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गजल - "एक तरफा प्यार की ये बेबसी मत पूछिये"

2122 2122 2122 212

एक तरफा प्यार की ये बेबसी मत पूछिये ।
रात दिन रहती है कैसी बेखुदी मत पूछिये ।

अब खुशी का साथ छूटे एक अरसा हो गया ,
किस कदर गम से हुयी है दोस्ती मत पूछिये ।

बोलती आँखेँ हैँ मेरी और लब खामोश हैँ ,
किस तरह आवाज दिल की है दबी मत पूछिये ।

लाख रोयेँ लाख तडपेँ पर भला किस से कहेँ ,
वो दिखायेँ हमको कैसी बेरुखी मत पूछिये ।

वाह वाही कीजिये गर दिल छुये मेरी गज़ल ,
कैसे हम करने लगे हैँ शायरी मत पूछिये ।

मौलिक व अप्रकाशित
नीरज मिश्रा

Views: 1737

Comment

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Comment by Neeraj Nishchal on November 29, 2014 at 11:35am
केतन भाई बहुत बहुत आभार ।
Comment by Neeraj Nishchal on November 29, 2014 at 11:34am
आदरणीय हरिवल्लभ जी बहुत बहुत शुक्रिया ।
Comment by Ketan Kamaal on November 29, 2014 at 10:49am

waaaaah

Comment by harivallabh sharma on November 28, 2014 at 11:52pm

बहुत सुन्दर ग़ज़ल हुई है आदरणीय Neeraj Mishra "प्रेम" जी...सभी अशआर सुन्दर..बधाई.

Comment by Neeraj Nishchal on November 28, 2014 at 8:35pm
बहुत बहुत शुक्रिया सोमेश जी आपका अंदाज अच्छा लगा
Comment by Neeraj Nishchal on November 28, 2014 at 3:19pm
आदरणीया राजेशकुमारी जी आप का आर्शीवाद पाकर कृतार्थ हुआ बहुत बहुत शुक्रिया ।
Comment by Neeraj Nishchal on November 28, 2014 at 2:59pm
आदरणीय बागी जी बहुत आह्लाद से भर गया आपका मेरी पोस्ट पर आना निश्चय ही आपको पूरा श्रेय जाता है कि आपने जो ये मंच निर्मित किया और हमारे जैसे अपनी जिद मेँ डूबे रचनाकार भी यहाँ आकर अपने आपको सवाँरने व निखारने की कोशिश करते हैँ और इतने सारे रचनाकारोँ के बीच अपनी रचनाओँ को मुकम्मल होते देखना वाकइ मेँ एक सुखद एहसास है इसके लिये मै आपका रोज रोज शुक्रिया करूँ तो भी शायद कम ही रहेगा । अपनी रचना पर आपकी अभिव्यक्ति पाकर बहुत अच्छा लगा बहुत बहुत आभार प्रकट करता हूँ ।
Comment by Neeraj Nishchal on November 28, 2014 at 2:22pm
आदरणीय प्रकाश दूबे जी बहुत बहुत आभार प्रकट करता हूँ आपका ।
Comment by Neeraj Nishchal on November 28, 2014 at 2:21pm
आदरणीय महर्षि त्रिपाठी जी बहुत बहुत शुक्रिया अदा करता हूँ आपका ।
Comment by somesh kumar on November 28, 2014 at 9:51am

वाह!

चलो अब कुछ नहीं पूछूँगा /बस दुआ है तुम्हारी कलम से ऐसे ही सुंदर कलाम लिखे जाते रहें |

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