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जन्माष्टमी दोहावली

कृष्ण पक्ष की अष्टमी ,मध्यरात का काल
मथुरा में पैदा हुआ ,मोहक छवि का बाल ||

कृष्ण लला की झाँकियाँ ,करती भाव विभोर
आई जो जन्माष्टमी ,धूम मची चहुँ ओर ||

पुत्र देवकी वासु के ,पले यशोदा धाम
तारे सबकी आँख के,कृष्ण रखा था नाम ||

दोस्त सुदामा कृष्ण से ,देकर गए मिसाल
शासक,सेवक का मिलन,करता सदा कमाल ||

कृष्ण बचाने द्रौपदी ,अब तो लो अवतार
दुशासन हैं,गली गली , करते अत्याचार ||

युग पुरुष श्री कृष्ण थे कर्मयोगी महान
सारी मानव जाति को दे गए गीता ज्ञान ||

....................................................

.............मौलिक व अप्रकाशित.............

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Comment

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Comment by Sarita Bhatia on August 19, 2014 at 7:09pm

आदरणीय गोपाल सर हार्दिक आभार ...सादर 

Comment by Sarita Bhatia on August 19, 2014 at 7:08pm

आदरणीय विजय जी हार्दिक आभार ,हौंसला बढ़ाते रहें 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on August 19, 2014 at 10:57am

आ०  सविता बहन इन बेहतरीन दोहों के लिए हार्दिक बधाई .

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on August 19, 2014 at 10:47am

सुंदर दोहे रचे है आद सरिता भाटिया जी | बधाई -

कृष्ण पक्ष की अष्टमी ,मध्यरात का काल 
मथुरा में पैदा हुआ ,मोहक छवि का बाल || - मोहक छवि ले बाल | अधिक उपयुक्त और सम्मानजनक रहेगा 

पुत्र देवकी वासु के ,पले यशोदा धाम ----------- कुछ लय भंग भी लगती है | "वासु देवकी पूत है, पले यशोदा धाम" देखे कैसा रहेगा   

तारे सबकी आँख के,कृष्ण रखा था नाम ||

सादर 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on August 18, 2014 at 9:48pm

बहुत सुंदर दोहे आदरणीया सरिता जी. कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on August 18, 2014 at 9:19pm

कृष्ण बचाने द्रौपदी ,अब तो लो अवतार 
दुशासन हैं,गली गली , करते अत्याचार ||

कम से कम यह पुकार सुन लें श्री कृष्ण!

Comment by kalpna mishra bajpai on August 18, 2014 at 8:34pm

बहुत सुंदर दोहवाली .... बधाई 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on August 18, 2014 at 6:26pm

आदरणीया

अच्छे दोहे है i प्रारंभ बहुत प्रभावशाली है i

Comment by Dr. Vijai Shanker on August 18, 2014 at 4:41pm
बहुत सुन्दर .
कृष्ण बचाने द्रौपदी ,अब तो लो अवतार
दुशासन हैं,गली गली , करते अत्याचार ||
युग पुरुष श्री कृष्ण थे कर्मयोगी महान
सारी मानव जाति को दे गए गीता ज्ञान ||
आदरणीय सरिता भाटिया जी , बधाई .

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