष्यन्तजी अपने ऊँचे टोन में उभरने से लगते हैं |बहुत उम्दा , दाद कुबुलें |
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on June 23, 2014 at 11:09am

एक रत्ती कम न ज़्यादा चाहिए |
मांगते हैं हक़ हमारा चाहिए |

बहुत खूब आ० अरुण भाई -हर शेर लाजवाब है हार्दिक बधाई . साथ ही यह भी कहना है कि - हक़ तुम्हारा है तो हक़ से लीजिए , पर तनिक कर्त्तव्य का निर्वाह भी तो कीजिये .... अन्यथा न लें


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on June 23, 2014 at 10:14am

आदरणीय अभिनव अरुण भाई , क्या गज़ल कही है ! वाह !! हर शे र एक एक तीर की तरह सही निशाने पर लग रहे हैं ॥ पूरी गज़ल के लिये , हर शे र के लिये अलग अलग दाद हाज़िर है , स्वीकार करें ॥


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on June 23, 2014 at 8:19am

वाह वाह वाह इस ग़ज़ल के हर शेर की तासीर बयान नहीं की जा सकती सटीक वार किया है आपने हर शेर लाजवाब और सचेत करता हुआ हर शेर के लिये वाह वाह है आदरणीय अभिनव अरुण जी

Comment by Abhinav Arun on June 23, 2014 at 7:25am
आदरणीय श्री डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव जी आभारी हूँ रचना आपका आशीष पा धन्य हुई !!
Comment by Abhinav Arun on June 23, 2014 at 7:24am
आदरणीय डॉ विजय जी , डॉ मंजरी जी , श्री गुमनाम जी हार्दिक आभार !!
Comment by gumnaam pithoragarhi on June 22, 2014 at 9:54pm

waah sir ji bahut khoob ,,,badhai sweekaren......................

Comment by mrs manjari pandey on June 22, 2014 at 7:04pm
Kहार्दिक बधाई सामयिक ग़ज़ल के लिए अभिनव अरुण जी। बहुत सुन्दर
Comment by Dr. Vijai Shanker on June 22, 2014 at 6:56pm
बहुत सुन्दर अभिनव अरुण जी ,
आश्वासन का ही दे दो झुनझुना ,
झूठ का ही हो सहारा चाहिए |
बहुत बहुत बधाई .
सादर.
Comment by Abhinav Arun on June 22, 2014 at 6:47pm
स्वागत अभिवादन आदरणीया महिमा जी , आभार मेरे अशार पसंद आये , लिखना कहना सार्थक हुआ , थैंक्स !!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
5 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
20 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
23 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Wednesday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
Tuesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
Tuesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service